नहीं रहे दिग्गज अभिनेता सुनील थापा, 68 वर्ष की उम्र में कार्डियक अरेस्ट से निधन

सुनील थापा

नेपाली, बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा में अपनी सशक्त अभिनय शैली से अलग पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता सुनील थापा का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

काठमांडू। नेपाली, बॉलीवुड और भोजपुरी सिनेमा में अपनी सशक्त अभिनय शैली से अलग पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता सुनील थापा का 68 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने काठमांडू में अंतिम सांस ली। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था। परिजनों के काठमांडू पहुंचने के बाद आधिकारिक घोषणा और अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी साझा की जाएगी।

अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने द काठमांडू पोस्ट को बताया,
“जब उन्हें अस्पताल लाया गया, तब वे बेहोश थे। तुरंत ECG किया गया, जिससे उनकी मृत्यु की पुष्टि हो गई। प्रारंभिक तौर पर कार्डियक अरेस्ट की आशंका है, हालांकि अंतिम मेडिकल रिपोर्ट आना बाकी है।”

नेपाली सिनेमा के मजबूत स्तंभ का अंत

सुनील थापा का जन्म नेपाल के दांग जिले में हुआ था। उन्होंने चार दशकों से अधिक समय तक फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय रहते हुए 300 से ज्यादा नेपाली फिल्मों में अभिनय किया। खासतौर पर उनके खलनायक (विलेन) किरदारों ने उन्हें नेपाली सिनेमा में एक अलग मुकाम दिलाया।

उनकी गिनती उन कलाकारों में होती थी, जिन्होंने नकारात्मक भूमिकाओं को भी गहराई और प्रभाव के साथ निभाया। उनकी दमदार आवाज, प्रभावशाली संवाद अदायगी और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय बना दिया।

‘चिनो’ से अमर हुआ किरदार ‘राते कैल’

साल 1991 में आई नेपाली फिल्म ‘चिनो’ में निभाया गया उनका किरदार राते कैल आज भी नेपाली सिनेमा के सबसे यादगार किरदारों में गिना जाता है। यह फिल्म एक कल्ट क्लासिक मानी जाती है और सुनील थापा का अभिनय इसके केंद्र में रहा।

‘राते कैल’ सिर्फ एक किरदार नहीं, बल्कि नेपाली फिल्म इतिहास का एक प्रतीक बन गया, जिसने उन्हें स्थायी पहचान दिलाई।

बॉलीवुड और अंतरराष्ट्रीय पहचान

सुनील थापा ने नेपाली सिनेमा तक खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने बॉलीवुड और भोजपुरी फिल्मों में भी काम किया। उनके करियर की शुरुआत बॉलीवुड फिल्म ‘एक दूजे के लिए’ से मानी जाती है, जिसने उन्हें हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में प्रवेश दिलाया।

हालांकि, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा पहचान मिली 2014 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘मैरी कॉम’ से, जिसमें उन्होंने प्रियंका चोपड़ा के कोच नरजीत सिंह का किरदार निभाया। यह भूमिका बेहद संतुलित, सशक्त और प्रेरणादायक रही, जिसे दर्शकों और आलोचकों ने खूब सराहा।

इस फिल्म के बाद उन्हें दक्षिण एशियाई फिल्म जगत में एक अनुभवी और भरोसेमंद अभिनेता के रूप में देखा जाने लगा।

अभिनय से पहले मॉडलिंग, फिर सिनेमा का सफर

बहुत कम लोग जानते हैं कि सुनील थापा ने अपने करियर की शुरुआत 1970 के दशक के मध्य में मुंबई में मॉडलिंग से की थी। बाद में उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया और धीरे-धीरे खुद को एक बहुआयामी अभिनेता के रूप में स्थापित किया।

उन्होंने हिंदी, नेपाली और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में सहजता से काम किया, जो उनकी अभिनय क्षमता और भाषाई पकड़ को दर्शाता है।

वेब सीरीज़ और हालिया काम

सुनील थापा हाल के वर्षों में भी सक्रिय रहे। उन्होंने चर्चित वेब सीरीज़ ‘द फैमिली मैन सीजन 3’ में डेविड खुज़ोउ का छोटा लेकिन प्रभावशाली किरदार निभाया। इस सीरीज़ में उन्होंने नागालैंड के एक सम्मानित नेता और MCA प्रमुख की भूमिका अदा की, जो दर्शकों को काफी पसंद आई।

सम्मान, योगदान और विरासत

अपने लंबे करियर में सुनील थापा को कई पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें मोशन पिक्चर्स अवॉर्ड नेपाल दो बार मिला। इसके अलावा, वे एवरेस्ट फिल्म अकादमी के अध्यक्ष भी रहे, जहां उन्होंने युवा कलाकारों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया।

वे केवल एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक मेंटोर, शिक्षक और प्रेरणा स्रोत भी थे। खलनायक से लेकर गुरु और मार्गदर्शक जैसी भूमिकाओं में उनका सहज परिवर्तन उन्हें खास बनाता था।

फिल्म जगत में शोक की लहर

सुनील थापा के निधन से नेपाल सहित पूरे दक्षिण एशिया के फिल्म जगत में शोक की लहर है। कई कलाकारों, निर्देशकों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी और उनके योगदान को याद किया।

निष्कर्ष

सुनील थापा का जाना सिनेमा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने अपने अभिनय से न सिर्फ मनोरंजन किया, बल्कि नेपाली सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। उनकी फिल्मों, किरदारों और योगदान के जरिए वे हमेशा दर्शकों के दिलों में जीवित रहेंगे।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट