पटना में भवन निर्माण विभाग के इंजीनियर पर SVU का शिकंजा, 3 ठिकानों पर छापेमारी, मचा हडकंप
SVU की छापेमारी में इंजीनियर के तीन ठिकानों पर दस्तावेजों की जांच
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। SVU छापेमारी को लेकर पटना और पूर्णिया में बुधवार को हलचल तेज हो गई। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो यानी स्पेशल विजिलेंस यूनिट (SVU) ने भवन निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौधरी से जुड़े तीन ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की। इनमें पटना और पूर्णिया के ठिकाने शामिल बताए गए हैं। कार्रवाई का आधार आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का आरोप बताया जा रहा है।
पटना में शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के कृषि नगर, शेखपुरा स्थित C-11 आवास पर भी टीम के पहुंचने की जानकारी दी गई है। बताया गया है कि यह G+3 संरचना वाली इमारत है। अलग-अलग टीमों ने संबंधित परिसरों में पहुंचकर संपत्ति और आय से जुड़े दस्तावेजों की जांच शुरू की। हालांकि, तलाशी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
तीन ठिकानों पर एक साथ पहुंची SVU की टीमें
SVU की अलग-अलग टीमें तीनों ठिकानों पर एक साथ पहुंचीं। तलाशी के दौरान अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े कागजात, आय के स्रोतों से संबंधित दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाले। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित अधिकारी की घोषित आय और उनके नाम या उनसे जुड़े लोगों के नाम पर मौजूद संपत्तियों के बीच कोई असामान्य अंतर है या नहीं।
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आय से अधिक संपत्ति के मामलों में जांच एजेंसी आमतौर पर आय के ज्ञात स्रोतों, संपत्तियों, बैंक खातों और खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का मिलान करती है। हालांकि, किसी परिसर से दस्तावेज मिलने या तलाशी होने मात्र से आरोप साबित नहीं होते। अंतिम स्थिति जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होती है।
पटना के आवास पर भी जांच
पटना स्थित आवास को लेकर उपलब्ध जानकारी में बताया गया है कि शास्त्री नगर थाना क्षेत्र के कृषि नगर, शेखपुरा में स्थित C-11 आवास पर भी तलाशी ली गई। यह G+3 बिल्डिंग स्ट्रक्चर बताया जा रहा है। टीम ने यहां संपत्ति से संबंधित दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की।

तलाशी के दौरान अधिकारियों की ओर से संपत्ति के कागजात, आय से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री की पड़ताल किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि टीम को किन दस्तावेजों या संपत्तियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली।
पूर्णिया से भी जुड़े बताए गए ठिकाने
पटना के अलावा पूर्णिया में भी संबंधित अधिकारी से जुड़े ठिकानों पर तलाशी की जानकारी दी गई है। SVU की टीमों ने यहां भी संपत्ति और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने दस्तावेजों को खंगालने के साथ संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड जुटाए।
पूर्णिया और पटना में एक साथ कार्रवाई किए जाने का उद्देश्य अलग-अलग स्थानों पर मौजूद संपत्तियों और दस्तावेजों को एक ही समय में जांच के दायरे में लेना बताया गया है। इससे जांच एजेंसी को संबंधित रिकॉर्ड की तुलना करने में मदद मिल सकती है।
SVU किस आधार पर कर रही जांच?
मामला कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति से जुड़ा है। ऐसे मामलों में जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश करती है कि किसी सरकारी अधिकारी की ज्ञात और वैध आय के मुकाबले उसके पास कितनी संपत्ति है। यदि संपत्ति और आय के बीच बड़ा अंतर पाया जाता है, तो एजेंसी उसके स्रोत की जांच करती है।
इस तरह की जांच में जमीन, मकान, बैंक खाते, निवेश, वाहन और अन्य आर्थिक लेन-देन से संबंधित दस्तावेज महत्वपूर्ण हो सकते हैं। जांच के दौरान अधिकारियों द्वारा जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे की कानूनी प्रक्रिया तय की जाती है।
तलाशी पूरी होने के बाद सामने आएगी तस्वीर
फिलहाल तीनों ठिकानों पर तलाशी की कार्रवाई से जुड़ी विस्तृत बरामदगी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि जांच टीम को कितनी संपत्ति या कितने दस्तावेज मिले हैं। अधिकारियों की ओर से तलाशी पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी सामने आने की संभावना है।
जांच के दौरान यदि कोई ऐसा दस्तावेज या रिकॉर्ड मिलता है, जो आय और संपत्ति के बीच अंतर से जुड़ा हो, तो उसे जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। वहीं संबंधित अधिकारी को भी कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखने का अवसर मिलता है।
पटना में SVU की कार्रवाई पर नजर
पटना में सरकारी अधिकारियों से जुड़े आय से अधिक संपत्ति के मामलों में SVU की कार्रवाई पहले भी सामने आती रही है। हाल ही में 11 सितंबर को SVU ने लघु जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता राजेंद्र कुमार से जुड़े पांच ठिकानों पर आय से अधिक संपत्ति मामले में तलाशी ली थी। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार उस कार्रवाई में कई संपत्तियों, नकदी और आभूषणों से संबंधित जानकारी सामने आई थी।
इसी वजह से मौजूदा कार्रवाई को लेकर भी जांच के अगले चरण पर नजर बनी हुई है। हालांकि, अलग-अलग मामलों और अधिकारियों को एक-दूसरे से जोड़ना उचित नहीं होगा। प्रत्येक मामले में जांच एजेंसी के सामने मौजूद दस्तावेज और आरोप अलग हो सकते हैं।
भवन निर्माण विभाग से जुड़ी कार्रवाई पर सवाल
बिहार भवन निर्माण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर सितंबर 2026 में विभागीय गतिविधियों और अधिकारियों से संबंधित विभिन्न कार्यवाहियां दर्ज हैं। लेकिन उपलब्ध ताजा मीडिया रिपोर्टों में इसी नाम और पद के साथ बुधवार की SVU कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि नहीं मिल सकी। इसलिए अधिकारी का नाम, पद और छापेमारी वाले ठिकानों की संख्या को आधिकारिक SVU प्रेस विज्ञप्ति आने तक सावधानी से रिपोर्ट करना उचित होगा।
जांच पूरी होने का इंतजार
फिलहाल SVU की कार्रवाई का मुख्य केंद्र आय और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच है। तीनों ठिकानों पर तलाशी पूरी होने के बाद बरामदगी, संपत्तियों का विवरण और जांच में सामने आए तथ्यों की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।

यदि जांच में आय से अधिक संपत्ति से जुड़े तथ्य सामने आते हैं, तो एजेंसी आगे कानूनी कार्रवाई कर सकती है। वहीं यदि किसी संपत्ति या लेन-देन का वैध स्रोत सामने आता है, तो उसे भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।
इसलिए फिलहाल इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि SVU की तलाशी चल रही है और जांच के नतीजे सामने आना बाकी है। आधिकारिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोपों का आधार क्या है और तलाशी में एजेंसी को वास्तव में क्या मिला।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
