प्रदेश में मानसून की विदाई से पहले आफत, 21 जिलों में येलो अलर्ट जारी, पटना समेत 14 जिले निशाने पर
बिहार में बारिश और वज्रपात को लेकर मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। बिहार मौसम एक बार फिर बदल गया है। मानसून की विदाई से पहले प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 17 सितंबर को दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार के साथ कई अन्य इलाकों में आंधी और वज्रपात को लेकर सतर्क किया है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक 17 और 18 सितंबर को मानसून से बिहार में मौसम खराब रहने की संभावना है। वहीं पटना में भी 17 सितंबर को गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दर्ज की गई है।
ऐसे में लोगों को खास सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर खुले मैदान, खेत, जलजमाव वाले इलाके और पेड़ों के आसपास रहने वाले लोगों को मौसम बिगड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी गई है।
बिहार मौसम में फिर सक्रिय हुआ मानसून
सितंबर के दूसरे पखवाड़े में मानसून की गतिविधियों में एक बार फिर तेजी देखी जा रही है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बादलों की आवाजाही के बीच बारिश का सिलसिला जारी है। दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्वी बिहार में इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिल सकता है।
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मौसम विभाग ने 17 सितंबर को कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है।
इस दौरान मौसम अचानक बदल सकता है। धूप निकलने के बाद अचानक बादल घिरने, तेज हवा चलने और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है। इसलिए बाहर निकलने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी लेते रहने की सलाह दी गई है।
जमुई, मुंगेर और नवादा में मानसून से भारी बारिश का खतरा
दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ जिलों में मौसम का असर ज्यादा गंभीर रह सकता है। 17 सितंबर को जमुई, मुंगेर और नवादा में भारी बारिश की चेतावनी बताई गई है। इन जिलों में बारिश के साथ गरज और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।
तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम कर रहे किसानों को भी विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी। बिजली गिरने के दौरान खुले खेत में रहना जोखिम भरा हो सकता है।
पटना समेत इन जिलों में गरज-चमक के आसार
राजधानी पटना सहित गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, शेखपुरा, बेगूसराय और लखीसराय में भी गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है। पटना के लिए IMD के शहरवार पूर्वानुमान में 17 सितंबर को गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है।
राजधानी में मौसम पूरी तरह साफ रहने के बजाय आंशिक रूप से बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर बारिश या गरज के साथ मौसम बदलने की संभावना है। ऐसे में दोपहर और शाम के समय विशेष सतर्कता जरूरी होगी।
उत्तर बिहार में भी बारिश की संभावना, मानसून फिर सक्रिय
उत्तर-पश्चिम बिहार के पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। उत्तर-मध्य बिहार के सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर और समस्तीपुर में भी कुछ स्थानों पर बारिश के आसार हैं।

उत्तर-पूर्वी बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में भी बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में बादलों की आवाजाही के साथ स्थानीय स्तर पर गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
दक्षिण-पूर्वी बिहार में मानसून से तेज हवाओं का असर
भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की स्थिति में कमजोर ढांचे, होर्डिंग, टिन की छत और बिजली के खंभों के आसपास खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम खराब होने के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचना चाहिए। प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेना जरूरी है।
मानसून की बारिश के बीच किसानों को सावधानी
बारिश का यह दौर किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण है। खेतों में काम करने वाले लोगों को आकाश में बिजली चमकने या तेज गर्जना शुरू होने पर खुले स्थान से तुरंत हट जाना चाहिए। खेत, तालाब, नदी या जलजमाव वाले इलाके में खड़े रहना खतरनाक हो सकता है। बिजली गिरने के दौरान किसी बड़े पेड़ के नीचे खड़े होने से भी बचना चाहिए। यदि आसपास पक्का मकान या सुरक्षित आश्रय उपलब्ध हो तो वहां जाना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
मानसून में वज्रपात से बचने के लिए क्या करें?
मौसम विभाग की चेतावनी के दौरान खुले मैदान में जाने से बचना चाहिए। अगर व्यक्ति बाहर है और अचानक तेज गर्जना या बिजली चमकने लगे तो जल्द से जल्द किसी सुरक्षित पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए।
बड़े पेड़, बिजली के खंभे, होर्डिंग और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना जरूरी है। जलाशय या पानी से भरे स्थान के आसपास मौजूद लोगों को भी तुरंत सुरक्षित जगह पर चले जाना चाहिए।
तेज हवाओं में बाइक या अन्य दोपहिया वाहन चलाने वाले लोगों को भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सड़क पर पेड़ या बिजली के तार गिरने की स्थिति में आगे बढ़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर रुकना बेहतर होगा।
मानसून के बाद भी मौसम में उतार-चढ़ाव
मानसून की विदाई से पहले बिहार में मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। IMD के 17 सितंबर के राज्यवार चेतावनी अपडेट में 17 और 18 सितंबर को भारी बारिश तथा गरज-चमक और तेज हवा से जुड़ी गतिविधियों की चेतावनी है, जबकि इसके बाद के दिनों में चेतावनी में कमी दिखाई गई है।
हालांकि इसका अर्थ यह नहीं है कि पूरे प्रदेश में एक साथ भारी बारिश होगी। मौसम की गतिविधियां जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज बारिश और वज्रपात की स्थिति बन सकती है।
पटना में भी सतर्क रहने की जरूरत
राजधानी पटना में फिलहाल मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ रहा है। IMD के अनुसार 17 सितंबर को शहर में गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी है। ऐसे में पटना के लोगों को खासकर शाम के समय मौसम पर नजर रखनी चाहिए। बाहर निकलने से पहले मौसम का अपडेट देखना और तेज बारिश या आंधी की स्थिति में यात्रा टालना उपयोगी रहेगा।
प्रशासन की अपील, मानसून अलर्ट को हल्के में न लें
मौसम में अचानक बदलाव के दौरान सबसे ज्यादा खतरा वज्रपात और तेज हवाओं से हो सकता है। इसलिए मौसम विभाग के अलर्ट को सामान्य बारिश की चेतावनी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

विशेष रूप से किसान, मजदूर, सड़क किनारे काम करने वाले लोग और खुले इलाकों में रहने वाले लोगों को अधिक सतर्क रहना होगा। बच्चों और बुजुर्गों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर भेजने से बचना चाहिए।
बिहार में 17 और 18 सितंबर को मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। ऐसे में लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनी पर नजर रखने और वज्रपात के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की जरूरत है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
