TRE-4 Teacher Recruitment Bihar: शिक्षा मंत्री के दावों और हकीकत के बीच फंसी शिक्षक बहाली, BPSC कैलेंडर से गायब क्यों है TRE-4?
BPSC के 2026 परीक्षा कैलेंडर से TRE-4 के गायब होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा मंत्री के दावों, शिक्षक बहाली में देरी, 27 हजार पदों, डोमिसाइल नियम और छात्रों के आंदोलन से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
BPSC के 2026 परीक्षा कैलेंडर से TRE-4 के गायब होने पर सवाल खड़े हो गए हैं। शिक्षा मंत्री के दावों, शिक्षक बहाली में देरी, 27 हजार पदों, डोमिसाइल नियम और छात्रों के आंदोलन से जुड़ी पूरी रिपोर्ट पढ़ें।
पटना। बिहार में शिक्षक बहाली का इंतजार कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए TRE-4 (Teacher Recruitment Examination-4) एक बार फिर अनिश्चितता का शिकार हो गया है। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के लगातार दावों के बावजूद अब तक न तो TRE-4 की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी गई है और न ही यह परीक्षा BPSC के 2026 के परीक्षा कैलेंडर में शामिल हो पाई है। इससे अभ्यर्थियों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और राज्य में बड़े आंदोलन की आहट सुनाई देने लगी है।
शिक्षा मंत्री के दावे और जमीनी सच्चाई
22 सितंबर 2025 को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बयान दिया था कि TRE-4 के तहत 26 हजार से अधिक पदों पर वैकेंसी निकाली जाएगी और 4–5 दिनों के भीतर रिक्तियां BPSC को भेज दी जाएंगी। इसके बाद 9 दिसंबर 2025 को उन्होंने भरोसा दिलाया कि जनवरी के बाद TRE की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

लेकिन फरवरी 2026 तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। शिक्षक भर्ती की फाइलें अब भी विभागीय प्रक्रिया में अटकी हुई हैं और अगले एक साल तक बहाली की संभावना कम मानी जा रही है।
BPSC कैलेंडर से TRE-4 गायब, बढ़ा संदेह
2 फरवरी 2026 को BPSC ने 2026 में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया, लेकिन इसमें TRE-4 का कहीं जिक्र नहीं था। यह बात अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ा झटका साबित हुई।
जब इस मुद्दे पर दैनिक भास्कर ने 4 फरवरी को शिक्षा मंत्री से सवाल किया तो उन्होंने दावा किया कि 3 फरवरी की रात TRE-4 का रोस्टर क्लियर कर सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है और जल्द बहाली होगी।
हालांकि सामान्य प्रशासन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शिक्षा विभाग की ओर से अब तक कोई अधियाचना प्राप्त नहीं हुई है। इससे मंत्री के दावों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
BPSC का साफ जवाब: अधियाचना नहीं, तो परीक्षा नहीं

BPSC सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आयोग के पास सरकार की ओर से TRE-4 की कोई रिकमेंडेशन नहीं आई है। इसी कारण TRE-4 को BPSC 2026 कैलेंडर में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि जैसे ही सरकार नोटिफिकेशन भेजेगी, परीक्षा को कैलेंडर में जोड़ दिया जाएगा।
क्यों अटकी है शिक्षक बहाली?
शिक्षा मंत्री का कहना है कि सभी जिलों से वैकेंसी मंगाई गई थी, लेकिन चुनावी प्रक्रिया के कारण सिस्टम धीमा हो गया। इसके अलावा कुछ जिलों में रोस्टर क्लीयरेंस का मामला फंसा रहा, जिसे अब ठीक कर लिया गया है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, आरक्षण रोस्टर, डोमिसाइल नियम और महिला आरक्षण को लेकर तकनीकी और कानूनी पेच फंसे हुए हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया बार-बार टल रही है।
करीब 27 हजार पदों पर संभावित बहाली
अब तक मिली जानकारी के अनुसार TRE-4 के तहत लगभग 27 हजार पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होनी है। बिहार बजट 2026-27 में भी चौथे चरण की शिक्षक बहाली प्रक्रिया जारी होने की बात कही गई है, हालांकि कोई ठोस समय-सीमा तय नहीं की गई।
राज्यपाल के अभिभाषण में TRE-4 का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन यह बताया गया कि 2023 के बाद BPSC के माध्यम से 2.58 लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली हो चुकी है।
TRE-4 में पहली बार डोमिसाइल और महिला आरक्षण
TRE-4 की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पहली बार बिहार के युवाओं के लिए लगभग 85% सीटें आरक्षित रहेंगी। सिर्फ 15% सीटें दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए होंगी।

इसके अलावा क्लास 1 से 5 तक के लिए 50% और अन्य श्रेणियों में 35% आरक्षण का लाभ केवल बिहार की महिला अभ्यर्थियों को मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे बिहार के युवाओं और महिलाओं को शिक्षक बनने का ज्यादा अवसर मिलेगा।
छात्रों का आंदोलन, 16 फरवरी को विधानसभा घेराव
BPSC कैलेंडर में TRE-4 के न होने से नाराज छात्र-छात्राओं ने 16 फरवरी को विधानसभा घेराव का ऐलान किया है। पटना कॉलेज से हजारों अभ्यर्थियों के मार्च करने की योजना है।
छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि सरकार चुनाव से पहले किए गए वादों से पीछे हट रही है। विपक्ष भी इस मुद्दे को बजट सत्र में जोर-शोर से उठाने की तैयारी में है और इसे नीतीश सरकार की वादाखिलाफी बता रहा है।
निष्कर्ष
TRE-4 शिक्षक भर्ती फिलहाल दावों, फाइलों और विभागीय खींचतान के बीच फंसी हुई है। जब तक सरकार आधिकारिक रूप से अधियाचना BPSC को नहीं भेजती, तब तक परीक्षा की तारीख और प्रक्रिया स्पष्ट नहीं हो पाएगी। ऐसे में लाखों अभ्यर्थियों का इंतजार और लंबा होता दिख रहा है।
पटना से भूमि आर्य की रिपोर्ट
