बिहार में मौसम: भीषण गर्मी के बीच आंधी-बारिश का अलर्ट, अगले 5 दिन रहेंगे चुनौतीपूर्ण
बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है।
बिहार में मौसम का डबल अटैक: गर्मी और बारिश साथ-साथ
बिहार में मौसम का मिजाज इन दिनों पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। अप्रैल की शुरुआत के साथ ही राज्य में गर्मी ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसी बीच मौसम विभाग ने आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी देकर लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, राज्य में अगले पांच दिनों तक मौसम का डबल असर देखने को मिलेगा। दिन में तेज गर्मी और लू जैसे हालात बनेंगे, जबकि शाम या रात के समय अचानक मौसम बदल सकता है। 6 अप्रैल को खास तौर पर कई जिलों में तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है।
भीषण गर्मी का प्रकोप जारी
राज्य के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। रोहतास जिले के डेहरी में 40.0°C तापमान दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान है। इसके अलावा गया में 39.8°C, पटना में 39.4°C और शेखपुरा में 39.9°C तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी हवाओं और तेज धूप के कारण तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है। अगले कुछ दिनों में यह और बढ़ सकता है, जिससे लू की स्थिति और गंभीर हो सकती है। दोपहर 12 बजे से लेकर शाम 4 बजे तक का समय सबसे खतरनाक माना जा रहा है।
6 अप्रैल को मौसम बदलेगा करवट
जहां एक ओर गर्मी लोगों को झुलसा रही है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने 6 अप्रैल को राज्य के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे अचानक तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी।

यह बदलाव मुख्य रूप से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हो रहा है। इसके प्रभाव से तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) चल सकती हैं, जिससे पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों के लिए खतरे की घंटी
यह मौसम परिवर्तन किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है। इस समय गेहूं समेत कई रबी फसलों की कटाई का दौर चल रहा है। ऐसे में बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के पूर्वानुमान को ध्यान में रखते हुए फसलों की कटाई और भंडारण जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर करें। खुले में रखी फसलों को ढंककर रखना जरूरी है।

स्वास्थ्य पर भी असर
भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर भी पड़ रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, इस मौसम में हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा है।
लोगों को सलाह दी गई है कि वे दिनभर में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से धूप में बाहर न निकलें। बाहर जाते समय सिर को ढककर रखें और सनस्क्रीन का उपयोग करें।
प्रशासन और विभाग अलर्ट मोड में
मौसम की इस स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। आपदा प्रबंधन विभाग को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग और नगर निकायों को भी संभावित आंधी-तूफान के मद्देनजर अलर्ट रहने को कहा गया है।
लोगों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।
आगे क्या?
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम पूरी तरह स्थिर नहीं रहेगा। कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश जैसी स्थिति बनी रह सकती है। ऐसे में लोगों को सतर्क और तैयार रहने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, बिहार में मौसम का यह बदलता स्वरूप लोगों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। गर्मी और खराब मौसम के इस दोहरे असर से बचने के लिए जागरूकता और सावधानी ही सबसे बड़ा हथियार है।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
