बिहार की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। पूर्णिया से छह बार के सांसद और चर्चित नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात (6 फरवरी 2026) पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। पूर्णिया से छह बार के सांसद और चर्चित नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात (6 फरवरी 2026) पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी 31 साल पुराने एक आपराधिक मामले में अदालत में बार-बार गैरहाजिर रहने के कारण जारी वारंट के आधार पर की गई। गिरफ्तारी ऐसे समय पर हुई है, जब पप्पू यादव पटना में एक NEET की छात्रा की कथित बलात्कार और मौत के मामले को लेकर सरकार के खिलाफ मुखर विरोध कर रहे थे।
पुलिस के अनुसार, यह मामला 1995 में गर्दनीबाग थाना में दर्ज हुआ था, जिसमें भारतीय दंड संहिता की धारा 467 (जालसाजी) के तहत आरोप लगाए गए थे। लगातार अदालत में पेश न होने के कारण MP/MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
आधी रात को पहुंची पुलिस, समर्थकों ने किया हंगामा
शुक्रवार रात संसद सत्र में हिस्सा लेने के बाद पप्पू यादव देर शाम पटना पहुंचे थे। इसी दौरान आधी रात के बाद पुलिस टीम उनके आवास पर पहुंची। गिरफ्तारी की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौके पर जुट गए और स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
कुछ देर तक नोकझोंक भी हुई। पप्पू यादव ने शुरू में गिरफ्तारी का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस के पास गिरफ्तारी का नहीं बल्कि संपत्ति कुर्की का वारंट है। हालांकि बाद में उन्हें हिरासत में ले लिया गया और शनिवार को अदालत में पेश करने की तैयारी की गई।
सोशल मीडिया पर पप्पू यादव का तीखा हमला
गिरफ्तारी के दौरान पप्पू यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर बिहार पुलिस और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा—
“शाबाश बिहार पुलिस। मैं NEET छात्रा को न्याय दिलाने की लड़ाई लड़ रहा था, इसलिए पेट में दर्द हुआ और आधी रात को मुझे गिरफ्तार करने आ गए। पप्पू यादव न झुकेगा, न चुप रहेगा। जेल भेज दो या फांसी दे दो, सच्चाई उजागर करता रहूंगा।”
उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल और तेज हो गई।
पुलिस का पक्ष: कानून अपना काम कर रहा है
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने मीडिया को बताया कि यह कार्रवाई पूरी तरह कानूनी है।
उन्होंने कहा, “MP/MLA कोर्ट द्वारा 1995 के केस में गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। आरोपी की लंबे समय से गैरहाजिरी के कारण पुलिस को उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश करने का निर्देश मिला था।”
पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई का मौजूदा विरोध प्रदर्शनों या राजनीतिक गतिविधियों से कोई लेना-देना नहीं है।
NEET छात्रा की मौत को लेकर उठा राजनीतिक तूफान
बिहार की राजनीति एक बार फिर उबाल पर है। पूर्णिया से छह बार के सांसद और चर्चित नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को शुक्रवार देर रात (6 फरवरी 2026) पटना पुलिस ने उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
गौरतलब है कि पप्पू यादव हाल के दिनों में पटना में एक NEET मेडिकल अभ्यर्थी की कथित बलात्कार के बाद मौत के मामले को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर रहे हैं। छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना के एक हॉस्टल में रह रही थी।
इस घटना के बाद पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन हुए, जिसके चलते राज्य सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंप दी। पप्पू यादव ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता बताते हुए आरोप लगाया कि पटना के हॉस्टलों में छात्राओं की सुरक्षा गंभीर खतरे में है।
उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर यह दावा भी किया था कि कई छात्राएं उन्हें फोन कर बता रही हैं कि हॉस्टल में रहने वाली लड़कियों को देह व्यापार के लिए मजबूर किया जा रहा है।
सरकार और विपक्ष आमने-सामने
इस पूरे विवाद में सियासत भी तेज हो गई है। बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए विपक्ष को खुली चुनौती दी।
वहीं, राज्य विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष और RJD की वरिष्ठ नेता राबड़ी देवी ने दावा किया था कि इस मामले में किसी मंत्री या उसके बेटे की संलिप्तता हो सकती है। इस पर सम्राट चौधरी ने कहा कि नाम सामने आए तो “24 घंटे में जेल भेजा जाएगा।”
पप्पू यादव का दावा: शनिवार को खुद पेश होने वाले थे
गिरफ्तारी से पहले पप्पू यादव ने मीडिया से कहा था कि वह शनिवार (7 फरवरी 2026) को खुद अदालत में पेश होने वाले थे और इसी कारण वे पटना आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वह सरकार की नाकामियों को उजागर करते हैं, पुलिस उन्हें परेशान करती है।
पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने बिहार की राजनीति को और गरमा दिया है। एक ओर सरकार इसे कानून की सामान्य प्रक्रिया बता रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई करार दे रहा है। आने वाले दिनों में अदालत की कार्रवाई और CBI जांच इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।