केंद्रीय बजट 2026: पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम, इनलैंड वॉटरवेज और रेल कनेक्टिविटी से बिहार को बड़ी सौगात

बजट 2026

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए बिहार को कई अहम सौगातें दी हैं।

नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पेश करते हुए बिहार को कई अहम सौगातें दी हैं। अपने नौवें बजट भाषण में वित्त मंत्री ने इनलैंड वॉटरवेज, शिप रिपेयर इकोसिस्टम, नए जलमार्गों और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर जो घोषणाएं कीं, उनसे बिहार की अर्थव्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और रोजगार के अवसरों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। खास तौर पर पटना और वाराणसी को केंद्र में रखकर किए गए ऐलान राज्य के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

पटना में विकसित होगा शिप रिपेयर इकोसिस्टम

बजट 2026 की सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक पटना में डेडिकेटेड शिप रिपेयर इकोसिस्टम का विकास है। वित्त मंत्री ने बताया कि इनलैंड वॉटरवेज को मजबूत करने के लिए पटना और वाराणसी में आधुनिक शिप रिपेयर और मेंटेनेंस सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके तहत जलमार्गों पर चलने वाले जहाजों और कार्गो वेसल्स को लोकल स्तर पर रिपेयर, तकनीकी सहायता और मेंटेनेंस सेवाएं उपलब्ध होंगी।

इस पहल से न केवल लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्रीय उद्योगों और व्यापार को भी बड़ा फायदा होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम विकसित होने से स्थानीय स्तर पर कुशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

इनलैंड वॉटरवेज को मिलेगा बढ़ावा

केंद्रीय बजट 2026 में इनलैंड जल परिवहन को पर्यावरण के अनुकूल और लागत प्रभावी विकल्प के रूप में बढ़ावा देने पर खास जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि जलमार्गों के जरिए माल ढुलाई न केवल सस्ती होती है, बल्कि इससे कार्बन उत्सर्जन भी कम होता है।

पटना और वाराणसी को इनलैंड वॉटरवे नेटवर्क के प्रमुख हब के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे गंगा नदी के साथ-साथ गंडक, कोसी, घाघरा, सोन और पुनपुन जैसी नदियों के किनारे जलमार्गों के विकास को गति मिलेगी। इन नदियों के जरिए स्थानीय और अंतरराज्यीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों को भी आर्थिक लाभ होगा।

युवाओं के लिए स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम

बजट में यह भी घोषणा की गई कि इनलैंड वॉटरवेज सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों के तहत स्थानीय युवाओं को शिप ऑपरेशन, रिपेयर, लॉजिस्टिक्स और जल परिवहन से जुड़े तकनीकी कौशल सिखाए जाएंगे। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बिहार के युवाओं को एक नए और उभरते सेक्टर में करियर बनाने का मौका मिलेगा।

20 नए जलमार्गों का लक्ष्य

केंद्र सरकार ने अगले पांच वर्षों में देशभर में 20 नए जलमार्ग शुरू करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसकी शुरुआत ओडिशा में नेशनल वॉटरवे-5 से होगी, जो तलचर, अंगुल और कलिंगनगर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को पारादीप और धामरा बंदरगाहों से जोड़ेगा।

हालांकि यह परियोजना सीधे तौर पर बिहार में नहीं है, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष लाभ राज्य को मिलेगा। पूर्वी भारत में लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूत होने से बिहार के उद्योगों और व्यापारियों को बेहतर कनेक्टिविटी और कम लागत पर माल ढुलाई की सुविधा मिलेगी।

वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

बजट 2026 में सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा भी की गई है। इनमें वाराणसी और सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को बिहार के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद है कि यह कॉरिडोर बिहार के कई हिस्सों से होकर गुजरेगा, जिससे राज्य की रेल कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार होगा।

इस कॉरिडोर के जरिए न केवल यात्रियों को तेज और आधुनिक रेल सेवा मिलेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। उत्तर प्रदेश, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होने से क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

बिहार के विकास को मिलेगी नई गति

कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 में की गई घोषणाएं बिहार के लिए विकास के नए द्वार खोलने वाली हैं। पटना में शिप रिपेयर इकोसिस्टम, इनलैंड वॉटरवेज का विस्तार, स्किल ट्रेनिंग प्रोग्राम और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर जैसी परियोजनाएं राज्य को लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर हब के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकती हैं। आने वाले वर्षों में इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार की अर्थव्यवस्था, रोजगार और कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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