संत रविदास जयंती पर तेजस्वी यादव का हमला: अपराध, बेरोजगारी और शराबबंदी को लेकर नीतीश सरकार पर साधा निशाना
संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता Tejashwi Yadav ने बिहार की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शराबबंदी की विफलता को लेकर मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर जमकर निशाना साधा।
पटना। संत रविदास जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता Tejashwi Yadav ने बिहार की मौजूदा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राज्य में बढ़ते अपराध, भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शराबबंदी की विफलता को लेकर मुख्यमंत्री Nitish Kumar पर जमकर निशाना साधा।
तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने 100 दिनों तक सरकार के खिलाफ कुछ नहीं बोलने का फैसला किया था और उस वादे को निभाया। लेकिन जैसे ही 100 दिन पूरे हुए, उन्होंने सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। उनके अनुसार, “सत्ता में बैठे लोग महाठग हैं, उन्हें गरीबों से कोई मतलब नहीं है। यही वजह है कि गरीबों के आशियाने उजाड़े जा रहे हैं।”
संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक: तेजस्वी
कार्यक्रम में बोलते हुए तेजस्वी यादव ने संत रविदास के जीवन और विचारों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हर साल संत रविदास जयंती मनाई जाती है, लेकिन आज के सामाजिक और राजनीतिक हालात में उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।

तेजस्वी ने लोगों से अपील की कि वे संत रविदास के संघर्ष, समानता और सामाजिक न्याय के संदेश को पढ़ें और समझें। उनके मुताबिक, आज जरूरत है कि समाज उनके बताए रास्ते पर चले और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाए।
अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर सरकार पर हमला
राजद नेता ने आरोप लगाया कि बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और कई मामलों में “झूठी पोस्टमार्टम रिपोर्ट” तक दी जा रही है।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में बिना घूस दिए कोई काम नहीं होता। चाहे थाना हो या ब्लॉक, हर जगह भ्रष्टाचार व्याप्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी दफ्तरों में आम लोगों को परेशान किया जाता है और काम करवाने के लिए पैसे की मांग की जाती है।
शराबबंदी पर उठाए सवाल
बिहार में लागू शराबबंदी नीति को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार शराबबंदी का ढोल पीटती है, लेकिन हकीकत यह है कि राज्य में खुलेआम शराब बिक रही है।

उनके मुताबिक, शराबबंदी कानून के तहत ज्यादातर कार्रवाई गरीब और दलित समाज के लोगों पर होती है, जबकि बड़े लोग बच निकलते हैं। उन्होंने इसे “नीति की विफलता” करार दिया और कहा कि सरकार को इस पर गंभीरता से पुनर्विचार करना चाहिए।
बेरोजगारी और नौकरियों में धांधली का आरोप
तेजस्वी यादव ने राज्य में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरियों में धांधली हो रही है और पैसे देने वालों को प्राथमिकता मिलती है।
उन्होंने दावा किया कि उनकी 17 महीने की सरकार के दौरान 5 लाख लोगों को नौकरी दी गई थी, जिसमें करीब 2 लाख शिक्षकों की नियुक्ति शामिल थी। तेजस्वी ने कहा कि उनकी सरकार ने युवाओं को रोजगार देने के लिए ठोस कदम उठाए थे, लेकिन वर्तमान सरकार इस दिशा में विफल साबित हो रही है।
स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल
राजद नेता ने राज्य की स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है और स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता गिर रही है।
उनके मुताबिक, गरीब परिवारों को बेहतर इलाज और पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है, जो सरकार की नाकामी को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री पर तीखा बयान
तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को “अचेत” और “कठपुतली” तक बता दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने राजनीतिक हितों के लिए उनसे काम करवा रही है।

चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आते हैं, पैसे और घूस का खेल शुरू हो जाता है। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता की मांग की।
यूजीसी मुद्दे पर भी जताया विरोध
यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने कहा कि वे पहले भी इसके खिलाफ आवाज उठा चुके हैं और आगे भी लड़ते रहेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि इस विषय पर जल्द ही विस्तृत चर्चा की जाएगी।
राजनीतिक तापमान में बढ़ोतरी
संत रविदास जयंती के मंच से दिए गए इन बयानों के बाद बिहार की राजनीति में एक बार फिर सियासी तापमान बढ़ गया है। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि आने वाले दिनों में वे सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाने वाले हैं।
अब देखना होगा कि नीतीश कुमार और उनकी सरकार इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है। फिलहाल, बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है और आगामी चुनाव को लेकर माहौल गरमाता नजर आ रहा है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
