UCC पर मांझी का समर्थन, बिहार में NDA की तस्वीर अलग, हम की हा….तो JDU की न..

UCC पर जीतन राम मांझी ने समर्थन जताया

UCC पर जीतन राम मांझी का समर्थन, बिहार NDA में बढ़ी चर्चा

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। UCC पर जीतन राम मांझी का समर्थन सामने आने के बाद बिहार की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई है। केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) के प्रमुख जीतन राम मांझी ने समान नागरिक संहिता यानी Uniform Civil Code को संविधान की भावना के अनुरूप बताते हुए इसके समर्थन में अपनी बात रखी है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2029 से पहले NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू करने के बयान के बाद बिहार में गठबंधन के अलग-अलग दलों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

मांझी ने संविधान के अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए कहा कि समान नागरिक संहिता का प्रावधान संविधान में किया गया है। उनके मुताबिक, यह राज्य के नीति-निर्देशक तत्वों का हिस्सा है और संविधान की भावना का सम्मान करना सभी का दायित्व है। उन्होंने UCC के अनुपालन की दिशा में सहयोग करने की अपील भी की।

UCC को लेकर बिहार NDA में अलग-अलग सुर

अमित शाह के बयान के बाद बिहार NDA में UCC को लेकर एक समान रुख सामने नहीं आया है। JDU की ओर से वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने बिहार में UCC लागू किए जाने का विरोध किया है। वहीं, LJP (रामविलास) ने कहा है कि पार्टी UCC का मसौदा सार्वजनिक होने के बाद उसका अध्ययन और चर्चा करके अपना रुख स्पष्ट करेगी।

ऐसे राजनीतिक माहौल में जीतन राम मांझी का खुलकर UCC का समर्थन करना बिहार NDA के भीतर इस मुद्दे पर मौजूद मतभेदों को चर्चा में ले आया है। मांझी ने अपने बयान में कहा कि जो लोग संविधान के अनुरूप अपने अधिकार प्राप्त कर रहे हैं, उन्हें समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में भी सहयोग करना चाहिए।

अमित शाह के बयान के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर 2026 को मुंबई में कहा था कि 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा और NDA शासित 21 राज्यों में UCC लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि कई राज्यों में इसे लागू किया जा चुका है और बाकी NDA शासित राज्यों तक भी इसे ले जाने की दिशा में काम किया जाएगा।

अमित शाह के इस बयान के बाद बिहार में गठबंधन के सहयोगी दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगीं। JDU ने व्यापक विचार-विमर्श की जरूरत बताई है। पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के अमित शाह से मुलाकात कर अपनी चिंताएं रखने की बात भी सामने आई है। वहीं, चिराग पासवान ने UCC का ड्राफ्ट सार्वजनिक करने और उसके बाद चर्चा की बात कही है।

मांझी ने अनुच्छेद 44 का दिया हवाला

जीतन राम मांझी ने UCC के समर्थन में संविधान के अनुच्छेद 44 को आधार बनाया। उनका कहना है कि संविधान में समान नागरिक संहिता की दिशा में राज्य के लिए प्रावधान मौजूद है। उन्होंने यह भी कहा कि समय-समय पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों में भी समान नागरिक संहिता के विषय पर चर्चा हुई है।

मांझी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने समय की मांग को देखते हुए देश के अधिकांश राज्यों में UCC लागू करने की दिशा में पहल की है। मांझी के मुताबिक, संविधान के सम्मान और NDA के हित में इस दिशा में सहयोग किया जाना चाहिए।

समय-सीमा पर विरोध को लेकर मांझी की बात

अपने बयान में मांझी ने UCC लागू करने के लिए समय-सीमा तय किए जाने पर विरोध और हंगामे को भी उचित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुरूप किसी व्यवस्था को लागू करने की दिशा में सहयोग किया जाना चाहिए।

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हालांकि, UCC के प्रावधानों को लेकर बिहार NDA के दूसरे सहयोगी दलों ने फिलहाल सावधानी बरतने की बात कही है। JDU ने बिहार में इसे लागू करने का विरोध जताया है, जबकि LJP-R ने अंतिम रुख ड्राफ्ट सामने आने के बाद तय करने की बात कही है। इससे साफ है कि इस मुद्दे पर गठबंधन के भीतर चर्चा अभी जारी है।

बिहार की राजनीति पर भी मांझी ने रखी बात

UCC के अलावा जीतन राम मांझी ने बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को पूरा करने में लगी हुई है और ऐसे समय में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिशों से बचना चाहिए।

मांझी ने सत्ता से बाहर मौजूद राजनीतिक दलों और नेताओं पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता हासिल करने की कोशिशों के कारण राज्य के विकास कार्य प्रभावित नहीं होने चाहिए। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर बिहार के विकास में योगदान देने की अपील की।

BRICS का जिक्र, विकसित भारत के लक्ष्य की बात

केंद्रीय मंत्री ने हालिया BRICS सम्मेलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी भूमिका मजबूत की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विभिन्न देशों के साथ शांति और सहयोग की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

मांझी ने इसी संदर्भ में बिहार में राजनीतिक स्थिरता और विकास पर जोर दिया। उनका कहना था कि राज्य के विकास के लिए राजनीतिक दलों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने बिहार को आगे बढ़ाने के साथ वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में योगदान देने की बात कही।

UCC पर आगे क्या होगा, इस पर नजर

फिलहाल बिहार में UCC को लेकर राजनीतिक तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। एक ओर केंद्र की ओर से 2029 से पहले NDA शासित 21 राज्यों में इसे लागू करने का लक्ष्य सामने रखा गया है, वहीं बिहार में NDA के सहयोगी दलों के रुख में अंतर दिखाई दे रहा है।

जीतन राम मांझी ने संविधान और अनुच्छेद 44 का हवाला देते हुए UCC के समर्थन में अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। दूसरी तरफ JDU और LJP-R की ओर से प्रावधानों और व्यापक विचार-विमर्श पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में बिहार में UCC को लेकर आने वाले दिनों में गठबंधन के भीतर और राजनीतिक दलों के बीच चर्चा जारी रहने की संभावना है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट