पटना में RLJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक: प्रिंस राज पासवान बने राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष, दो महीने में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

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राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक सोमवार को पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई।

RLJP का लक्ष्य: संगठन को मजबूत कर चुनाव में बेहतर प्रदर्शन

पटना: राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLJP) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की अहम बैठक सोमवार को पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री Pashupati Kumar Paras ने की। इस बैठक में संगठन को मजबूत बनाने और आगामी राजनीतिक रणनीति को लेकर कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

बैठक का सबसे बड़ा निर्णय पूर्व सांसद Prince Raj Paswan को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने को लेकर रहा। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं की सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। इस निर्णय की औपचारिक घोषणा खुद पशुपति कुमार पारस ने की।

सर्वसम्मति से लिया गया फैसला

बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए पशुपति पारस ने कहा कि पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और सदस्यों की सहमति से प्रिंस राज पासवान को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने बताया कि पार्टी के अंदर नई ऊर्जा और नेतृत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

पारस ने कहा कि प्रिंस राज लंबे समय से पार्टी के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं और संगठन को मजबूत बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए उन्हें यह अहम जिम्मेदारी दी गई है।

दो महीने बाद बन सकते हैं राष्ट्रीय अध्यक्ष

पशुपति पारस ने संकेत दिया कि यह केवल शुरुआती कदम है और आने वाले समय में प्रिंस राज पासवान को और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्हें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन लगभग दो महीने के भीतर उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष भी बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि संगठनात्मक प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। पारस ने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व परिवर्तन को लेकर सभी नेताओं की राय सकारात्मक है और संगठन के भीतर इस निर्णय को लेकर उत्साह का माहौल है।

संगठनात्मक जिम्मेदारियां संभालेंगे प्रिंस राज

पशुपति पारस ने स्पष्ट किया कि अब पार्टी से जुड़े अधिकांश संगठनात्मक फैसले प्रिंस राज पासवान के नेतृत्व में लिए जाएंगे। बिहार में पार्टी के विस्तार, राज्य के विभिन्न जिलों का दौरा, कार्यकर्ताओं के साथ बैठकें आयोजित करना और पार्टी की भविष्य की रणनीति तय करना उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल होगा।

उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए आने वाले दिनों में व्यापक अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत किया जाएगा।

आगामी चुनावों पर भी नजर

पारस ने विश्वास जताया कि प्रिंस राज पासवान के नेतृत्व में पार्टी और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जब भी पार्टी लोकसभा और राज्यसभा चुनाव में हिस्सा लेगी, तब बेहतर प्रदर्शन करेगी।

उन्होंने कहा कि पार्टी का लक्ष्य सिर्फ चुनाव लड़ना नहीं बल्कि बेहतर परिणाम हासिल करना है। इसके लिए अभी से रणनीति तैयार की जा रही है और संगठन को मजबूत किया जा रहा है।

निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री पर प्रतिक्रिया

बैठक के दौरान बिहार की राजनीति से जुड़े एक अन्य मुद्दे पर भी पशुपति पारस ने अपनी प्रतिक्रिया दी। मुख्यमंत्री Nitish Kumar के बेटे Nishant Kumar के राजनीति में आने की संभावनाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति में आने वाले सभी युवाओं का स्वागत किया जाना चाहिए।

पारस ने कहा कि यदि निशांत कुमार राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला करते हैं तो यह लोकतंत्र के लिए अच्छी बात है। युवा पीढ़ी के राजनीति में आने से नई सोच और ऊर्जा मिलती है।

मुख्यमंत्री बनने की मांग पर क्या बोले पारस

निशांत कुमार को भविष्य में मुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग पर भी पशुपति पारस ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक में लिया जाता है।

हालांकि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत राय व्यक्त करते हुए कहा कि उनके अनुसार निशांत कुमार मुख्यमंत्री बन सकते हैं। पारस ने कहा कि अगर जनता और विधायक दल उन्हें समर्थन देता है तो वे इस पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार हो सकते हैं।

संगठन विस्तार पर जोर

बैठक के दौरान RLJP के संगठनात्मक विस्तार पर भी विशेष चर्चा हुई। पार्टी नेताओं ने कहा कि आने वाले महीनों में बिहार समेत देश के अन्य राज्यों में भी संगठन को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए नए सदस्य जोड़ने और युवा नेताओं को आगे लाने की रणनीति तैयार की गई है।

पार्टी नेताओं का मानना है कि मजबूत संगठन के साथ ही चुनावी राजनीति में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से पार्टी लगातार संगठन को सक्रिय बनाने पर ध्यान दे रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रिंस राज पासवान को राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाना RLJP के भीतर नेतृत्व की नई दिशा का संकेत है। आने वाले महीनों में यह बदलाव पार्टी की राजनीति और रणनीति को किस तरह प्रभावित करेगा, इस पर सबकी नजर रहेगी।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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