Patna NEET छात्रा रेप-मौत मामला: सियासत तेज, कांग्रेस का प्रदर्शन, SIT की जांच में नए खुलासे की उम्मीद
SIT जांच में नया मोड़, मृतका के 3 करीबी संदिग्ध हिरासत में
SIT जांच में नया मोड़, मृतका के 3 करीबी संदिग्ध हिरासत में
पटना NEET छात्रा रेप-मौत मामले में SIT की जांच तेज हो गई है। कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर आरोप, 3 संदिग्ध हिरासत में और बड़े खुलासे की संभावना। SIT जांच से जुड़ी हर अपडेट पढ़ें।
पटना। पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की रेप और संदिग्ध मौत के मामले में बिहार की राजनीति गरमा गई है। एक तरफ सरकार जांच की बात कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष सड़कों पर उतर आया है। मामले में विशेष जांच टीम (SIT) की कार्रवाई, राजनीतिक बयानबाजी और मानवाधिकार आयोग तक पहुंची याचिकाओं ने इस प्रकरण को और गंभीर बना दिया है।
डिप्टी CM सम्राट चौधरी का बयान

बिहार के उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि सरकार की ओर से पुलिस को पूरी छूट दी गई है। उन्होंने कहा,
“SIT अपना काम कर रही है। जो भी दोषी होगा, उसे खींचकर सबके सामने लाया जाएगा।”
सम्राट चौधरी के इस बयान के बाद सरकार ने यह संकेत देने की कोशिश की है कि जांच में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर गंभीर आरोप
इधर, कांग्रेस पार्टी ने पटना में सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस प्रदर्शन में बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम और पार्टी प्रभारी कृष्णा अल्लावरू भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान महिला कांग्रेस कार्यकर्ता गृह मंत्री के लिए चूड़ियां लेकर पहुंचीं, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पुतला दहन भी किया गया।

कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू ने आरोप लगाया कि
“पुलिस ने शुरुआत में मामले को दबाने की पूरी कोशिश की। जनता के दबाव के बाद FIR लिखी गई। SIT बनी है, लेकिन जांच निष्पक्ष और सही तरीके से होनी चाहिए।”
वहीं बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा,
“आप पूरे बिहार का आंकड़ा देख लीजिए, किसी भी थाने में पुलिस आसानी से FIR दर्ज नहीं करती। मामला हाईलाइट हुआ तो SIT बनाई गई, ताकि इसे दबाया जा सके। अगर दूध का दूध, पानी का पानी नहीं हुआ, तो हम लगातार सड़क पर रहेंगे।”
रोहिणी आचार्य ने उठाए सवाल

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने भी इस मामले को लेकर बिहार सरकार को घेरा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा,
“पूछता है बिहार – कब होंगे आरोपी गिरफ्तार?”
उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक हॉस्टल संचालक अग्रवाल दंपती और उनके आरोपी पुत्र की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
SIT की जांच में नया मोड़, 3 संदिग्ध हिरासत में
रविवार देर रात SIT ने मृतका के करीबी तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। सूत्रों के मुताबिक, इनसे गहन पूछताछ की जा रही है, हालांकि पुलिस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि SIT को टेक्निकल इनपुट के आधार पर अहम सुराग मिले हैं। जांच का दायरा अब प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल तक बढ़ा दिया गया है। अस्पताल से जुड़े सभी स्टेकहोल्डर्स की गतिविधियों की जांच की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि इलाज के दौरान भी साजिश रची गई हो सकती है। पुलिस आज यानी सोमवार को बड़ा खुलासा कर सकती है।
छात्रा का बैकग्राउंड
मृत छात्रा जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना के एक हॉस्टल में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी। जानकारी के अनुसार, वह घटना से एक दिन पहले ही अपने घर से पटना लौटी थी। इसके बाद संदिग्ध परिस्थितियों में उसकी तबीयत बिगड़ी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा मामला
इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) और राज्य मानवाधिकार आयोग में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में सामने आई गंभीर चोटों और रेप के संकेतों को आधार बनाते हुए रिटायर्ड जज की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भी पत्र लिखा गया है।
पप्पू यादव ने लगाए गंभीर आरोप
शनिवार देर रात पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पटना में एक निजी अस्पताल के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि अस्पताल के एक डॉक्टर ने उन्हें बताया था कि इलाज के दौरान छात्रा को होश आया था, लेकिन उसे जबरन वेंटिलेटर पर डाल दिया गया।

पप्पू यादव ने आरोप लगाया कि
“परिवार को मनीष रंजन के गार्ड ने उलझाकर रखा और पुलिस साजिशन आरोपी को रिमांड पर नहीं ले रही।”
पूरे बिहार में विरोध प्रदर्शन
छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर पूरे बिहार में प्रदर्शन हो रहे हैं।
- बेगूसराय में NSUI ने प्रदर्शन किया।
- जहानाबाद में आक्रोश मार्च निकाला गया, जिसमें कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश सिंह शामिल हुए।
- जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना SSP से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की।
आगे की राह
फिलहाल SIT की जांच, संदिग्धों से पूछताछ और संभावित खुलासे पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह मामला अब सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि बिहार में कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही की बड़ी परीक्षा बन चुका है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
