पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले बढ़ा सियासी तनाव: TMC और चुनाव आयोग आमने-सामने, डेरेक ओ’ब्रायन के गंभीर आरोप

TMC VS ECI

बुधवार को TMC के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवाद को और बढ़ा दिया।

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) और चुनाव आयोग के बीच टकराव अब खुलकर सामने आ गया है। बुधवार को TMC के वरिष्ठ नेता डेरेक ओ’ब्रायन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए विवाद को और बढ़ा दिया।

TMC नेता Derek O’Brien ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर चुनाव आयोग के साथ हुई बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ने उनके प्रतिनिधिमंडल से अपमानजनक व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठक शुरू होने के महज सात मिनट के भीतर ही ज्ञानेश कुमार ने उनसे “दफा हो जाओ” (Get lost) कहा।

ओ’ब्रायन ने कहा, “हम वहां से इसलिए चले आए क्योंकि हमारे साथ इस तरह का व्यवहार किया गया। हम संसद में दूसरी सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी हैं, और इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।”

ममता बनर्जी के पत्रों का मुद्दा

TMC प्रतिनिधिमंडल अपने साथ पार्टी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लिखे गए नौ पत्र भी लेकर गया था। ओ’ब्रायन के अनुसार, इन पत्रों का अब तक चुनाव आयोग की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया है।

उन्होंने कहा कि इन पत्रों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए थे, जिन पर चर्चा की उम्मीद थी। लेकिन बैठक का माहौल शुरू से ही तनावपूर्ण रहा।

अधिकारियों के तबादलों पर उठे सवाल

बैठक के दौरान TMC ने आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद बड़े पैमाने पर किए गए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के तबादलों का मुद्दा भी उठाया। पार्टी का आरोप है कि इस तरह के तबादले निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं।

ओ’ब्रायन ने कहा, “हमने पूछा कि जब आप इतनी बड़ी संख्या में अधिकारियों का तबादला कर रहे हैं, तो निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कैसे सुनिश्चित होंगे? लेकिन हमें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।”

चुनाव आयोग को दी चुनौती

TMC नेता ने चुनाव आयोग को खुली चुनौती देते हुए कहा कि अगर बैठक में ऐसा कुछ नहीं हुआ, तो आयोग को उस बैठक की ऑडियो या वीडियो रिकॉर्डिंग सार्वजनिक करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे सच्चाई सामने आ जाएगी।

इसके अलावा, उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके प्रतिनिधिमंडल के एक सदस्य ने मुख्य चुनाव आयुक्त को यह याद दिलाया कि वे ऐसे पहले CEC हैं जिनके खिलाफ संसद के दोनों सदनों में उन्हें हटाने के नोटिस दिए गए हैं।

चुनाव आयोग का पलटवार

वहीं चुनाव आयोग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पलटवार किया है। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि बैठक के दौरान Derek O’Brien ने ही आक्रामक रवैया अपनाया और मुख्य चुनाव आयुक्त पर चिल्लाए।

आयोग के मुताबिक, ज्ञानेश कुमार ने केवल इतना कहा कि बैठक के दौरान मर्यादा बनाए रखें और शांतिपूर्वक अपनी बात रखें।

इसके बाद चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक सख्त बयान जारी किया। बयान में कहा गया कि पश्चिम बंगाल में इस बार चुनाव पूरी तरह से भय-मुक्त, हिंसा-मुक्त और निष्पक्ष होंगे।

चुनाव आयोग का सख्त संदेश

आयोग ने अपने पोस्ट में साफ कहा कि इस बार चुनावों में किसी भी तरह की धांधली, बूथ कैप्चरिंग, धमकी या प्रलोभन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही यह भी संकेत दिया गया कि आयोग निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

बढ़ता राजनीतिक टकराव

TMC और चुनाव आयोग के बीच यह टकराव ऐसे समय पर सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल चुनाव नजदीक हैं। ऐसे में इस विवाद का असर चुनावी माहौल पर पड़ना तय माना जा रहा है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है, खासकर तब जब विपक्षी दल भी इस मुद्दे को लेकर एकजुट होने की कोशिश कर रहे हैं।

पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले TMC और चुनाव आयोग के बीच बढ़ता विवाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। Derek O’Brien के आरोप और ज्ञानेश कुमार की ओर से आए जवाब ने इस टकराव को और तेज कर दिया है।

अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह विवाद सुलझेगा या चुनाव के करीब आते-आते और अधिक राजनीतिक रूप लेगा। आने वाले दिनों में इस पूरे घटनाक्रम पर देश की निगाहें बनी रहेंगी।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

You may have missed