पटना में पूर्व IPS अमिताभ दास के घर पुलिस की रेड, तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती; भड़काऊ पोस्ट मामले में जांच तेज
आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट में छापेमारी की।
पटना, बिहार: राजधानी पटना में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस ने पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास के पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पटना स्काइज अपार्टमेंट में छापेमारी की। यह कार्रवाई शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET छात्रा रेप-मौत केस से जुड़े मामले में सोशल मीडिया पर कथित रूप से भ्रामक और भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोपों के बाद की गई। तलाशी के दौरान अमिताभ दास की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें पटना के रूबन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। फिलहाल उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है।

मोबाइल, टैब और लेटर जब्त
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, छापेमारी के दौरान अमिताभ दास का मोबाइल फोन, टैबलेट और अशोक स्तंभ लगा आधिकारिक लेटरहेड जब्त किया गया है। तीन थानों की पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से उनके आवास पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई चित्रगुप्तनगर थाना कांड संख्या 44/26 से संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की जांच के तहत की गई है।
पुलिस मॉनिटरिंग में पाया गया कि एक्स (पूर्व ट्विटर), यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर मामले से जुड़ी कई पोस्ट और वीडियो साझा किए गए, जिनमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शुरुआती जांच में इन आरोपों को तथ्यहीन और जांच को प्रभावित करने की कोशिश बताया गया है। पुलिस का कहना है कि भड़काऊ सामग्री से कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए डिजिटल साक्ष्यों की जांच आवश्यक है।
अमिताभ दास का आरोप—“मुझे फंसाया जा रहा है”
छापेमारी के दौरान मीडिया से बातचीत में अमिताभ दास ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को बचाने के लिए उन्हें गिरफ्तार करने की साजिश रची जा रही है। दास ने यहां तक दावा किया कि उनकी हत्या की कोशिश की जा रही है।

मीडिया से बातचीत के दौरान वे हाथ में एक तस्वीर लिए दिखाई दिए, जिसमें मोकामा विधायक अनंत सिंह और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नजर आ रहे हैं। तस्वीर में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अनंत सिंह को हाथ जोड़कर प्रणाम करते दिख रहे हैं। दास का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और सत्ता पक्ष पर सवाल उठाना अपराध नहीं होना चाहिए।
DNA टेस्ट की मांग से बढ़ा विवाद
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने हाल में सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर कहा था कि NEET छात्रा मामले में मुख्यमंत्री के बेटे निशांत कुमार का डीएनए टेस्ट कराया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की थी कि मुख्यमंत्री आवास में आने-जाने वाले लोगों के डीएनए सैंपल लिए जाएं, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
दास ने कहा था कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो संबंधित व्यक्ति विदेश भाग सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से सार्वजनिक रूप से सामने आकर खुद और अपने बेटे का डीएनए सैंपल देने की अपील की थी, ताकि उनकी विश्वसनीयता बनी रहे। उनके इन बयानों के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई थी।
पुलिस का पक्ष

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है। सोशल मीडिया पर लगाए गए आरोप शुरुआती जांच में पुष्ट नहीं पाए गए हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी संवेदनशील मामले में अफवाह या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
पहले भी विवादों में रहे हैं अमिताभ दास
पूर्व आईपीएस अमिताभ दास का नाम पहले भी कई विवादों से जुड़ चुका है। केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ तीखे और विवादास्पद बयानों के कारण वे अक्सर सुर्खियों में रहे हैं। वर्ष 2018 में सरकार ने उन्हें अयोग्य करार देते हुए समय से पहले सेवानिवृत्त कर दिया था।
इसके अलावा वर्ष 2006 में एक महिला, जो एक रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी की बेटी बताई गई थी, ने उन पर यौन शोषण और शादी का झूठा वादा करने का आरोप लगाया था। उस समय दास जमुई में BMP-11 कमांडेट के पद पर तैनात थे। महिला का दावा था कि दास ने कई वर्षों तक संपर्क बनाए रखा और शादी का वादा किया, लेकिन बाद में मुकर गए। देवघर में एसपी रहते हुए भी उन पर एक विदेशी महिला के साथ छेड़छाड़ का आरोप लगा था।
आगे क्या?
फिलहाल अमिताभ दास अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। डिजिटल साक्ष्यों की जांच और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पटना में हुई इस हाई-प्रोफाइल रेड ने बिहार की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजरें जांच की दिशा और उसके नतीजों पर टिकी हैं।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
