पटना सिविल कोर्ट को फिर बम से उड़ाने की धमकी, रोजाना सुबह सर्च ऑपरेशन; ATS जांच में जुटी

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ATS की जांच के बीच पटना सिविल कोर्ट को लगातार मिल रही बम धमकियों के बाद रोज सुबह सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। डीएसपी स्तर पर मॉनिटरिंग, सुरक्षा कड़ी, आरोपियों की पहचान के लिए टीम गठित।

ATS की जांच के बीच पटना सिविल कोर्ट को लगातार मिल रही बम धमकियों के बाद रोज सुबह सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। डीएसपी स्तर पर मॉनिटरिंग, सुरक्षा कड़ी, आरोपियों की पहचान के लिए टीम गठित।

पटना। बिहार की राजधानी पटना स्थित पटना सिविल कोर्ट को लगातार मिल रही बम से उड़ाने की धमकियों के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। एहतियातन अब रोज सुबह 7 बजे से कोर्ट खुलने से पहले तक पूरे परिसर में सघन सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पुलिस की मौजूदगी में पूरे कोर्ट परिसर को सेनेटाइज करने के बाद ही न्यायिक कार्य शुरू कराया जा रहा है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बार-बार मिल रहे धमकी भरे ईमेल को हल्के में नहीं लिया जा सकता, इसलिए सुरक्षा के सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। इस बीच मामले की जांच तेज कर दी गई है और आरोपियों की पहचान के लिए विशेष टीम गठित की गई है।

ATS ने दर्ज किया केस, डीएसपी कर रहे मॉनिटरिंग

धमकी भरे मेल को लेकर बिहार एटीएस (ATS) ने अपने बयान पर केस दर्ज किया है। तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है और ईमेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। मामले की मॉनिटरिंग डीएसपी रैंक के अधिकारी कर रहे हैं।

टाउन डीएसपी राजेश रंजन ने बताया कि दो-तीन बार फिर से धमकी भरे मेल आ चुके हैं। पुलिस अलर्ट मोड में है और हर इनपुट की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम गठित की गई है। इसमें स्थानीय थाने की तकनीकी टीम की भी मदद ली जा रही है।

रोजाना सुबह सर्च ऑपरेशन, कोर्ट परिसर किया जा रहा सेनेटाइज

लगातार मिल रही धमकियों के मद्देनजर अब नई सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सुबह 7 बजे से कोर्ट परिसर में पिरबहोर थाना पुलिस की मौजूदगी में तलाशी अभियान चलाया जाता है। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से पूरे परिसर की जांच की जाती है।

तलाशी पूरी होने के बाद कोर्ट की सुरक्षा में तैनात कर्मियों को परिसर हैंडओवर किया जाता है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि प्रवेश द्वार पर हर व्यक्ति की सघन जांच सुनिश्चित करें। बैग, फाइल और अन्य सामान की जांच के बाद ही अंदर प्रवेश की अनुमति दी जा रही है।

सात बार प्रभावित हो चुका है कोर्ट का कामकाज

अब तक सात से अधिक बार धमकी भरे ईमेल आ चुके हैं। पहले जब भी धमकी मिलती थी, एहतियातन कोर्ट का कामकाज रोक दिया जाता था और पूरे परिसर को खाली कराकर तलाशी ली जाती थी। इससे न्यायिक कार्य बाधित हो रहा था और वादकारियों को काफी परेशानी उठानी पड़ती थी।

लगातार व्यवधान से वकीलों में भी नाराजगी थी। सातवीं बार धमकी मिलने पर अधिवक्ताओं ने मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया था। उनका कहना था कि बार-बार कोर्ट बंद करने से न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हो रही है और आम लोगों का समय व पैसा दोनों बर्बाद हो रहा है। बाद में एसएसपी के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ।

सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद

टाउन डीएसपी के अनुसार, अब सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद कर दी गई है। कोर्ट परिसर के अंदर और बाहर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।

प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर और हैंड-हेल्ड स्कैनर के जरिए जांच की जा रही है। कोर्ट परिसर में अनावश्यक भीड़ को नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

साइबर एंगल से भी जांच

धमकी भरे ईमेल के पीछे किसका हाथ है, यह पता लगाने के लिए साइबर विशेषज्ञों की भी मदद ली जा रही है। मेल किस सर्वर से भेजा गया, आईपी एड्रेस कहां का है और क्या इसमें किसी संगठित गिरोह का हाथ है—इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह शरारती तत्वों की हरकत तो नहीं, जो कोर्ट के कामकाज को बाधित करने के इरादे से इस तरह की धमकी दे रहे हों।

आम लोगों से अपील

पुलिस ने आम नागरिकों और अधिवक्ताओं से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत सुरक्षा कर्मियों को दें। अफवाहों से बचें और प्रशासन का सहयोग करें।

अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बाद अब कोर्ट का कामकाज प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा। लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद प्रशासन ने स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखा है।

लगातार मिल रही बम धमकियों के बीच पटना सिविल कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत कर दी गई है। रोजाना सर्च ऑपरेशन, ATS जांच और तकनीकी मॉनिटरिंग के जरिए आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि न्यायिक व्यवस्था को बाधित करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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