IRCTC होटल टेंडर मनी लॉन्ड्रिंग केस: लालू-राबड़ी-तेजस्वी समेत 16 आरोपियों पर आरोप तय करने को लेकर आज होगी अहम सुनवाई
IRCTC होटल टेंडर से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई, लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत 16 आरोपियों पर आरोप तय करने का मामला।
निष्कर्ष भारत संवाददाता: बिहार की राजनीति और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित IRCTC होटल टेंडर से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आज, 7 सितंबर, दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव समेत कुल 16 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के मुद्दे पर अदालत सुनवाई करेगी।
यह मामला लंबे समय से अदालत में विचाराधीन है और आरोप तय करने को लेकर फैसला कई बार टल चुका है। ऐसे में आज की सुनवाई को इस मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
29 अगस्त को भी टल गया था फैसला
इससे पहले 29 अगस्त को हुई सुनवाई में भी राउज एवेन्यू कोर्ट आरोप तय करने के मुद्दे पर अंतिम फैसला नहीं सुना सकी थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 7 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी।
इस केस में आरोप तय करने का फैसला पहले 13 फरवरी को सुरक्षित रखा गया था। हालांकि इसके बाद भी मामला लगातार आगे बढ़ता रहा और अदालत की ओर से अंतिम निर्णय नहीं आ सका।
इसके बाद 6 मई, 22 मई, 9 जून, 16 जुलाई, 31 जुलाई और 14 अगस्त को भी इस मामले में आरोप तय करने से संबंधित फैसला टल चुका है। अब एक बार फिर सभी की नजरें 7 सितंबर की सुनवाई पर टिकी हैं।
यदि अदालत आरोप तय करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाती है, तो मामले में आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की अगली कानूनी कार्रवाई का रास्ता साफ हो सकता है।
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ED ने दाखिल की है चार्जशीट
IRCTC होटल होटल टेंडर मामले से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है। एजेंसी ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।चार्जशीट में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव समेत कई लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है।
ED का मामला कथित तौर पर रेलवे के तहत IRCTC से जुड़े रांची और पुरी स्थित दो होटलों के टेंडर आवंटन में अनियमितताओं और उससे जुड़े कथित धन शोधन से संबंधित है।
जांच एजेंसियों होटल का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया के दौरान नियमों की अनदेखी की गई और कुछ निजी पक्षों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया। हालांकि लालू परिवार लगातार इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
जब लालू यादव थे रेल मंत्री
इस मामले की जड़ उस समय से जुड़ी बताई जाती है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे।आरोप है कि उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के तहत आने वाले रांची और पुरी के दो होटल परिसरों के संचालन और टेंडर से जुड़ी प्रक्रिया में कथित अनियमितताएं हुईं।
जांच एजेंसियों के अनुसार, होटल संचालन से जुड़े अधिकार निजी कंपनियों को देने की प्रक्रिया में नियमों और पारदर्शिता के मानकों का पालन नहीं किया गया। एजेंसियों का आरोप है कि इस प्रक्रिया से कुछ निजी कंपनियों को कथित रूप से लाभ पहुंचा।
इसी मामले में भ्रष्टाचार और कथित मनी लॉन्ड्रिंग के अलग-अलग पहलुओं की जांच केंद्रीय एजेंसियों द्वारा की गई है।
निचली अदालत के आदेश को हाईकोर्ट में दी गई चुनौती
लालू प्रसाद यादव परिवार ने निचली अदालत के एक आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी है। बताया गया है कि अक्टूबर 2025 में निचली अदालत ने भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में उनके खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया था।
इस आदेश के खिलाफ लालू परिवार की ओर से कानूनी चुनौती दी गई। दूसरी तरफ केंद्रीय जांच ब्यूरो CBI ने अदालत में इस याचिका का विरोध करते हुए कहा कि उसके पास मामले से जुड़े पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं।
CBI का कहना है कि जांच के दौरान कई दस्तावेज और होटल अन्य सामग्री सामने आई है, जो एजेंसी के आरोपों को समर्थन देती है
हालांकि किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोप तय होना दोष सिद्ध होना नहीं होता। आरोप तय होने के बाद अदालत में नियमित सुनवाई और सबूतों के आधार पर मुकदमा आगे बढ़ता है।
कोर्ट की टिप्पणी के बाद बढ़ी थी चर्चा
राउज एवेन्यू कोर्ट ने अपने एक पूर्व आदेश में टेंडर प्रक्रिया और कथित साजिश को लेकर गंभीर टिप्पणियां की थीं। अदालत ने कहा था कि जांच एजेंसियों की ओर से पेश सामग्री के आधार पर मामले में आगे सुनवाई की जरूरत बनती है।
अदालत के आदेश के बाद बिहार की राजनीति में भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई थी।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में कथित हस्तक्षेप और उससे जुड़े आर्थिक लाभ का मामला सामने आया। दूसरी ओर लालू प्रसाद यादव और उनका परिवार इन आरोपों को लगातार राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते रहे हैं।
लालू परिवार ने आरोपों को बताया निराधार
लालू प्रसाद यादव ने अपने और परिवार के खिलाफ लगाए गए आरोपों को कई बार खारिज किया है। उनका कहना है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से निशाना बनाया जा रहा है।
लालू परिवार का पक्ष रहा है कि जांच एजेंसियों के आरोप निराधार हैं और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से अपनी बात रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की ओर से भी आरोपों का विरोध किया गया है। परिवार का कहना है कि अदालत में वे अपनी बेगुनाही साबित करेंगे।अब अदालत में होने वाली सुनवाई के बाद यह स्पष्ट हो सकता है कि आरोप तय करने की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
इन 16 आरोपियों के नाम शामिल
IRCTC होटल होटल टेंडर मामले में कुल 16 व्यक्तियों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। इनमें प्रमुख रूप से लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेजस्वी प्रसाद यादव के नाम शामिल हैं।
मामले में सूचीबद्ध अन्य आरोपियों में मेसर्स लारा प्रोजेक्ट एलएलपी, सरला गुप्ता, गौरव गुप्ता, नाथमल काकरानिया, राहुल यादव, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, मेसर्स सुजाता होटल्स, विनय कोच्छर, विजय कोच्छर, राजीव कुमार रेलन और मेसर्स अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं।
इन सभी के होटल खिलाफ मामले की प्रकृति और जांच एजेंसियों द्वारा लगाए गए आरोपों के आधार पर कानूनी कार्रवाई चल रही है।
आज की सुनवाई क्यों है महत्वपूर्ण?
7 सितंबर की सुनवाई इस मामले के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आरोप तय करने का मुद्दा लंबे समय से अदालत के सामने लंबित है। फरवरी से लेकर अगस्त तक कई तारीखों पर फैसला टलने के बाद अब एक बार फिर राउज एवेन्यू कोर्ट इस विषय पर सुनवाई करेगी।
अदालत का अगला कदम यह तय करने में महत्वपूर्ण होगा कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया किस तरह आगे बढ़ेगी।हालांकि कानूनी प्रक्रिया में अंतिम फैसला आने तक सभी आरोप अदालत में साबित होने के अधीन हैं और आरोपी कानूनन निर्दोष माने जाते हैं।
पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट
