बिहार में राशन कार्ड धारक सावधान! इन लोगों के राशन कार्ड होंगे ब्लॉक, कहीं आपका नाम तो नहीं?
छह महीने से राशन नहीं लेने वाले कार्डधारकों की होगी जांच
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी खबर है। अगर आपने पिछले कई महीनों से जन वितरण प्रणाली यानी PDS की दुकान से राशन नहीं उठाया है, तो अपने कार्ड की स्थिति को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। सरकार लंबे समय से निष्क्रिय पड़े राशन कार्डों की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पर जोर दे रही है। ऐसे कार्डों को लेकर यह बात सामने आ रही है कि लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले लाभार्थियों की जांच की जा सकती है और सत्यापन पूरा होने तक कार्ड को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जा सकता है।
हालांकि, कार्ड ब्लॉक होने का मतलब यह नहीं है कि लाभार्थी का राशन कार्ड हमेशा के लिए रद्द हो जाएगा। पात्र पाए जाने पर सत्यापन के बाद कार्ड को दोबारा सक्रिय करने का रास्ता मौजूद रह सकता है। इसलिए जिन परिवारों का राशन कार्ड लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है, उन्हें अपने PDS डीलर से संपर्क कर कार्ड और e-KYC की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।
राशन कार्ड को लेकर क्यों बढ़ी सतर्कता
जन वितरण प्रणाली के तहत पात्र परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है। बिहार के आधिकारिक राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम में पात्र परिवारों के नए राशन कार्ड बनाने, मौजूदा कार्ड में संशोधन और कार्ड सरेंडर करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
सरकार के लिए यह जरूरी है कि PDS में दर्ज लाभार्थियों का रिकॉर्ड वास्तविक और अपडेट रहे। लंबे समय तक राशन नहीं लेने वाले कार्डों की स्थिति अलग-अलग कारणों से हो सकती है। कई परिवार रोजगार या दूसरे कारणों से दूसरे स्थान पर चले जाते हैं, कुछ लोग अस्थायी रूप से राशन नहीं उठाते और कुछ मामलों में परिवार की परिस्थितियां बदल जाती हैं। इसी वजह से लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हो रहे कार्डों का सत्यापन किया जाना प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण माना जाता है।
छह महीने से राशन नहीं लेने वालों पर नजर
कार्यक्रम के मुताबिक, छह महीने या उससे अधिक समय से PDS दुकान से राशन नहीं लेने वाले कार्डों को जांच के दायरे में लाया जा सकता है। ऐसे लाभार्थियों को आम तौर पर निष्क्रिय या ‘साइलेंट कार्डधारक’ के तौर पर चिन्हित किए जाने की बात कही जा रही है।
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बताया गया है कि ऐसे कार्डों की पहचान के बाद संबंधित लाभार्थियों के रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है। यदि कार्ड वास्तविक है और परिवार पात्रता की शर्तों को पूरा करता है, तो सत्यापन के बाद लाभ जारी रखने की व्यवस्था की जा सकती है।

यानी सिर्फ लंबे समय तक राशन नहीं लेने से यह जरूरी नहीं कि व्यक्ति हमेशा के लिए सरकारी खाद्य सुविधा से बाहर हो जाए। असली सवाल यह होगा कि कार्डधारक पात्र है या नहीं और रिकॉर्ड में उसकी जानकारी सही है या नहीं।
राशन कार्ड धारकों के लिए 21 सितंबर की तारीख अहम
दिए गए विवरण के अनुसार, लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले लाभार्थियों को 21 सितंबर 2026 तक PDS डीलर से संपर्क कर राशन उठाने की सलाह दी जा रही है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कार्ड सक्रिय रूप से इस्तेमाल हो रहा है।
हालांकि, कार्डधारकों को इस तारीख को लेकर अपने स्थानीय PDS डीलर या संबंधित खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारी से जानकारी जरूर लेनी चाहिए, क्योंकि उपलब्ध आधिकारिक बिहार पोर्टल पर इस विशेष 21 सितंबर की समयसीमा की स्पष्ट सार्वजनिक अधिसूचना मुझे नहीं मिली।
बिहार राशन कार्ड पर 1 अक्टूबर से क्या होगा?
कार्यक्रम के अनुसार 1 अक्टूबर 2026 से लंबे समय से निष्क्रिय कार्डों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो सकती है। इसमें ऐसे राशन कार्डों को अस्थायी रूप से ब्लॉक करने और फिर सत्यापन की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही गई है।
यहां कार्डधारकों को एक महत्वपूर्ण अंतर समझना जरूरी है। अस्थायी ब्लॉक और स्थायी रद्दीकरण एक ही चीज नहीं हैं। अगर जांच में लाभार्थी पात्र पाया जाता है, तो सत्यापन के बाद कार्ड को फिर से सक्रिय किया जा सकता है। वहीं, यदि जांच में कार्ड फर्जी पाया जाता है या लाभार्थी सरकारी योजना की पात्रता पूरी नहीं करता, तो नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
e-KYC से होगी लाभार्थियों की पहचान
राशन कार्ड की जांच में e-KYC महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसका उद्देश्य लाभार्थी की पहचान और उसके रिकॉर्ड को अपडेट करना है। लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले कार्डों के मामले में e-KYC और फील्ड वेरिफिकेशन के जरिए यह पता लगाया जा सकता है कि कार्ड वास्तविक परिवार के पास है या नहीं।
बिहार के सरकारी AePDS पोर्टल पर PDS लेनदेन और e-KYC से संबंधित रिपोर्टिंग व्यवस्था उपलब्ध है। सितंबर 2026 के उपलब्ध आंकड़ों में राज्य में 2.03 करोड़ से अधिक कुल कार्ड और करीब 94 लाख से अधिक ऐसे कार्ड दिख रहे हैं जिनसे उस महीने राशन लिया गया था। इससे साफ है कि राशन वितरण की निगरानी अब डिजिटल सिस्टम के जरिए भी की जा रही है।
राशन कार्ड धारक अभी क्या करें?
अगर आपने पिछले छह महीने या उससे अधिक समय से राशन नहीं लिया है, तो सबसे पहले अपने PDS डीलर से संपर्क करें। कार्ड की वर्तमान स्थिति पूछें और यह पता करें कि आपका कार्ड सक्रिय है या किसी सत्यापन प्रक्रिया में है।
इसके साथ ही e-KYC की स्थिति भी जांच लें। अगर परिवार के किसी सदस्य की जानकारी बदली है, जैसे नाम, पता या परिवार के सदस्य से जुड़ी जानकारी, तो उपलब्ध आधिकारिक प्रक्रिया के माध्यम से रिकॉर्ड को अपडेट कराने की जरूरत हो सकती है।
बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल पर राशन कार्ड विवरण की जांच करने की सुविधा भी उपलब्ध है। इसके जरिए कार्डधारक अपने राशन कार्ड से संबंधित जानकारी देख सकते हैं।
बिहार राशन कार्ड की स्थिति ऑनलाइन कैसे देखें?
बिहार के Food and Consumer Protection Department के आधिकारिक पोर्टल पर ‘Search Your Ration Card’ सुविधा उपलब्ध है। कार्डधारक जिला और राशन कार्ड संख्या के माध्यम से संबंधित जानकारी खोज सकते हैं।
इसके अलावा बिहार के ServicePlus पोर्टल पर Food & Consumer Protection Department के तहत राशन कार्ड आवेदन और राशन कार्ड विवरण सत्यापन से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।
इसलिए किसी अनधिकृत वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट पर भरोसा करने के बजाय कार्डधारक सरकारी पोर्टल अथवा अपने स्थानीय PDS डीलर से जानकारी लेना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
कार्ड ब्लॉक होने के बाद क्या होगा?
यदि किसी कार्ड को अस्थायी रूप से ब्लॉक किया जाता है, तो सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि लाभार्थी सत्यापन प्रक्रिया पूरी करे। पात्र लाभार्थी को अपने दस्तावेज और पहचान संबंधी जानकारी उपलब्ध करानी पड़ सकती है।

फील्ड वेरिफिकेशन के दौरान अधिकारी यह जांच सकते हैं कि संबंधित परिवार वास्तव में दिए गए पते पर रहता है या नहीं और वह सरकारी खाद्य योजना के लिए पात्र है या नहीं।
यदि सत्यापन सफल रहता है, तो कार्ड को फिर से सक्रिय करने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। दूसरी ओर, गलत या अपात्र रिकॉर्ड मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई संभव है।
फर्जी और अपात्र कार्डों पर क्यों कार्रवाई?
PDS व्यवस्था का उद्देश्य पात्र परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाना है। इसलिए लाभार्थियों का रिकॉर्ड सही रखना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति की पात्रता समाप्त हो चुकी है या रिकॉर्ड में गलत जानकारी दर्ज है, तो सत्यापन के बाद उस कार्ड पर कार्रवाई की जा सकती है।
बिहार के आधिकारिक राशन कार्ड सिस्टम में कार्ड संशोधन और सरेंडर जैसी सुविधाएं भी मौजूद हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि लाभार्थियों के रिकॉर्ड को अपडेट रखना व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले परिवारों को घबराने के बजाय अपने कार्ड की स्थिति जांचनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर PDS डीलर या संबंधित विभाग से संपर्क करना चाहिए।
अभी सबसे जरूरी बात क्या है?
लंबे समय से राशन नहीं लेने वाले बिहार के राशन कार्ड धारकों को अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए। अपने नजदीकी PDS डीलर से संपर्क कर यह पता करें कि कार्ड सक्रिय है या नहीं, राशन उठाने में कोई समस्या तो नहीं है और e-KYC पूरी है या नहीं।
साथ ही, 1 अक्टूबर 2026 से कार्ड ब्लॉक होने और 21 सितंबर तक राशन उठाने संबंधी किसी भी अंतिम निर्णय के लिए स्थानीय खाद्य एवं आपूर्ति कार्यालय या आधिकारिक सरकारी सूचना को प्राथमिकता दें। उपलब्ध आधिकारिक पोर्टल पर राशन कार्ड और PDS से जुड़ी ऑनलाइन सुविधाएं सक्रिय हैं, लेकिन ऊपर बताई गई विशेष समयसीमाओं की स्पष्ट अधिसूचना सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध नहीं मिली है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
