ततेरी’ गाने पर विवाद: रैपर बादशाह के म्यूजिक वीडियो पर अश्लीलता के आरोप, हरियाणा पुलिस में शिकायत

बादशाह

हरियाणा में मशहूर रैपर बादशाह का नया गाना “ततेरी” इन दिनों विवादों में घिर गया है। इस गाने के लिरिक्स और म्यूजिक वीडियो को लेकर कई सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोगों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है।

हरियाणा में मशहूर रैपर बादशाह का नया गाना “ततेरी” इन दिनों विवादों में घिर गया है। इस गाने के लिरिक्स और म्यूजिक वीडियो को लेकर कई सामाजिक संगठनों, स्थानीय लोगों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई है। आरोप है कि गाने में इस्तेमाल की गई भाषा और वीडियो में दिखाए गए दृश्य महिलाओं की अशोभनीय और आपत्तिजनक प्रस्तुति करते हैं।

विवाद बढ़ने के बाद हरियाणा पुलिस में इस गाने के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई गई है। वहीं, इस मामले ने राज्य के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी बहस छेड़ दी है।

‘ततेरी’ शब्द का क्या है मतलब

दरअसल “ततेरी” शब्द हरियाणवी भाषा से लिया गया है। यह शब्द ग्रे फ्रैंकोलिन नाम के एक पक्षी के लिए इस्तेमाल होता है, जो उत्तर भारत के ग्रामीण इलाकों में आमतौर पर पाया जाता है।

लोक संस्कृति और लोकगीतों में इस पक्षी के नाम का प्रयोग कई बार रूपक के तौर पर किया जाता है। कुछ पारंपरिक गीतों में “ततेरी” शब्द का इस्तेमाल किसी चंचल या आकर्षक लड़की के लिए भी किया जाता रहा है।

हालांकि, आधुनिक पॉप और रैप संगीत में इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल कई बार दोहरे अर्थों के साथ किया जाता है। यही कारण है कि इस गाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

लिरिक्स पर अश्लीलता के आरोप

आलोचकों का कहना है कि गाने के बोलों में बार-बार एक लड़की को “ततेरी” कहकर संबोधित किया गया है और कई लाइनों में छेड़छाड़, फ्लर्ट और शारीरिक आकर्षण से जुड़े संकेत दिए गए हैं।

कई सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि गाने के कुछ शब्द और वाक्य ऐसे हैं जिनमें दोहरे अर्थ छिपे हुए हैं और जो महिलाओं को वस्तु की तरह पेश करते हैं।

हालांकि, कुछ लोग इसे सिर्फ मनोरंजन के तौर पर देख रहे हैं। उनका कहना है कि रैप और क्षेत्रीय संगीत में इस तरह की चुटीली भाषा और अतिशयोक्ति लंबे समय से इस्तेमाल होती रही है।

म्यूजिक वीडियो ने बढ़ाया विवाद

इस पूरे विवाद का सबसे बड़ा कारण सिर्फ गाने के बोल नहीं बल्कि उसका म्यूजिक वीडियो भी बताया जा रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, वीडियो में कुछ लड़कियां स्कूल यूनिफॉर्म जैसी ड्रेस पहनकर एक क्लासरूम जैसे माहौल में डांस करती नजर आती हैं। इस जगह का नाम “Badshala” दिखाया गया है, जो “पाठशाला” शब्द का एक स्टाइलिश रूप माना जा रहा है।

आलोचकों का कहना है कि जब डबल मीनिंग लिरिक्स के साथ स्कूल जैसे माहौल और स्कूल यूनिफॉर्म में लड़कियों को दिखाया जाता है, तो यह एक असहज और अनुचित संदेश देता है।

कई लोगों का मानना है कि इससे स्कूल जैसी जगह, जो शिक्षा और अनुशासन से जुड़ी होती है, उसकी छवि को हल्का दिखाया गया है।

महिला आयोग ने भी जताई चिंता

इस विवाद ने Haryana State Commission for Women का भी ध्यान खींचा है। आयोग की चेयरपर्सन Renu Bhatia ने कहा कि इस तरह के वीडियो महिलाओं की अनुचित और अपमानजनक प्रस्तुति को बढ़ावा दे सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले की गंभीरता से जांच की जानी चाहिए क्योंकि इस तरह की सामग्री का असर युवाओं और बच्चों पर भी पड़ सकता है।

कानून के तहत कार्रवाई की मांग

शिकायत में यह भी कहा गया है कि इस गाने के लिरिक्स और वीडियो को Indecent Representation of Women (Prohibition) Act, 1986 के तहत देखा जाना चाहिए। यह कानून मीडिया और विज्ञापनों में महिलाओं की अशोभनीय या यौनिक प्रस्तुति को रोकने के लिए बनाया गया है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इंटरनेट और सोशल मीडिया के दौर में ऐसे वीडियो लाखों लोगों तक पहुंचते हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा सकता है।

यूट्यूब से हटाया गया वीडियो

विवाद बढ़ने के बाद खबर है कि “ततेरी” गाने का वीडियो यूट्यूब से हटा दिया गया है।

बताया जा रहा है कि मामले की जांच के दौरान हरियाणा पुलिस ने आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है और गायक के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है।

समर्थकों ने किया बचाव

दूसरी ओर, रैपर बादशाह के समर्थकों का कहना है कि हरियाणवी और पंजाबी संगीत में रूपक, मजाक और छेड़छाड़ वाली भाषा का इस्तेमाल लंबे समय से होता आया है।

उनका तर्क है कि इस गाने को जरूरत से ज्यादा गंभीरता से लिया जा रहा है और इसे सिर्फ मनोरंजन के तौर पर देखा जाना चाहिए।

सोशल मीडिया पर बहस जारी

फिलहाल यह विवाद सोशल मीडिया पर भी चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। कुछ लोग गाने पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जोड़कर देख रहे हैं।

हालांकि, यह साफ है कि “ततेरी” गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब केवल एक म्यूजिक वीडियो तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह महिलाओं की प्रस्तुति, सांस्कृतिक मूल्यों और मनोरंजन की सीमाओं पर बड़ी बहस का रूप ले चुका है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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