भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 61 रन से हराया: ईशान किशन की तूफानी पारी से बना इतिहास
टी-20 वर्ल्ड कप के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह टी-20 वर्ल्ड कप फॉर्मेट में पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया की अब तक की सबसे बड़ी जीत है।
कोलंबो। टी-20 वर्ल्ड कप के हाई-वोल्टेज मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराकर इतिहास रच दिया। यह टी-20 वर्ल्ड कप फॉर्मेट में पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। रोमांच से भरे इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 176 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा, जिसके जवाब में पाकिस्तान की टीम 18 ओवर में 114 रन पर ऑलआउट हो गई।
यह मुकाबला कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में खेला गया, जहां भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।
ईशान किशन बने जीत के हीरो
भारत की इस ऐतिहासिक जीत के सबसे बड़े नायक ईशान किशन रहे। उन्होंने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 27 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। ईशान ने 40 गेंदों पर 77 रन की धमाकेदार पारी खेली, जिसमें कई चौके और छक्के शामिल थे।

उनकी इस पारी ने भारतीय पारी की दिशा ही बदल दी। पाकिस्तान के गेंदबाज शुरुआत से ही दबाव में दिखे और ईशान ने हर मौके का फायदा उठाया। उनकी तेज शुरुआत की बदौलत भारत ने मजबूत स्कोर खड़ा किया, जो अंत में निर्णायक साबित हुआ।
टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की पाकिस्तान पर सबसे बड़ी जीत
टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में यह भारत की पाकिस्तान पर सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले भारत ने 2007 में जोहान्सबर्ग में 5 रन और 2024 में न्यूयॉर्क में 6 रन से पाकिस्तान को हराया था। लेकिन 61 रन की यह जीत कई मायनों में खास है, क्योंकि यह एकतरफा मुकाबला साबित हुआ।
भारत ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग—तीनों विभागों में पाकिस्तान को पीछे छोड़ दिया।
पाकिस्तान की दूसरी सबसे बड़ी हार
यह हार टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में पाकिस्तान की दूसरी सबसे बड़ी हार भी है। इससे पहले 2014 में वेस्टइंडीज ने पाकिस्तान को 84 रन से हराया था। भारत के खिलाफ 61 रन से मिली यह हार पाकिस्तानी टीम के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है।

पाकिस्तान की बल्लेबाजी पूरी तरह लड़खड़ाई और कोई भी बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेल सका।
स्पिनर्स का वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस मैच की एक और दिलचस्प बात यह रही कि पाकिस्तान ने अपनी पारी में 18 ओवर स्पिन गेंदबाजों से फिंकवाए। टी-20 वर्ल्ड कप में किसी एक पारी में स्पिनर्स से इतने अधिक ओवर फिंकवाने का यह संयुक्त विश्व रिकॉर्ड है। इससे पहले 2012 में कोलंबो में ही पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा किया था।
यह रणनीति हालांकि ज्यादा कारगर साबित नहीं हुई, क्योंकि भारतीय बल्लेबाजों ने स्पिन के खिलाफ भी रन बटोरे।
पाकिस्तान के खिलाफ भारत के लिए तीसरा सबसे बड़ा स्कोर
ईशान किशन का 77 रन का स्कोर टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की ओर से तीसरा सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। इस सूची में सबसे ऊपर 82* रन की पारी है, जो विराट कोहली ने 2022 में मेलबर्न में खेली थी।
ईशान की यह पारी बड़े मैचों में उनके आत्मविश्वास और क्षमता को दर्शाती है।
अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म जारी
जहां एक ओर ईशान ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं दूसरी ओर अभिषेक शर्मा का खराब फॉर्म जारी रहा। वह इस साल चौथी बार शून्य पर आउट हो गए। एक कैलेंडर वर्ष में सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट होने वाले भारतीय खिलाड़ियों में वे दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं।

इस सूची में पहले स्थान पर संजू सैमसन हैं, जो 2024 में पांच बार बिना खाता खोले पवेलियन लौटे थे।
भारत-पाकिस्तान मैच में सबसे तेज अर्धशतक
ईशान किशन ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड अब उनके नाम है। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों में फिफ्टी पूरी की। इससे पहले यह रिकॉर्ड 32 गेंदों में इफ्तिखार अहमद के नाम था, जो उन्होंने 2022 में बनाया था।
गेंदबाजों का भी कमाल
भारतीय गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 18 ओवर में ही समेट दिया। नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे और पाकिस्तानी बल्लेबाज दबाव से उबर नहीं सके।
भारत की यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं, बल्कि मानसिक बढ़त का भी संकेत है। टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान पर 61 रन की यह ऐतिहासिक जीत लंबे समय तक याद रखी जाएगी। ईशान किशन की तूफानी पारी और गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि टीम इंडिया बड़े मंच पर दबाव को बेहतर ढंग से संभालना जानती है।
अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टूर्नामेंट के अगले मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां भारतीय टीम से ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
