NEET छात्रा मौत मामला: पप्पू यादव ने लगाया हत्या का आरोप, CBI जांच के चौथे दिन SIT से तीखे सवाल

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बिहार की राजधानी पटना में NEET की एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर फेसबुक लाइव के जरिए गंभीर आरोप लगाए हैं।

पटना: बिहार की राजधानी पटना में NEET की एक छात्रा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने एक बार फिर फेसबुक लाइव के जरिए गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने छात्रा की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इसे सुनियोजित हत्या और बड़े षड्यंत्र का हिस्सा बताया है। सांसद ने दावा किया कि इस मामले में कुछ अस्पतालों और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और वे इस लड़ाई को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।

“आत्महत्या नहीं, साजिश के तहत हत्या”

फेसबुक लाइव के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि NEET छात्रा की मौत आत्महत्या नहीं है, बल्कि साजिश के तहत की गई हत्या है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रभात मेमोरियल अस्पताल और कुछ प्रशासनिक लोगों ने मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसे सबूत हैं जो पूरे मामले का खुलासा कर सकते हैं और वे जल्द ही दस्तावेजों के साथ इसे सार्वजनिक करेंगे।

सांसद ने बिहार के गृह मंत्री सम्राट चौधरी से CCTV फुटेज की गहन जांच की मांग की। उनका कहना है कि अस्पताल और संबंधित लोगों के कार्यालयों में आने-जाने वालों की पूरी रिकॉर्डिंग खंगाली जानी चाहिए।

‘संजय’ और ‘गुप्ता’ नाम का जिक्र, लेकिन पूरा खुलासा नहीं

पप्पू यादव ने बोरिंग रोड के नागेश्वर कॉलोनी में रहने वाले “संजय” नाम के एक नेता और “गुप्ता” नाम के एक अन्य व्यक्ति का जिक्र किया, हालांकि उन्होंने पूरा नाम नहीं बताया। उन्होंने कहा कि यह जांच होनी चाहिए कि किन-किन लोगों का इनसे संपर्क था और क्या मनीष रंजन वहां गए थे या नहीं।

उन्होंने मनीष रंजन को “राजनीतिज्ञों का सप्लायर” और “एपस्टन का नायक” तक कह दिया। सांसद ने दावा किया कि इस पूरे नेटवर्क की भूमिका की जांच जरूरी है और CCTV फुटेज से कई राज खुल सकते हैं।

इलाज में लापरवाही या साजिश?

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि छात्रा को इलाज के दौरान नशे में रखने वाली सुइयां दी गईं। उन्होंने कहा कि संदिग्ध ओपिओइड पॉइजनिंग का मामला बताया गया, लेकिन समय पर जरूरी टेस्ट और एंटीडोट नहीं दिया गया। इसके बजाय सेडेटिव इंजेक्शन दिए गए, जिससे हालत और बिगड़ गई।

सांसद ने दावा किया कि छात्रा को लगातार सेडेटिव और Kitmex 50mg इंजेक्शन दिए गए, जबकि वह पहले से ही बेहोशी की हालत में थी। बाद में फेंटेनिल इंजेक्शन दिए जाने पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने ICU में दी गई दवाओं का पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की मांग की है।

इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि बिना परिवार की अनुमति के छात्रा का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराया गया। रिपोर्ट नेगेटिव आने के बाद सबूत मिटाने के लिए गलत दवाइयां देने का भी आरोप लगाया गया है। उन्होंने प्रभात मेमोरियल और मेदांता समेत अन्य मेडिकल संस्थानों पर प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप लगाया।

जांच एजेंसियों की भूमिका पर सवाल

सांसद ने कहा कि SIT और CID की जांच कमजोर नहीं थी, बल्कि सिस्टम ने उसे कमजोर बनाया। जब मामला CBI को सौंपा गया तो कुछ लोगों में बेचैनी क्यों दिखी, इसकी भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने बिहार पुलिस, CID और SIT की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस बीच, NEET छात्रा मौत मामले में CBI जांच का चौथा दिन चल रहा है। CBI ने सबसे पहले SIT से पूरी रिपोर्ट ली और तीखे सवाल किए। सूत्रों के मुताबिक, CBI ने पूछा कि परिवार आपकी जांच से संतुष्ट क्यों नहीं है? जांच में बड़े लूपहोल्स क्या हैं?

सबसे अहम सवाल यह था कि बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के पुलिस ने रेप न होने की बात किस आधार पर कह दी। CBI ने यह भी पूछा कि अभी तक मनीष रंजन की रिमांड लेकर उससे पूछताछ क्यों नहीं की गई।

सोमवार को चित्रगुप्त नगर थाना में पोस्टेड महिला सब इंस्पेक्टर रीना कुमारी से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। उनसे यह जानने की कोशिश की गई कि वे जांच टीम में शामिल थीं या नहीं, और जांच के दौरान उनके सामने कौन-कौन से तथ्य आए थे।

जेल में साजिश और प्रताड़ना का आरोप

पप्पू यादव ने यह भी आरोप लगाया कि जेल में उनके खिलाफ साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि 28 घंटे तक उन्हें ऐसी जगह रखा गया जहां सांप और चूहे थे। 6 से 13 तारीख के बीच उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। उन्होंने जेल सुपरिटेंडेंट के फोन रिकॉर्ड और CCTV फुटेज की जांच की मांग की।

सांसद का दावा है कि सात दिनों तक वे डर के कारण ठीक से सो नहीं सके और प्रशासन उन पर झूठा आरोप लगाने की साजिश कर सकता था। उन्होंने कोर्ट में वीडियोग्राफी की मांग पहले ही कर दी थी।

सुप्रीम कोर्ट तक जाएगी लड़ाई

पप्पू यादव ने कहा कि यह सिर्फ मेडिकल लापरवाही का मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक साजिश भी हो सकती है। उन्होंने हाई कोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की बात कही और दोषियों के नाम सार्वजनिक कर सख्त कार्रवाई की मांग की।

फिलहाल CBI की जांच जारी है और एजेंसी एक-एक कर संबंधित पुलिस अधिकारियों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है। आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल मामले में और खुलासे होने की संभावना है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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