कर्मा पूजा पर पटना में बड़ा हादसा, 11 लोग नदी में डूबे, एक की मौत, 6 लापता

पटना

पटना में कर्मा पूजा विसर्जन के दौरान गंगा में 11 लोग डूबे

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। पटना जिले के बाढ़ अनुमंडल में कर्मा-धर्मा पूजा की खुशियां बुधवार को अचानक मातम में बदल गईं। पूजा के बाद गंगा नदी में मूर्ति विसर्जन और स्नान के दौरान अलग-अलग जगहों पर हुए हादसों में कुल 11 लोग डूबने लगे। इनमें चार लोगों को स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि एक युवक का शव बरामद हुआ है। छह लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। हादसों के बाद प्रशासन ने स्थानीय गोताखोरों और एसडीआरएफ की मदद से बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया है।

पटना के बाढ़ अनुमंडल में अलग-अलग हादसे

एक ही दिन में पटना के बाढ़ अनुमंडल के तीन थाना क्षेत्रों में गंगा नदी में डूबने की घटनाएं सामने आईं। बाढ़ थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस घाट, अथमलगोला थाना क्षेत्र के उस्मानपुर और पटना के बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चंपापुर गांव के पास हादसे हुए। सभी घटनाएं कर्मा-धर्मा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन या नदी में स्नान के दौरान हुईं।

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पटना प्रशासन के अनुसार, इन घटनाओं में कुल 11 लोगों के डूबने की सूचना मिली। स्थानीय लोगों की तत्परता से चार लोगों की जान बचाई जा सकी, लेकिन एक युवक का शव बरामद किया गया। छह लोगों की तलाश अभी भी जारी है।

पटना के पोस्ट ऑफिस घाट पर तीन किशोर डूबे

पटना जिले के बाढ़ थाना क्षेत्र के पोस्ट ऑफिस घाट पर सुबह कर्मा पूजा की मूर्ति विसर्जित करने पहुंचे तीन बच्चे गंगा में डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत मदद की और एक बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दो किशोर गंगा की तेज धारा में लापता हो गए।

लापता किशोरों की पहचान गुलाबबाग नया टोला निवासी 10 वर्षीय पीयूष कुमार और 15 वर्षीय सुजीत कुमार के रूप में हुई है। घटना की जानकारी मिलते ही उनके परिवार के लोग घाट पर पहुंचे। दोनों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

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पीयूष की मां ने बताया कि वह अपने बेटे को मूर्ति विसर्जन के लिए घाट पर भेजकर घर पर थीं। परिवार के सदस्य भी बाद में घाट की ओर जा रहे थे। विसर्जन के बाद बच्चों ने गंगा में स्नान करना शुरू किया और इसी दौरान हादसा हो गया।

पटना में स्थानीय गोताखोरों ने शुरू की तलाश

बाढ़ की अंचलाधिकारी रानी कुमारी के अनुसार, घटना के बाद तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय गोताखोरों को नदी में उतारा गया और एसडीआरएफ को भी सूचना दी गई। लापता बच्चों की तलाश के लिए नदी के आसपास के हिस्सों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

हादसे की जानकारी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। नदी में तेज बहाव और गहराई के कारण बचाव दल को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

पटना के अथमलगोला में भाई-बहन लापता

दूसरा हादसा अथमलगोला थाना क्षेत्र के उस्मानपुर वार्ड नंबर 9 में हुआ। यहां कर्मा पूजा की मूर्ति विसर्जन के दौरान भाई-बहन गंगा नदी में डूब गए। दोनों के नदी में लापता होने की सूचना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

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अथमलगोला थानाध्यक्ष राहुल कुमार ने घटना की पुष्टि की है। पुलिस के अनुसार, स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश की जा रही है। एसडीआरएफ की टीम को भी सूचना दी गई है। परिजन घाट पर पहुंचकर अपने दोनों बच्चों के सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

बख्तियारपुर में छह युवक गंगा में डूबे

सबसे बड़ी घटना बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के चंपापुर गांव के पास सामने आई। यहां कर्मा-धर्मा पूजा के बाद मूर्ति विसर्जन के लिए गए छह युवक गंगा में डूबने लगे। अचानक हुए हादसे के बाद वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

स्थानीय लोगों ने तत्काल नदी में उतरकर बचाव की कोशिश की और तीन युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं तीन युवक नदी में डूब गए। इसके बाद शुरू किए गए तलाशी अभियान में एक युवक का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।

बख्तियारपुर में एक युवक की मौत, दो लापता

बख्तियारपुर की घटना में बरामद शव की पहचान देदौर गांव के बबलू बगीचा निवासी साहिल कुमार के रूप में हुई है। साहिल रामेश्वर मोची का पुत्र था। शव मिलने की खबर के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

वहीं, गोलू कुमार और बलवीर कुमार अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बलवीर को लेकर परिजनों की चिंता और बढ़ गई है। रिपोर्टों के अनुसार, वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।

बख्तियारपुर थानाध्यक्ष विनोद कुमार ने बताया कि घटना की सूचना अंचलाधिकारी को दी गई है। एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया गया है और स्थानीय गोताखोरों की मदद से नदी में तलाश जारी है।

पटना में एक साथ शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन

बाढ़ अनुमंडल के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में एक साथ कई लोगों के लापता होने के बाद प्रशासन ने बचाव अभियान तेज कर दिया है। स्थानीय गोताखोरों के साथ एसडीआरएफ की टीमों को भी तलाश अभियान में लगाया गया है।

रेस्क्यू टीमों का ध्यान उन स्थानों पर है जहां हादसे हुए। नदी में पानी की गहराई, तेज बहाव और स्थानीय परिस्थितियों के कारण तलाश अभियान चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार घटनास्थलों से स्थिति की जानकारी ले रहे हैं।

कर्मा पूजा के दौरान नदी में बढ़ी भीड़

कर्मा-धर्मा पूजा के अवसर पर बड़ी संख्या में लोग पूजा और मूर्ति विसर्जन के लिए नदी और तालाबों के किनारे पहुंचते हैं। कई जगहों पर पूजा के बाद श्रद्धालु नदी में स्नान भी करते हैं। ऐसे में गहरे पानी और तेज बहाव वाले स्थानों पर हादसे का खतरा बढ़ जाता है।

बाढ़ अनुमंडल में सामने आई घटनाओं ने नदी घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि हादसों के वास्तविक कारण और स्थानीय परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी प्रशासनिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

पटना में हादसे के बाद परिजनों में मचा कोहराम

एक साथ कई लोगों के डूबने की खबर फैलते ही संबंधित गांवों और घाटों पर बड़ी संख्या में परिजन और स्थानीय लोग पहुंच गए। लापता लोगों के परिवार लगातार नदी किनारे अपने परिजनों के लौटने की उम्मीद लगाए हुए हैं।

बचाव अभियान के दौरान लोगों की भीड़ भी जुटी रही। प्रशासन की ओर से लोगों से रेस्क्यू अभियान में बाधा नहीं डालने और नदी के खतरनाक हिस्सों से दूर रहने की अपील की जा रही है।

फिलहाल छह लोगों की तलाश जारी

बाढ़ अनुमंडल में सामने आए तीनों हादसों में चार लोगों को बचाया गया है, एक युवक का शव बरामद हुआ है और छह लोग अभी लापता हैं। पुलिस और प्रशासन की निगरानी में स्थानीय गोताखोरों तथा एसडीआरएफ की टीमों का अभियान जारी है।

लापता लोगों की तलाश पूरी होने और प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी जारी किए जाने के बाद ही हादसे की पूरी तस्वीर सामने आएगी। फिलहाल कर्मा पूजा के दौरान हुई इन घटनाओं ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट

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