पूर्णिया सांसद पप्पू यादव को तीन मामलों में जमानत, बेऊर जेल से रिहाई के बाद सरकार पर साधा निशाना

सांसद पप्पू यादव

पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार को पटना की अदालत से बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने तीन अलग-अलग मामलों में उन्हें जमानत दे दी, जिसके बाद शाम करीब 6 बजे वे बेऊर जेल से रिहा हो गए।

सांसद पप्पू यादव को तीन मामलों में जमानत, बेऊर जेल से रिहा होने के बाद सरकार पर साधा निशाना

पटना: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार को पटना की अदालत से बड़ी राहत मिली। कोर्ट ने तीन अलग-अलग मामलों में उन्हें जमानत दे दी, जिसके बाद शाम करीब 6 बजे वे बेऊर जेल से रिहा हो गए। अदालत ने जमानत देते हुए निर्देश दिया कि संबंधित मामलों की सुनवाई के दौरान उन्हें सशरीर उपस्थित होना होगा।

रिहाई के बाद पप्पू यादव ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा, “सच बोलना इतना तकलीफदेह होगा कि कोर्ट और थाने के चक्कर काटने पड़ेंगे, यह नहीं पता था। सरकार में एक-दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है। यह साजिश दिल्ली, बिहार और पूर्णिया के कुछ नेताओं की है।”


खेमका हत्याकांड और NEET मुद्दे पर बड़ा बयान

जेल से बाहर आते ही पप्पू यादव ने खेमका हत्याकांड के कथित एनकाउंटर पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि “गलत बच्चे का एनकाउंटर हुआ है” और इस मामले में उनके पास गवाही मौजूद है। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगे।

इसके साथ ही उन्होंने NEET छात्रा मामले को भी उठाया और कहा कि “बेटी को न्याय दिलाने की लड़ाई रुकने नहीं दूंगा।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें मरवाने की कोशिश की गई।

छात्रा पिंकी कुमारी के परिजनों से मुलाकात

रिहाई के बाद पप्पू यादव फुलवारीशरीफ पहुंचे, जहां उन्होंने कोचिंग सेंटर की छत से गिरने वाली छात्रा पिंकी कुमारी के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को पहले बेरहमी से पीटा गया और फिर ऊपर से फेंक दिया गया।

सांसद ने कहा कि वे दिल्ली जाकर सबसे पहले लोकसभा स्पीकर से मिलेंगे और इस मामले में स्पीडी ट्रायल की मांग करेंगे। उन्होंने परिवार की आर्थिक मदद और परवरिश की जिम्मेदारी लेने का भी आश्वासन दिया।


समर्थकों ने किया जोरदार स्वागत

पटना के मंदिरी स्थित अपने आवास पहुंचने पर समर्थकों ने बैंड-बाजे और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।

पप्पू यादव को 6 फरवरी को पुलिस ने 31 साल पुराने एक मामले में गिरफ्तार किया था। हालांकि उस केस में उन्हें जमानत मिल गई थी, लेकिन पुलिस ने 2017 और 2019 के दो अन्य मामलों को जोड़ते हुए उन्हें फिर से न्यायिक हिरासत में भेज दिया। ये दोनों मामले कोतवाली थाना क्षेत्र से जुड़े हैं। 9 फरवरी से पटना सिविल कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई चल रही थी, जिसके बाद शुक्रवार को राहत मिली।


कोर्ट रूम में क्या हुआ?

12 फरवरी को सुनवाई के दौरान पप्पू यादव व्हीलचेयर पर कोर्ट पहुंचे। पेशकार द्वारा कोतवाली कांड संख्या 1113/19 पुकारे जाने पर उन्होंने “जी हुजूर” कहकर जवाब दिया।

कोर्ट ने उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा तो उन्होंने बताया कि उनका प्रोस्टेट बढ़ा हुआ है और वे काफी दर्द में हैं। अदालत ने जेल अधीक्षक को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने का निर्देश दिया।

किन मामलों में फंसे थे पप्पू यादव?

  1. बुद्धा कॉलोनी केस: 6 जनवरी की रात गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों द्वारा विरोध और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप।
  2. कोतवाली थाना केस (2017): बिजली टैरिफ वृद्धि और BSSC पेपर लीक के खिलाफ जन अधिकार पार्टी (JAP-L) के बैनर तले प्रदर्शन और सड़क जाम का मामला।
  3. 2019 का एक अन्य मामला: आचार संहिता और विरोध प्रदर्शन से जुड़ा केस।

प्रशासन पर सवाल

पप्पू यादव ने अपने वकील के माध्यम से भावुक संदेश दिया। उन्होंने पूछा कि जब वे सार्वजनिक जीवन में सक्रिय हैं और हर कार्यक्रम में शामिल होते हैं, तो उन्हें “फरार” कैसे घोषित किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने मामलों को 2026 में अचानक क्यों याद किया गया।

उन्होंने कहा, “मैं गरीबों, छात्रों, युवाओं और महिलाओं के लिए न्याय की लड़ाई लड़ता हूं। लोकसभा सत्र के दौरान मेरे साथ खतरनाक अपराधी जैसा व्यवहार क्यों किया गया?”


मुख्यमंत्री को लिखी चिट्ठी

पप्पू यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहित कई अधिकारियों को संबोधित करते हुए एक खुला पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने लिखा कि उन्हें नहीं पता कि सरकार वास्तव में कौन चला रहा है। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व का वे सम्मान करते थे, अब वैसी सरकार दिखाई नहीं दे रही।

इस मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर न्याय की मांग की है।

आगे की राह

फिलहाल पप्पू यादव को जमानत मिल चुकी है, लेकिन उन्हें सुनवाई के दौरान कोर्ट में उपस्थित रहना होगा। राजनीतिक हलकों में इस पूरे घटनाक्रम को लेकर बहस तेज हो गई है। आने वाले दिनों में यह मामला बिहार की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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