मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद ने कूनो नेशनल पार्क में रचाई तीसरी शादी, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज
मध्य प्रदेश कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों अपनी तीसरी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। 11 फरवरी 2026 को उन्होंने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे के साथ सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया।
भोपाल | फरवरी 2026:
मध्य प्रदेश कैडर के चर्चित आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद इन दिनों अपनी तीसरी शादी को लेकर सुर्खियों में हैं। 11 फरवरी 2026 को उन्होंने 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे के साथ सादगीपूर्ण समारोह में विवाह किया। यह विवाह मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध वन्यजीव स्थल कूनो नेशनल पार्क में संपन्न हुआ। निजी स्तर पर आयोजित इस समारोह की खबर अब सार्वजनिक होते ही सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
तीसरी शादी: आईएएस अंकिता धाकरे बनीं जीवनसंगिनी
अवि प्रसाद ने इस बार 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अंकिता धाकरे को अपना जीवनसाथी चुना है। अंकिता धाकरे वर्तमान में मध्य प्रदेश राज्य मंत्रालय में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर पदस्थ हैं। दोनों ने प्राकृतिक वातावरण के बीच बेहद सादगी से विवाह किया।

यह शादी इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि अवि प्रसाद की तीनों पत्नियां आईएएस अधिकारी रही हैं। प्रशासनिक सेवा में कार्यरत अधिकारियों के बीच इस तरह का संयोग कम ही देखने को मिलता है।
पहली और दूसरी शादी का विवरण
अवि प्रसाद की पहली शादी 2014 बैच की आईएएस अधिकारी रिजु बाफना से हुई थी। रिजु बाफना वर्तमान में शाजापुर जिले की कलेक्टर के रूप में कार्यरत हैं। हालांकि यह रिश्ता अधिक समय तक नहीं चल सका और दोनों का आपसी सहमति से तलाक हो गया।

इसके बाद अवि प्रसाद ने 2016 बैच की आईएएस अधिकारी मिशा सिंह से विवाह किया। मिशा सिंह मूल रूप से आंध्र प्रदेश कैडर से थीं, लेकिन शादी के बाद उन्होंने अपना कैडर बदलकर मध्य प्रदेश करा लिया था। लगभग चार वर्षों तक साथ रहने के बाद यह संबंध भी समाप्त हो गया। वर्तमान में मिशा सिंह रतलाम जिले की कलेक्टर हैं।
दोनों पूर्व पत्नियां आज भी मध्य प्रदेश प्रशासन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं।
राजनीतिक पृष्ठभूमि और प्रभावशाली करियर
अवि प्रसाद उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और उनका पारिवारिक इतिहास राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके दादा टम्बेश्वर प्रसाद (बच्चा बाबू) पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की सरकार में मंत्री रह चुके हैं।
अवि प्रसाद का प्रशासनिक करियर भी बेहद प्रभावशाली रहा है। आईएएस बनने से पहले उनका चयन भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में मैनेजर के रूप में हुआ था। वर्ष 2013 में वे आईपीएस बने, लेकिन अगले ही साल 2014 में उन्होंने दोबारा यूपीएससी परीक्षा दी और 12वीं रैंक हासिल कर आईएएस सेवा में शामिल हुए। यह उपलब्धि उन्हें अपने बैच के मेधावी अधिकारियों में शामिल करती है।
शैक्षणिक योग्यता और वर्तमान जिम्मेदारियां
अवि प्रसाद की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी मजबूत रही है। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से एलएलबी (LLB) की डिग्री प्राप्त की और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, जोधपुर से एमबीए तथा बिजनेस लॉ में उच्च शिक्षा हासिल की।

वर्तमान में वे मध्य प्रदेश रोजगार गारंटी परिषद (मनरेगा) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के रूप में कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त उनके पास वाटरशेड मिशन और पीएम पोषण शक्ति निर्माण जैसे महत्वपूर्ण विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी है। ग्रामीण विकास और पोषण से जुड़े इन विभागों में उनकी भूमिका अहम मानी जाती है।
सोशल मीडिया और प्रशासनिक हलकों में चर्चा
अवि प्रसाद की तीसरी शादी की खबर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग इसे व्यक्तिगत मामला बताते हुए गोपनीयता का सम्मान करने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे प्रशासनिक हलकों में एक दुर्लभ संयोग के रूप में देख रहे हैं।
हालांकि तीनों अधिकारी अपने-अपने पदों पर स्वतंत्र रूप से जिम्मेदारियां निभा रहे हैं और किसी भी स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली प्रभावित होने की बात सामने नहीं आई है।
मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अवि प्रसाद की तीसरी शादी ने एक बार फिर उन्हें सुर्खियों में ला दिया है। मजबूत राजनीतिक पृष्ठभूमि, उत्कृष्ट शैक्षणिक योग्यता और प्रभावशाली प्रशासनिक करियर के साथ उनका व्यक्तिगत जीवन भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ उनका यह नया जीवन अध्याय किस तरह आगे बढ़ता है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
