BPSC TRE-4 वैकेंसी में देरी पर पटना में उबाल: अभ्यर्थियों का प्रदर्शन तेज, अनशन के दौरान बिगड़ी तबीयत

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Bihar Public Service Commission (BPSC) द्वारा TRE-4 (Teacher Recruitment Exam) की वैकेंसी जारी नहीं किए जाने से नाराज शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है।

पटना: Bihar Public Service Commission (BPSC) द्वारा TRE-4 (Teacher Recruitment Exam) की वैकेंसी जारी नहीं किए जाने से नाराज शिक्षक अभ्यर्थियों का गुस्सा अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल में हजारों अभ्यर्थियों ने एकजुट होकर सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता दिलीप कुमार ने किया, जिन्होंने टीआरई-4 के विज्ञापन की मांग को लेकर दिनभर अनशन भी किया।

अनशन पर बैठे छात्र नेता, अन्न-जल का त्याग

प्रदर्शन के दौरान दिलीप कुमार ने अभ्यर्थियों के समर्थन में कठोर रुख अपनाते हुए पूरे दिन अन्न और जल त्याग कर अनशन किया। उनका कहना था कि जब तक टीआरई-4 का विज्ञापन जारी नहीं होता, तब तक अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरना स्थल पर मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे।

दो साल से वैकेंसी का इंतजार

अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से टीआरई-4 की वैकेंसी का इंतजार कर रहे हैं। दिलीप कुमार ने बताया कि BPSC कैलेंडर के अनुसार 24 अगस्त 2024 को परीक्षा और 24 सितंबर 2024 को रिजल्ट जारी होना था, लेकिन अब तक विज्ञापन तक जारी नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री द्वारा बार-बार 10-15 दिनों में वैकेंसी आने का आश्वासन दिया गया, लेकिन यह केवल आश्वासन ही रह गया।

सरकार और आयोग पर गंभीर आरोप

छात्र नेता ने राज्य सरकार और BPSC दोनों पर अभ्यर्थियों को गुमराह करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वर्ष 2025 में ही नीतीश कुमार और शिक्षा मंत्री ने घोषणा की थी कि 2025 में TRE-4 और 2026 में टीआरई-5 की परीक्षा आयोजित होगी। इसके बावजूद अब तक प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

“अधियाचना मिलने के बाद भी नहीं आया विज्ञापन”

दिलीप कुमार ने यह भी बताया कि फरवरी के दूसरे सप्ताह में BPSC ने नोटिस जारी कर कहा था कि अधियाचना मिल चुकी है और जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। लेकिन 58 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी है।

उम्र सीमा खत्म होने का डर

अभ्यर्थियों का सबसे बड़ा मुद्दा उम्र सीमा को लेकर है। कई अभ्यर्थियों का कहना है कि लगातार देरी के कारण उनकी अधिकतम आयु सीमा समाप्त होने की कगार पर है। ऐसे में उनके पास नौकरी पाने का मौका भी खत्म हो सकता है। प्रदर्शनकारियों ने इसे युवाओं के साथ अन्याय करार दिया।

मुख्यमंत्री की छवि पर असर का दावा

प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री लगातार रोजगार और भर्ती की बात करते हैं, वहीं दूसरी ओर BPSC विज्ञापन जारी नहीं कर रही है। इससे न केवल अभ्यर्थियों में असंतोष बढ़ रहा है, बल्कि सरकार की छवि भी प्रभावित हो रही है।

बड़े आंदोलन की चेतावनी

दिलीप कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही TRE-4 का विज्ञापन जारी नहीं किया गया, तो आने वाले समय में आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने कहा कि अगली बार लाखों अभ्यर्थी पटना की सड़कों पर उतरेंगे और व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

अनशन के दौरान बिगड़ी तबीयत

दिनभर चले अनशन के दौरान दिलीप कुमार की तबीयत भी कुछ समय के लिए बिगड़ गई। वहीं, दो महिला और एक पुरुष अभ्यर्थी बेहोश हो गए, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।

प्रशासन को सौंपा गया मांग पत्र

शाम के समय जिला प्रशासन के अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। इस दौरान अभ्यर्थियों की ओर से मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव और BPSC अध्यक्ष के नाम चार अलग-अलग मांग पत्र सौंपे गए।

TRE-4 वैकेंसी को लेकर बढ़ता असंतोष अब राज्य स्तर पर एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है। अभ्यर्थियों की मांग है कि सरकार और BPSC जल्द से जल्द विज्ञापन जारी कर भर्ती प्रक्रिया शुरू करें। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है, जिसका असर राज्य की राजनीति और प्रशासन दोनों पर पड़ सकता है।

Nishkarsh Bharat

पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट

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