पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2026: महिला कॉलेजों में भीड़ लगाने पर रद्द होगी उम्मीदवारी, प्रचार के लिए सख्त गाइडलाइन जारी
पटना विश्वविद्यालय में होने वाले छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रशासन ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं।
पटना विश्वविद्यालय ने जारी की चुनाव प्रचार की नई गाइडलाइन
पटना: पटना विश्वविद्यालय में होने वाले छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रशासन ने सख्त नियम लागू कर दिए हैं। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. शंकर कुमार ने स्पष्ट किया है कि चुनाव प्रचार के दौरान यदि किसी प्रत्याशी द्वारा महिला कॉलेजों या अन्य संस्थानों में भीड़ जुटाई गई या पैनिक की स्थिति उत्पन्न हुई, तो संबंधित उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द कर दी जाएगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
महिला कॉलेजों में भीड़ पर सख्त कार्रवाई
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. शंकर कुमार के अनुसार, महिला कॉलेजों में प्रचार के दौरान अनावश्यक भीड़ या सुरक्षा संबंधी खतरा उत्पन्न होने की स्थिति में सीधे उम्मीदवार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसे लेकर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

इसके साथ ही पोस्टर, होर्डिंग और अन्य प्रतिबंधित प्रचार माध्यमों के उपयोग पर भी रोक लगा दी गई है। यदि कोई प्रत्याशी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो चुनावी प्रक्रिया से बाहर किया जा सकता है।
21 फरवरी को जारी होगी अंतिम सूची
विश्वविद्यालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, छात्र संघ चुनाव के प्रत्याशियों की अंतिम सूची 21 फरवरी को प्रकाशित की जाएगी। इसी दिन से चुनाव प्रचार की औपचारिक शुरुआत होगी। प्रत्याशी 21 फरवरी से 26 फरवरी की शाम 5 बजे तक ही प्रचार-प्रसार कर सकेंगे।
निर्देश के अनुसार, प्रत्येक उम्मीदवार अधिकतम पांच समर्थकों के साथ विश्वविद्यालय के विभिन्न संस्थानों में प्रचार कर सकेगा। सभी को अपना वैध पहचान पत्र (आईडी कार्ड) साथ रखना अनिवार्य होगा। यह कदम असामाजिक तत्वों की घुसपैठ रोकने और चुनावी माहौल को नियंत्रित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
पोलिंग बूथ की संख्या बढ़कर 41
चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाने के लिए इस बार पोलिंग बूथों की संख्या बढ़ाकर 41 कर दी गई है। प्रशासन का मानना है कि बूथों की संख्या बढ़ाने से मतदान प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी और भीड़भाड़ कम होगी। इससे छात्रों को वोट डालने में सुविधा मिलेगी।
वोट करने वाले छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त अटेंडेंस
मतदान प्रतिशत बढ़ाने के उद्देश्य से विश्वविद्यालय प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। चुनाव के दिन वोट करने वाले विद्यार्थियों को कक्षा में अतिरिक्त चार से पांच दिनों की उपस्थिति (अटेंडेंस) का लाभ दिया जाएगा।

इस संबंध में विश्वविद्यालय ने सभी कॉलेजों और विभागों को निर्देश जारी कर दिए हैं कि मतदान करने वाले छात्रों को उनके स्तर पर अतिरिक्त उपस्थिति प्रदान की जाए। प्रशासन का मानना है कि इस फैसले से छात्र लोकतांत्रिक प्रक्रिया में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे और मतदान प्रतिशत में वृद्धि होगी।
कैंपस में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक
चुनाव संपन्न होने तक विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। कॉलेज प्रशासन को सख्ती से निर्देश दिया गया है कि कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए।
हॉस्टल में गेस्ट ठहराने पर प्रतिबंध
चुनाव के दौरान हॉस्टल में रहने वाले छात्र अपने आवंटित कमरों में किसी भी बाहरी गेस्ट को नहीं ठहरा सकेंगे। यदि जांच या छापेमारी के दौरान कोई बाहरी व्यक्ति पाया जाता है, तो संबंधित छात्र के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी हॉस्टल अधीक्षकों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि हॉस्टल में रहने वाले छात्र अपना पहचान पत्र और आवंटन रसीद अपने पास रखें। पुलिस प्रशासन द्वारा छापेमारी के दौरान छात्रों को अपनी पहचान प्रस्तुत करनी होगी।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव पर जोर
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोहराया है कि छात्र संघ चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराए जाएंगे। सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी और सख्त नियमों के माध्यम से किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोका जाएगा।
छात्रों से भी अपील की गई है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का सम्मान करें और निर्धारित नियमों का पालन करते हुए चुनाव में भाग लें।
पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव 2026 को लेकर प्रशासन की सख्ती यह संकेत देती है कि इस बार चुनावी माहौल अनुशासित और नियंत्रित रहेगा, जिससे छात्रों को एक सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में अपने प्रतिनिधि चुनने का अवसर मिलेगा।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
