BPSC TRE-4 शिक्षक भर्ती 2026: 46,000 पदों पर जल्द समेकित विज्ञापन, महिलाओं को 35% आरक्षण और पहली बार डोमिसाइल नीति लागू
बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को TRE-4 शिक्षक भर्ती और प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए लगभग 46,000 पदों की अधियाचना प्राप्त हो गई है।
पटना: बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को TRE-4 शिक्षक भर्ती और प्रधानाध्यापक भर्ती के लिए लगभग 46,000 पदों की अधियाचना प्राप्त हो गई है। सामान्य प्रशासन विभाग के माध्यम से भेजी गई इस अधियाचना को लेकर आयोग ने आधिकारिक नोटिस भी जारी कर दिया है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित TRE-4 भर्ती प्रक्रिया के जल्द शुरू होने की उम्मीद तेज हो गई है। माना जा रहा है कि आयोग बहुत जल्द समेकित विज्ञापन जारी कर ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया प्रारंभ करेगा।

प्रदर्शन से पहले जारी हुआ आयोग का नोटिस
16 फरवरी को छात्र नेता दिलीप के नेतृत्व में पटना में प्रस्तावित बड़े प्रदर्शन से ठीक पहले आयोग द्वारा नोटिस जारी किया जाना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिक्षक अभ्यर्थियों की लंबे समय से मांग थी कि TRE-4 की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। आयोग के इस कदम से अभ्यर्थियों में सकारात्मक संदेश गया है और भर्ती प्रक्रिया के तेज होने की संभावना बढ़ी है।
TRE-4 के तहत 44 हजार से अधिक शिक्षकों की भर्ती
TRE-4 के माध्यम से करीब 44,000 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जबकि शेष पद प्रधानाध्यापक भर्ती से संबंधित हैं। चार दिन पहले ही इस भर्ती का रोस्टर सामान्य प्रशासन विभाग को भेजा गया था। यह नियुक्ति कक्षा 1 से 12वीं तक के लिए होगी, जिससे प्राथमिक से लेकर उच्च माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी।
कक्षा-वार संभावित पदों का विवरण:
- कक्षा 1 से 8 तक: लगभग 20,000 पद
- कक्षा 9 से 10 तक: लगभग 12,000 पद
- कक्षा 11 से 12 तक: लगभग 13,000 पद
विषयवार देखें तो गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और कॉमर्स विषय में सबसे अधिक रिक्तियां होने की संभावना है। इन विषयों में शिक्षकों की कमी को देखते हुए बड़ी संख्या में पद सृजित किए गए हैं।
राज्य में शिक्षकों की वर्तमान स्थिति
फिलहाल बिहार में करीब 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। पिछले दो वर्षों में TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के तहत लगभग 2.27 लाख शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 3 लाख नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास कर राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं।
शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने भी संकेत दिया है कि TRE-4 के तहत BPSC जल्द वैकेंसी जारी करेगा। सरकार का उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षक-छात्र अनुपात को संतुलित करना और शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
महिलाओं को 35% आरक्षण

TRE-4 भर्ती में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। यह आरक्षण बिहार की मूल निवासी महिलाओं को मिलेगा। राज्य सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम माना जा रहा है। इससे बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थियों को सरकारी शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा।
पहली बार लागू होगी डोमिसाइल नीति
इस बार की भर्ती में पहली बार डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी। इसका अर्थ है कि बिहार के मूल निवासियों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह नीति लंबे समय से चर्चा में थी और अब इसे शिक्षक भर्ती में लागू किया जा रहा है। इससे स्थानीय अभ्यर्थियों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।
एक अभ्यर्थी का एक ही रिजल्ट
TRE-4 में एक और बड़ा बदलाव किया गया है। इस बार एक अभ्यर्थी का केवल एक ही रिजल्ट जारी होगा। पहले अलग-अलग कक्षाओं के लिए एक ही अभ्यर्थी के कई परिणाम जारी होते थे, जिससे भ्रम की स्थिति बनती थी। नए नियम से प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल होगी।
SC-ST और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी भर्ती
शिक्षा विभाग के साथ-साथ SC-ST और पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत भी शिक्षक और प्रधानाध्यापक पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इन सभी पदों के लिए BPSC समेकित विज्ञापन जारी करेगा। इससे अभ्यर्थियों को अलग-अलग विज्ञापन की बजाय एक ही नोटिफिकेशन में पूरी जानकारी मिल सकेगी।
जल्द शुरू होगी ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
समेकित विज्ञापन जारी होने के बाद अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन तिथि, परीक्षा पैटर्न, योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी विज्ञापन में दी जाएगी।
शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती
TRE-4 के तहत होने वाली यह बड़ी भर्ती बिहार की शिक्षा व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। प्राथमिक से लेकर प्लस टू विद्यालयों तक शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी।
करीब 46,000 पदों पर होने वाली यह भर्ती न केवल बेरोजगार युवाओं के लिए अवसर लेकर आएगी, बल्कि राज्य की शिक्षा प्रणाली को भी नई दिशा देगी। अब सभी की निगाहें BPSC द्वारा जारी होने वाले समेकित विज्ञापन पर टिकी हैं।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
