राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने बिहार में संगठन विस्तार को दी रफ्तार, 40 संगठन जिलों के संयोजक-सह संयोजक और 11 प्रकोष्ठ अध्यक्ष घोषित

राष्ट्रीय लोक मोर्चा

बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने राज्यभर में संगठन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 40 संगठन जिलों के जिला संयोजकों और सह संयोजकों के नामों की घोषणा की है।

पटना। बिहार की राजनीति में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) ने बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया है। पार्टी ने राज्यभर में संगठन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 40 संगठन जिलों के जिला संयोजकों और सह संयोजकों के नामों की घोषणा की है। इसके साथ ही सामाजिक और व्यावसायिक वर्गों को जोड़ने के लिए 11 प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्षों का भी ऐलान किया गया है। यह घोषणा पटना स्थित पार्टी कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक आलोक कुमार सिंह द्वारा की गई।

पार्टी नेतृत्व का कहना है कि यह निर्णय आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत बनाने की रणनीति का हिस्सा है। रालोमो का फोकस बूथ स्तर तक सक्रिय कार्यकर्ता तैयार करने और समाज के हर वर्ग तक अपनी पहुंच सुनिश्चित करने पर है।

11 प्रकोष्ठों के प्रदेश अध्यक्ष घोषित

राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने विभिन्न सामाजिक समूहों और पेशेवर वर्गों को पार्टी से जोड़ने के उद्देश्य से 11 प्रकोष्ठों के अध्यक्षों की नियुक्ति की है। पार्टी का मानना है कि इन प्रकोष्ठों के माध्यम से समाज के अलग-अलग वर्गों की समस्याओं को संगठित तरीके से उठाया जाएगा।

घोषित प्रदेश अध्यक्षों की सूची इस प्रकार है:

  • अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ – अशोक राम
  • अति पिछड़ा प्रकोष्ठ – विनोद चौधरी निषाद
  • युवा प्रकोष्ठ – चंदन यादव
  • महिला प्रकोष्ठ – इंजीनियर स्मृति कुमुद
  • छात्र प्रकोष्ठ – डॉ. विवेक कुशवाहा
  • व्यवसायिक प्रकोष्ठ – संतोष गुप्ता
  • चिकित्सा प्रकोष्ठ – डॉ. दीपक कुशवाहा
  • अनुसूचित जनजाति प्रकोष्ठ – संतोष गोंड
  • सांस्कृतिक प्रकोष्ठ – उमा शंकर जायसवाल
  • शिक्षा प्रकोष्ठ – डॉ. अनिल कुमार सिंह
  • विधि प्रकोष्ठ – डॉ. रत्नाकर पांडेय

पार्टी के अनुसार, इन प्रकोष्ठों का उद्देश्य संबंधित वर्गों के मुद्दों को सीधे संगठन के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाना और समाधान के लिए ठोस रणनीति तैयार करना है।

40 संगठन जिलों में नई जिम्मेदारियां

इसी क्रम में पार्टी ने 40 संगठन जिलों में जिला संयोजकों और सह संयोजकों की नियुक्ति की है। यह कदम संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है। जिन प्रमुख जिलों के नामों की घोषणा की गई है, उनमें शामिल हैं:

  • बगहा – राजेश राम
  • पश्चिम चंपारण – शैलेश कुशवाहा
  • पूर्वी चंपारण – इंजीनियर रमेश पासवान
  • सीतामढ़ी – चंद्रिका पासवान
  • शिवहर – कल्याण पटेल
  • मुजफ्फरपुर – रामेश्वर सिंह कुशवाहा
  • वैशाली – लालदेव राम
  • गोपालगंज – सुमेर कुशवाहा

पार्टी सूत्रों के अनुसार, शेष जिलों की सूची भी जल्द सार्वजनिक की जाएगी। इन नियुक्तियों में सामाजिक संतुलन और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व का विशेष ध्यान रखा गया है।

बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति

प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार में एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है और इसी दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने नव-नियुक्त पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठन को सक्रिय करें, अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ें और समाज के सभी वर्गों तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाएं। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए हर बूथ पर सक्रिय टीम तैयार की जाएगी।

आलोक कुमार सिंह ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि पार्टी की विचारधारा और नीतियां गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचे। इसके लिए संगठनात्मक ढांचा मजबूत होना आवश्यक है।”


वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी

इस अवसर पर प्रदेश के दोनों कार्यकारी अध्यक्ष प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी तथा प्रदेश प्रधान महासचिव हिमांशु पटेल भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने संगठन विस्तार को पार्टी के लिए ऐतिहासिक कदम बताया और नव-नियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।

राजनीतिक विश्लेषण

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा का यह कदम बिहार की बदलती राजनीतिक परिस्थिति में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए प्रकोष्ठों का गठन और जिला स्तर पर नई नियुक्तियां पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती दे सकती हैं।

आगामी चुनावों से पहले संगठनात्मक पुनर्गठन को रालोमो की रणनीतिक तैयारी के रूप में देखा जा रहा है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि पार्टी इन नियुक्तियों के माध्यम से कितनी तेजी से अपने जनाधार का विस्तार कर पाती है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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