जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि: बापू सभागार में राजद का शक्ति प्रदर्शन, तेजस्वी यादव का नीतीश सरकार और BJP पर हमला
बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय की विरासत को केंद्र में रखते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर राजधानी पटना के बापू सभागार में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया।
पटना: बिहार की राजनीति में सामाजिक न्याय की विरासत को केंद्र में रखते हुए राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने जननायक कर्पूरी ठाकुर की 38वीं पुण्यतिथि पर राजधानी पटना के बापू सभागार में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव समेत कई वरिष्ठ नेता, विधायक और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम को राजद ने संगठनात्मक मजबूती और राजनीतिक संदेश देने के मंच के रूप में भी इस्तेमाल किया।
कर्पूरी ठाकुर को श्रद्धांजलि, विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प
कार्यक्रम की शुरुआत में तेजस्वी यादव ने जननायक कर्पूरी ठाकुर को नमन करते हुए कहा कि उनके विचारों को गांव-गांव और जन-जन तक पहुंचाना ही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि भले ही उन्होंने कर्पूरी ठाकुर को प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा, लेकिन उनके पिता लालू प्रसाद यादव हमेशा उनके आदर्शों और संघर्षों का जिक्र करते थे।

तेजस्वी ने भावुक अंदाज में कहा कि कर्पूरी ठाकुर ने अपने अंतिम समय में लालू प्रसाद यादव की गोद में सिर रखा था और सामाजिक न्याय की मशाल को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी थी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में उनके सपनों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण है, लेकिन राजद इसके लिए प्रतिबद्ध है।
नीतीश कुमार पर सीधा हमला, ‘धोखा’ और ‘तानाशाही’ के आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें “धोखेबाज” बताया। उन्होंने कहा कि दो बार सरकार बनी और दोनों बार राजद को धोखा मिला। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पूरा देश उन्हें “पलटू राम” के नाम से जानता है।

तेजस्वी ने दावा किया कि बिहार को “अचेत मुख्यमंत्री” मिला है और राज्य में अपराध चरम पर है। उन्होंने कहा कि अगर यही हालात राजद शासन में होते तो इसे “महा जंगलराज” करार दिया जाता। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में नकली पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी जा रही है और कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
100 दिन और रोजगार का मुद्दा
तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकार के 100 दिन पूरे होने में अभी चार दिन बाकी हैं और उसके बाद वे खुलकर समीक्षा करेंगे कि कितने लोगों को रोजगार मिला। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार उनकी घोषणाओं की नकल कर रही है।
उन्होंने कहा कि राजद की प्राथमिकता सभी जाति-बिरादरी के लोगों को सम्मान और रोजगार देना है। तेजस्वी ने दावा किया कि पिछली सरकार में लाखों नौकरियां दी गईं और आगे भी सामाजिक न्याय के एजेंडे को आगे बढ़ाया जाएगा।
BJP को खुला चैलेंज
तेजस्वी यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को अकेले चुनाव लड़ने की चुनौती दी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग से लेकर केंद्रीय एजेंसियों—ED, CBI और इनकम टैक्स—तक का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों को चुनाव प्रचार के लिए बुलाया गया और चुनाव के दौरान पैसों का खुलकर इस्तेमाल हुआ। “हिम्मत है तो अकेले चुनाव लड़िए,” तेजस्वी ने मंच से कहा।
साथ ही उन्होंने “वन नेशन, वन इलेक्शन” के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमजोर करने की कोशिश है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तरह केंद्रीकृत सत्ता चाहते हैं।
संगठन विस्तार और राष्ट्रीय पार्टी का लक्ष्य
तेजस्वी ने घोषणा की कि मार्च के बाद वे पूरे बिहार का दौरा करेंगे और संगठन को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि राजद को राष्ट्रीय पार्टी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव को डराने के लिए कोर्ट बुलाया जा रहा है, लेकिन न तो लालू झुके हैं और न ही वे खुद झुकेंगे। मंच से उन्होंने कार्यकर्ताओं से समर्थन मांगा और हाथ उठाकर साथ देने की अपील की।
पोस्टर, झंडे और विवाद
कार्यक्रम को लेकर पटना शहर में बड़े पैमाने पर पोस्टर और झंडे लगाए गए थे। हालांकि, कार्यक्रम शुरू होने से पहले इनकम टैक्स गोलंबर पर लगे राजद के झंडे को नगर निगम की टीम द्वारा हटाए जाने की खबर से राजनीतिक हलचल बढ़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे प्रशासनिक पक्षपात करार दिया, जबकि प्रशासन की ओर से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
सामाजिक न्याय पर चर्चा
कार्यक्रम में कर्पूरी ठाकुर के सामाजिक न्याय, पिछड़े वर्गों के उत्थान और शिक्षा-रोजगार में समान अवसर की नीतियों पर चर्चा की गई। पार्टी नेताओं ने कहा कि कर्पूरी ठाकुर केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे, जिन्होंने बिहार की राजनीति को नई दिशा दी।
सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के बीच आयोजित इस कार्यक्रम को राजद के शक्ति प्रदर्शन और आगामी राजनीतिक रणनीति के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में इस कार्यक्रम के संदेश और तेजस्वी यादव के बयानों का असर कितना पड़ता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
