पाकिस्तानी स्पिनर अबरार अहमद को Sunrisers Leeds ने खरीदा, काव्या मारन सोशल मीडिया पर आलोचना के घेरे में

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भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी Sunrisers Leeds ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर Abrar Ahmed को अपनी टीम में शामिल किया है।

नई दिल्ली/लंदन: इंग्लैंड की चर्चित फ्रेंचाइजी लीग The Hundred की नीलामी में एक ऐसा फैसला सामने आया है जिसने क्रिकेट और राजनीति दोनों हलकों में चर्चा छेड़ दी है। भारतीय मालिकाना हक वाली फ्रेंचाइजी Sunrisers Leeds ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर Abrar Ahmed को अपनी टीम में शामिल किया है।

फ्रेंचाइजी की CEO Kavya Maran ने खुद नीलामी में बोली लगाकर अबरार को 1.90 लाख पाउंड (करीब 2.34 करोड़ रुपए) में खरीदा। इस खरीद के साथ अबरार अहमद द हंड्रेड लीग में किसी भारतीय स्वामित्व वाली फ्रेंचाइजी से जुड़ने वाले पहले पाकिस्तानी खिलाड़ी बन गए हैं। हालांकि इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर काव्या मारन की आलोचना भी शुरू हो गई है।

भारत-पाक रिश्तों की वजह से विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण राजनीतिक रिश्ते रहे हैं। इसी कारण 2009 के बाद से भारतीय क्रिकेट लीगों, खासकर आईपीएल, में किसी भी पाकिस्तानी खिलाड़ी को शामिल नहीं किया गया है।

इसी पृष्ठभूमि में अबरार अहमद को भारतीय मालिकाना हक वाली टीम द्वारा खरीदे जाने को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे खेल के जरिए रिश्ते बेहतर करने का कदम मान रहे हैं, जबकि कई लोग इस फैसले की आलोचना भी कर रहे हैं।

सन ग्रुप का इंग्लैंड क्रिकेट में विस्तार

दरअसल, चेन्नई स्थित मीडिया कंपनी Sun Group ने पिछले साल इंग्लैंड क्रिकेट में बड़ा निवेश किया था। कंपनी ने पहले Northern Superchargers में 49% हिस्सेदारी इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) से खरीदी और फिर बाकी 51% हिस्सेदारी यॉर्कशायर काउंटी क्लब से हासिल कर ली।

करीब 10 करोड़ पाउंड के इस सौदे के बाद टीम का नाम बदलकर Sunrisers Leeds कर दिया गया। यह टीम अब द हंड्रेड लीग में सन ग्रुप का प्रतिनिधित्व करती है।

सन ग्रुप पहले से ही आईपीएल में Sunrisers Hyderabad और दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में Sunrisers Eastern Cape का मालिक है। हालांकि इन दोनों टीमों में अभी तक कोई भी पाकिस्तानी खिलाड़ी शामिल नहीं किया गया है।

उस्मान तारिक भी बिके

द हंड्रेड की इस नीलामी में पाकिस्तान के एक और खिलाड़ी को खरीदा गया। मिस्ट्री स्पिनर Usman Tariq को Birmingham Phoenix ने 1.40 लाख पाउंड (लगभग 1.72 करोड़ रुपए) में अपनी टीम में शामिल किया।

हालांकि पाकिस्तान के तेज गेंदबाज Haris Rauf और ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर Saim Ayub को इस नीलामी में कोई खरीदार नहीं मिला और वे अनसोल्ड रह गए।

पहले भी हो चुका है विवाद

क्रिकेट में राजनीतिक विवादों का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले आईपीएल 2026 के मिनी ऑक्शन के दौरान भी इसी तरह का विवाद सामने आया था।

आईपीएल फ्रेंचाइजी Kolkata Knight Riders ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज Mustafizur Rahman को 9.20 करोड़ रुपए में खरीदा था। लेकिन इसके बाद भारत में इस फैसले को लेकर विरोध शुरू हो गया।

बताया गया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर भारत में नाराजगी थी। इसके बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी Board of Control for Cricket in India के हस्तक्षेप के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया।

प्रसारण विवाद और अंतरराष्ट्रीय असर

इस फैसले से नाराज होकर बांग्लादेश सरकार ने अपने देश में आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगा दी थी। इतना ही नहीं, बाद में बांग्लादेश ने भारत में आयोजित होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में खेलने से भी इनकार कर दिया।

इसके बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी International Cricket Council ने कड़ा फैसला लेते हुए बांग्लादेश को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया था और उसकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया।

भारत-पाक मैच पर भी हुआ था विवाद

भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मुकाबले हमेशा से हाई-वोल्टेज रहे हैं। हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप के दौरान भी दोनों देशों के बीच मैच को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

पाकिस्तानी सरकार ने पहले भारत के खिलाफ मैच खेलने का बॉयकॉट कर दिया था। हालांकि बाद में श्रीलंका के राष्ट्रपति के हस्तक्षेप के बाद पाकिस्तान ने मैच खेलने की मंजूरी दी।

कोलंबो में खेले गए इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया था। इस मैच में भारतीय बल्लेबाज Ishan Kishan ने शानदार अर्धशतक लगाया था।

खेल और राजनीति का संगम

अबरार अहमद को सनराइजर्स लीड्स द्वारा खरीदे जाने के बाद यह सवाल फिर उठने लगा है कि क्या खेल को राजनीति से अलग रखा जा सकता है।

जहां एक ओर क्रिकेट प्रेमी इस फैसले को खेल भावना के लिहाज से सकारात्मक मान रहे हैं, वहीं कुछ लोग इसे भारत-पाक संबंधों के संदर्भ में विवादित कदम बता रहे हैं।

अब सभी की नजरें 21 जुलाई से शुरू होने वाली द हंड्रेड लीग पर टिकी हैं, जहां यह देखना दिलचस्प होगा कि अबरार अहमद मैदान पर कैसा प्रदर्शन करते हैं और यह फैसला भविष्य में भारतीय फ्रेंचाइजी और पाकिस्तानी खिलाड़ियों के रिश्तों को किस दिशा में ले जाता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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