तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार पर बड़ा हमला, कहा– 21 साल में भी बिहार बना देश का सबसे गरीब राज्य

तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के बाद राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर जोरदार हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 21 वर्षों से सत्ता में रही एनडीए सरकार के शासनकाल में बिहार विकास के बजाय पिछड़ेपन, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की ओर बढ़ा है।

पटना। तेजस्वी यादव ने बिहार विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने के बाद राज्य की नीतीश कुमार सरकार पर जोरदार हमला बोला। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 21 वर्षों से सत्ता में रही एनडीए सरकार के शासनकाल में बिहार विकास के बजाय पिछड़ेपन, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की ओर बढ़ा है। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक शासन करने के बावजूद राज्य आज भी देश के सबसे गरीब और फिसड्डी राज्यों में गिना जा रहा है।

“21 साल में भी नहीं बदली बिहार की तस्वीर”

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में पिछले 21 साल से एनडीए की सरकार चल रही है, लेकिन इस दौरान राज्य की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनके मुताबिक, बिहार आज देश का सबसे गरीब राज्य है, जहां प्रति व्यक्ति आय सबसे कम है। उन्होंने दावा किया कि बेरोजगारी, पलायन और गरीबी के मामले में भी बिहार शीर्ष पर है, जो सरकार की नीतियों की विफलता को दर्शाता है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि निवेश के मामले में भी बिहार की स्थिति बेहद कमजोर है। उद्योग-धंधों के अभाव में युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की ओर पलायन करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार निवेश आकर्षित करने और रोजगार सृजन में पूरी तरह असफल रही है।

भ्रष्टाचार से खाली हो रहा खजाना?

तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भ्रष्टाचारियों ने सरकारी खजाना खाली कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि स्थिति इतनी खराब है कि आने वाले दिनों में बिहार सरकार के पास कर्मचारियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं बचेंगे।

उन्होंने कहा कि “इतना भ्रष्टाचार और लूट मची है कि सरकारी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।” हालांकि सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल में पिछड़ापन

तेजस्वी यादव ने शिक्षा, स्वास्थ्य और खेल के क्षेत्र में भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी बिहार देश के अन्य राज्यों से काफी पीछे है। सरकारी स्कूलों और अस्पतालों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण के अवसर नहीं मिल पा रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास विकास का कोई ठोस विजन नहीं है और बजट में भी आम जनता के लिए कोई खास प्रावधान नहीं किया गया है। उनके मुताबिक, हालिया बजट में रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य को लेकर ठोस योजनाओं का अभाव है।

कानून-व्यवस्था पर सवाल

नेता प्रतिपक्ष ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बिहार में हर दिन हत्या, रेप और गैंगरेप जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध, भ्रष्टाचार, कुशासन और अफसरशाही लगातार बढ़ रही है।

तेजस्वी यादव ने कहा कि जब विपक्ष सदन में इन मुद्दों को उठाता है और सरकार से जवाब मांगता है, तो सरकार के पास ठोस उत्तर नहीं होते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ “पुरानी घिसी-पिटी बातें” दोहराकर अपनी जिम्मेदारी से बचने की कोशिश करती है।

“जनता ने 21 साल दिया मौका”

तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की जनता ने एनडीए को 21 साल तक शासन का मौका दिया, लेकिन इसके बावजूद राज्य की स्थिति संतोषजनक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि अब जनता बदलाव चाहती है और विकास, रोजगार तथा सुशासन के मुद्दों पर गंभीर नेतृत्व की अपेक्षा कर रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य को “अचेत नेतृत्व” मिला है, जिसके कारण प्रशासनिक व्यवस्था कमजोर हुई है। हालांकि उन्होंने किसी विशेष घटना का उल्लेख नहीं किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि विपक्ष आने वाले समय में इन मुद्दों को और मजबूती से उठाएगा।

राजनीतिक तापमान में बढ़ोतरी

बिहार विधानसभा सत्र के दौरान दिए गए इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। जहां एक ओर विपक्ष सरकार पर हमलावर है, वहीं सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक बयानबाजी करार दे सकता है।

आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इन आरोपों का किस तरह जवाब देती है और क्या विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर कोई ठोस कदम उठाए जाते हैं या नहीं। फिलहाल, तेजस्वी यादव के इस बयान ने बिहार की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है, जिसमें विकास, रोजगार, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे केंद्र में हैं।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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