आरबीआई की नौकरी से आईएएस तक: सृष्टि डबास ने पहले प्रयास में हासिल की UPSC AIR 6
“UPSC AIR 6 सृष्टि डबास – आरबीआई में नौकरी करते हुए पहले प्रयास में आईएएस बनने वाली दिल्ली की बेटी”
आरबीआई की नौकरी से आईएएस तक: सृष्टि डबास की प्रेरक सफलता की कहानी
UPSC सिविल सेवा परीक्षा को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों युवा इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही को मिल पाती है। ऐसे में अगर कोई उम्मीदवार नौकरी के साथ-साथ इस परीक्षा की तैयारी करे और पहले ही प्रयास में टॉप रैंक हासिल कर ले, तो उसकी कहानी लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन जाती है। ऐसी ही एक मिसाल हैं सृष्टि डबास, जिन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) में नौकरी करते हुए यूपीएससी 2024 में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की।

कठिन हालात में मजबूत इरादे
दिल्ली की रहने वाली सृष्टि डबास की जिंदगी आसान नहीं रही। उनके पिता का साया कम उम्र में ही उठ गया था, जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनकी मां पर आ गई। मां को संघर्ष करते देख सृष्टि के मन में कुछ बड़ा करने और परिवार को सुरक्षित भविष्य देने की इच्छा बहुत पहले से ही जाग गई थी। यही जज़्बा आगे चलकर उनकी सबसे बड़ी ताकत बना।
सृष्टि मानती हैं कि हालात चाहे जैसे भी हों, अगर इरादे मजबूत हों और लक्ष्य साफ हो, तो कोई भी मुश्किल रास्ता रोक नहीं सकता। उनकी सफलता इस बात का जीता-जागता उदाहरण है।
आरबीआई में नौकरी के साथ यूपीएससी की तैयारी
सृष्टि डबास का चयन भारतीय रिजर्व बैंक में हुआ, जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है। आरबीआई जैसी प्रतिष्ठित संस्था में नौकरी मिलने के बाद भी उनका सपना यहीं खत्म नहीं हुआ। उनका लक्ष्य था देश की सेवा करना और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के जरिए समाज में बदलाव लाना।
आरबीआई में रोजाना 8 से 9 घंटे की नौकरी के बाद यूपीएससी की तैयारी करना आसान नहीं था। लेकिन सृष्टि ने समय प्रबंधन और अनुशासन को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाया। दिन में ऑफिस की जिम्मेदारियां और रात में पढ़ाई—यही उनकी दिनचर्या बन गई थी।

लंच ब्रेक और छुट्टियों का भी सही इस्तेमाल
सृष्टि का मानना था कि “छोटा समय भी सही दिशा में लगाया जाए, तो बड़ा परिणाम देता है।” वह ऑफिस के लंच ब्रेक के दौरान भी पढ़ाई करती थीं। ऑफिस की लाइब्रेरी में जाकर किताबें पढ़ना, नोट्स बनाना और पुराने प्रश्नपत्रों का विश्लेषण करना उनकी आदत में शामिल था।
छुट्टी के दिन, जब ज्यादातर लोग आराम करते हैं, सृष्टि उस समय को भी पढ़ाई के लिए इस्तेमाल करती थीं। यही निरंतरता और समर्पण उन्हें बाकी उम्मीदवारों से अलग बनाता है।
शिक्षा का सफर
सृष्टि डबास की शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से ही हुई। 12वीं के बाद उन्होंने इंदिरा ट्रस्ट कॉलेज, दिल्ली से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई के दौरान ही उन्हें समाज, शासन और नीति निर्माण जैसे विषयों में गहरी रुचि हो गई थी।
इसके बाद उन्होंने इग्नू (IGNOU) से मास्टर डिग्री हासिल की। उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड यूपीएससी की तैयारी में काफी मददगार साबित हुआ, खासकर जनरल स्टडीज और वैकल्पिक विषय में।
पहले ही प्रयास में AIR 6
अधिकतर उम्मीदवारों को यूपीएससी में सफलता पाने के लिए कई प्रयास करने पड़ते हैं, लेकिन सृष्टि डबास ने इस मिथक को तोड़ दिया। उन्होंने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल कर टॉपर्स की सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया।
उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार के लिए गर्व का पल थी, बल्कि उन सभी युवाओं के लिए भी प्रेरणा है जो नौकरी या पारिवारिक जिम्मेदारियों के कारण अपने सपनों को अधूरा छोड़ने का सोचते हैं।

युवाओं के लिए संदेश
सृष्टि डबास की कहानी यह सिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत लगातार की जाए, तो सफलता जरूर मिलती है। वह युवाओं को सलाह देती हैं कि खुद पर विश्वास रखें, समय का सही उपयोग करें और कभी भी अपने सपनों से समझौता न करें।
निष्कर्ष
आरबीआई की नौकरी से आईएएस बनने तक का सृष्टि डबास का सफर संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास की मिसाल है। उनकी सफलता यह साबित करती है कि मजबूत इरादों और लगातार मेहनत के साथ कोई भी सपना सच किया जा सकता है। सृष्टि डबास आज लाखों यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए उम्मीद और प्रेरणा का नाम बन चुकी हैं।
पटना से भूमि आर्या की रिपोर्ट
