पश्चिम एशिया संकट के बीच Lockdown की अफवाहों पर सरकार का स्पष्ट रुख, कहा—घबराने की जरूरत नहीं
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में संभावित Lockdown को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सख्त प्रतिक्रिया दी।
नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच देश में संभावित Lockdown को लेकर फैल रही अफवाहों पर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सख्त प्रतिक्रिया दी। सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों—निर्मला सीतारमण, किरण रिजिजू और हरदीप सिंह पूरी—ने एक स्वर में कहा कि देश में लॉकडाउन लगाने का कोई इरादा नहीं है और इस तरह की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान परिस्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है और आम नागरिकों को घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया संसदीय वक्तव्य के बाद सोशल मीडिया पर लॉकडाउन की अटकलें तेज हो गई थीं।
पीएम के बयान के बाद बढ़ी अटकलें
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में कहा था कि वैश्विक संघर्षों के कारण उत्पन्न कठिन परिस्थितियों का असर लंबे समय तक रह सकता है। उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की एकजुटता का उदाहरण देते हुए भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने की बात कही थी। इसी बयान को लेकर कुछ वर्गों में Lockdown की आशंका जताई जाने लगी।
हालांकि सरकार ने अब इन अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रधानमंत्री आज शाम सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक भी करने वाले हैं, जिसमें मौजूदा हालात पर चर्चा की जाएगी।
किरेन रिजिजू: “यह पूरी तरह अफवाह”
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने साफ शब्दों में कहा कि Lockdown की खबरें पूरी तरह अफवाह हैं। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने पहले ही स्पष्ट किया है कि किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। सरकार पूरी स्थिति को नियंत्रित कर रही है।”

उन्होंने जमाखोरी पर भी सख्त चेतावनी दी और कहा कि केंद्र ने राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि किसी भी प्रकार की होर्डिंग न होने दी जाए। रिजिजू के अनुसार, आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए शीर्ष स्तर से लगातार निगरानी की जा रही है।
हरदीप पुरी: “डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना”
पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार के स्तर पर lockdown जैसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा, “ऐसे समय में अफवाह फैलाना और डर का माहौल बनाना गैर-जिम्मेदाराना है।”
पुरी ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और सप्लाई चेन सामान्य रूप से काम कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे घबराकर अनावश्यक खरीदारी या जमाखोरी न करें।
निर्मला सीतारमण: “कोविड जैसा लॉकडाउन नहीं होगा”
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी जनता को भरोसा दिलाया कि कोविड-19 जैसा Lockdown दोबारा नहीं लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक बयानबाजी के कारण भ्रम फैल रहा है, जो चिंताजनक है।

सीतारमण ने कहा, “मैं स्पष्ट करना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा Lockdown हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। देश की अर्थव्यवस्था मजबूत है और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर कोई खतरा नहीं है।”
विपक्ष के बयान से बढ़ी बहस
इस मुद्दे पर विपक्षी नेताओं के बयान भी चर्चा में रहे। Rahul Gandhi ने प्रधानमंत्री के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोविड जैसी स्थिति का जिक्र लोगों में चिंता पैदा कर सकता है। वहीं Mallikarjun Kharge ने महामारी के दौरान हुए नुकसान का हवाला देते हुए सरकार से स्पष्टता की मांग की।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य भी अहम
इस बीच, रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने भी पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को लेकर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि इस युद्ध के परिणामों का अनुमान लगाना मुश्किल है और इसका असर वैश्विक स्तर पर पड़ सकता है, ठीक वैसे ही जैसे कोविड-19 महामारी का असर हुआ था।

घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत
कुल मिलाकर, केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में लॉकडाउन लागू करने की कोई योजना नहीं है। मौजूदा हालात पर नजर रखी जा रही है और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आम जनता को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े।
ऐसे में विशेषज्ञों का भी मानना है कि अफवाहों से बचना और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करना ही समझदारी है। सरकार की अपील है कि नागरिक शांत रहें, जिम्मेदारी दिखाएं और किसी भी तरह की भ्रामक जानकारी को आगे न बढ़ाएं।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
