बिहार में फिर बदलेगा मौसम, 28 को बारिश का अलर्ट, कई जिलों में गरज-चमक
बिहार का मौसम बदलेगा, 28 सितंबर को बारिश और गरज-चमक का अलर्ट
निष्कर्ष भारत, संवाददाता ( पटना)। बिहार का मौसम एक बार फिर बदलने वाला है। मानसून की सक्रियता के बीच 28 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के अनुसार 28 सितंबर को उत्तर-पश्चिम बिहार में कुछ स्थानों पर बारिश होने की संभावना है। वहीं, राज्य के अन्य हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर वर्षा हो सकती है।
मौसम विभाग ने बारिश के साथ वज्रपात और गरज-चमक की गतिविधियों को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। मौसम में यह बदलाव कई सक्रिय मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से होने की संभावना है। हालांकि, बारिश के बाद भी राज्य के कई हिस्सों में तापमान बढ़ सकता है।
मौसम में बदलाव के पीछे कई सिस्टम सक्रिय
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तरी मध्य उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र 27 सितंबर को सक्रिय रहा। इसके साथ ही इस सिस्टम से जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी बना हुआ है। अनुमान है कि अगले 12 घंटे में यह मौसमी सिस्टम पश्चिम दिशा की ओर बढ़ सकता है और धीरे-धीरे कमजोर पड़ सकता है।
इसके कमजोर होने के बावजूद इसका प्रभाव बिहार के मौसम पर बना रह सकता है। यही वजह है कि 28 सितंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की स्थिति बनने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग की नजर दूसरे सिस्टम पर भी
बिहार के मौसम को प्रभावित करने वाला एक और महत्वपूर्ण सिस्टम राज्य के दक्षिणी हिस्सों से होकर गुजर रहा है। बिहार से झारखंड और ओडिशा होते हुए पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक उत्तर-दक्षिण दिशा में एक गर्त बना हुआ है।
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यह गर्त भी वातावरण में नमी और बादलों की गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। इसके कारण बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश के साथ वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून के अंतिम चरण में इस तरह की मौसमी प्रणालियां बारिश के स्थानीय दौर को प्रभावित कर सकती हैं।
म्यांमार के पास भी बना है निम्न दबाव
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिणी तटीय म्यांमार और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके आगे बढ़कर उत्तर अंडमान सागर और आसपास के इलाकों की ओर जाने की संभावना है।
समुद्री क्षेत्र में बनने वाली ऐसी प्रणालियों का असर आगे चलकर पूर्वी और मध्य भारत के मौसम पर पड़ सकता है। हालांकि बिहार पर इसका प्रभाव कितना होगा, यह सिस्टम की आगे की दिशा और मजबूती पर निर्भर करेगा।
28 सितंबर को उत्तर-पश्चिम बिहार में बारिश
28 सितंबर को राज्य के उत्तर-पश्चिम हिस्सों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। यहां कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा बिहार के दूसरे हिस्सों में भी एक-दो स्थानों पर वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
बारिश के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने जैसी मौसमी गतिविधियों की संभावना को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खासकर खेतों में काम करने वाले लोगों और खुले इलाकों में रहने वालों को मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर जाने की सलाह दी जाती है।
मौसम में बारिश के साथ बढ़ेगा तापमान
बिहार में मौसम का अगला बदलाव सिर्फ बारिश तक सीमित नहीं रहेगा। विभाग के अनुसार अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।
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इसका मतलब है कि बारिश की संभावना के बावजूद दिन के समय गर्मी और उमस बढ़ सकती है। कुछ इलाकों में बादल छाने और बारिश होने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन बारिश के बाद धूप निकलने पर उमस की स्थिति फिर बन सकती है।
न्यूनतम तापमान में बड़ा बदलाव नहीं
अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी की संभावना के बीच रात के तापमान में फिलहाल बड़े बदलाव के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो-तीन दिनों के दौरान राज्य के न्यूनतम तापमान में खास परिवर्तन होने की संभावना कम है।
इससे दिन और रात के तापमान में अंतर बना रह सकता है। दिन में गर्मी और उमस महसूस होने के बावजूद रात के तापमान में बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है।
मौसम के बदलाव से खेती पर भी असर
सितंबर के अंतिम दिनों में होने वाली बारिश का असर खेती पर भी पड़ सकता है। जिन इलाकों में बारिश कम हो रही है, वहां हल्की बारिश से खेतों में नमी बढ़ सकती है। वहीं, जहां पहले से पर्याप्त नमी है, वहां लगातार बारिश किसानों के लिए परेशानी भी पैदा कर सकती है।

गरज-चमक और तेज बारिश के दौरान किसानों को विशेष सावधानी बरतनी होगी। खेतों या खुले स्थानों पर काम करते समय मौसम खराब होने की स्थिति में पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए और सुरक्षित स्थान पर जाना चाहिए।
मौसम विभाग की चेतावनी पर रखें नजर
मानसून के अंतिम चरण में मौसम तेजी से बदल सकता है। एक ही दिन में किसी क्षेत्र में बारिश तो दूसरे इलाके में धूप और उमस की स्थिति बन सकती है। ऐसे में स्थानीय मौसम पूर्वानुमान और विभाग की चेतावनियों पर नजर रखना जरूरी है।
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28 सितंबर को उत्तर-पश्चिम बिहार में बारिश की संभावना के साथ राज्य के अन्य हिस्सों में भी छिटपुट वर्षा हो सकती है। गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने का जोखिम बना रहने के कारण लोगों को खुले मैदान, खेत और जलाशयों के आसपास सावधानी बरतनी चाहिए।
आगे कैसा रहेगा बिहार का मौसम?
फिलहाल बिहार में मानसून पूरी तरह कमजोर नहीं हुआ है। अलग-अलग मौसमी प्रणालियों के कारण राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। हालांकि अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री की बढ़ोतरी मौसम के गर्म होने का संकेत दे रही है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 सितंबर को उत्तर-पश्चिम बिहार में बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां हो सकती हैं। वहीं, अगले दो-तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। ऐसे में बिहार का मौसम आने वाले दिनों में बारिश, उमस और बढ़ते दिन के तापमान के बीच बदलता नजर आएगा।
