बिहार बोर्ड परीक्षा 2026: सख्त नियम, AI निगरानी और जीरो टॉलरेंस—जानिए क्या बदलेगा इस बार

बिहार बोर्ड परीक्षा

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बिहार बोर्ड परीक्षा 2026 में लागू होंगे सख्त नियम, AI निगरानी, डिजिटल सिस्टम और जीरो टॉलरेंस नीति। मैट्रिक व इंटर परीक्षा की तारीख, प्रवेश समय, सुरक्षा व्यवस्था और फर्जी सर्टिफिकेट पर कार्रवाई से जुड़ी पूरी जानकारी पढ़ें।

पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने वर्ष 2026 की मैट्रिक (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा को लेकर अब तक का सबसे सख्त और तकनीक-आधारित खाका तैयार कर लिया है। बोर्ड ने साफ संकेत दे दिया है कि इस बार परीक्षा सिर्फ प्रश्नपत्र हल करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि समय की पाबंदी, दस्तावेजों की शुद्धता और तकनीकी निगरानी भी परीक्षा पास करने की अनिवार्य शर्त होगी। लापरवाही, कदाचार और फर्जीवाड़े के लिए बोर्ड ने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।

परीक्षा का समय और प्रवेश नियम बेहद सख्त

बिहार बोर्ड परीक्षा 2026 में समय को लेकर कोई ढील नहीं दी जाएगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे शुरू होगी, लेकिन परीक्षार्थियों को सुबह 8:30 बजे तक ही परीक्षा केंद्र में प्रवेश करना होगा। सुबह 9 बजे गेट पूरी तरह बंद कर दिए जाएंगे। इसके बाद किसी भी स्थिति में प्रवेश नहीं मिलेगा।

दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से होगी। इसके लिए 1 बजे से प्रवेश शुरू होगा और 1:30 बजे के बाद गेट बंद कर दिए जाएंगे। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि देर से पहुंचने की पूरी जिम्मेदारी परीक्षार्थी की होगी।

परीक्षा तिथियां पहले से घोषित

  • इंटरमीडिएट (12वीं) परीक्षा: 1 फरवरी से 13 फरवरी 2026
  • मैट्रिक (10वीं) परीक्षा: 17 फरवरी 2026 से

बोर्ड ने छात्रों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से पहले केंद्र का रास्ता, समय और नियमों की पूरी जानकारी ले लें, ताकि अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी न हो।

रिकॉर्ड संख्या में परीक्षार्थी

इस बार बिहार बोर्ड की परीक्षाओं में रिकॉर्ड संख्या में छात्र शामिल होंगे।

  • मैट्रिक परीक्षा: 15,12,963 परीक्षार्थी, 1,699 परीक्षा केंद्र
  • इंटरमीडिएट परीक्षा: 13,17,846 परीक्षार्थी, 1,762 परीक्षा केंद्र

इतनी बड़ी संख्या को देखते हुए बोर्ड ने सुरक्षा और प्रबंधन के लिए व्यापक तैयारियां की हैं।

परीक्षा केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

हर परीक्षा केंद्र पर दंडाधिकारी, पुलिस बल और परीक्षा पदाधिकारी तैनात रहेंगे। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त पुलिस बल की व्यवस्था की गई है। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिनकी निगरानी कंट्रोल रूम से होगी।

परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ डिवाइस, ईयरफोन, कैमरा या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। प्रवेश से पहले सघन जांच होगी। महिला परीक्षार्थियों के लिए महिला सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगी।

डिजिटल और वेब-आधारित निगरानी

बिहार बोर्ड 2026 की परीक्षा को पूरी तरह डिजिटल सिस्टम से जोड़ रहा है। ऑनलाइन फॉर्म भरने से लेकर एडमिट कार्ड, उपस्थिति, उत्तर पुस्तिकाओं के मूवमेंट और रिजल्ट प्रोसेसिंग तक हर चरण डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगा। इससे मानवीय गलती और गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाएगी।

AI से फर्जी सर्टिफिकेट पर बड़ा प्रहार

बिहार बोर्ड का सबसे ऐतिहासिक कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल है। 2026 से AI की मदद से फर्जी सर्टिफिकेट और डुप्लीकेट परीक्षार्थियों की पहचान की जाएगी। नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि या फोटो बदलकर एक से अधिक बार परीक्षा देने वालों को सिस्टम तुरंत पकड़ लेगा।

1985-86 तक के रिकॉर्ड की जांच

बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि AI सिस्टम 1985-86 तक के पुराने सर्टिफिकेट की भी जांच करेगा। नाम, पता, जन्म तिथि, फोटो, सिग्नेचर और आधार डेटा का मिलान कर फर्जी सर्टिफिकेट चिन्हित किए जाएंगे। उनके अनुसार, “AI के आने से बोर्ड का काम तेज, पारदर्शी और सटीक होगा। छोटी-सी गड़बड़ी भी पकड़ में आ जाएगी।”

फर्जी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई

यदि कोई सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया, तो उसे तुरंत रद्द कर दिया जाएगा। उस आधार पर प्राप्त सभी अन्य प्रमाणपत्र अमान्य होंगे। फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर मिली सरकारी नौकरी भी समाप्त की जा सकती है। पुलिस, शिक्षक, राजस्व सहित सभी विभागों में ऐसी नियुक्तियों को अवैध घोषित किया जाएगा।

बिहार बोर्ड परीक्षा 2026 न सिर्फ छात्रों के लिए, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र के लिए एक नया अध्याय साबित होने जा रही है। सख्त नियम, डिजिटल निगरानी और AI आधारित सत्यापन से परीक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनेगी। ईमानदारी से मेहनत करने वाले छात्रों के लिए यह बदलाव राहत भरा है, जबकि फर्जीवाड़ा करने वालों के लिए यह आखिरी चेतावनी।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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