अमेरिका में पढ़े विदेशी छात्रों की नौकरी पर संकट, $1 लाख फीस के प्रस्ताव से भारतीय छात्रों की बढ़ी चिंता

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अमेरिका में विदेशी छात्रों के OPT के लिए $1 लाख फीस का प्रस्ताव, पढ़ाई के बाद नौकरी की योजना बना रहे भारतीय छात्रों पर बढ़ सकता है आर्थिक बोझ।

निष्कर्ष भारत संवाददाता नई दिल्ली: अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों के लिए पढ़ाई के बाद नौकरी का रास्ता महंगा होने की संभावना है। ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिकी Department of Homeland Security (DHS) ने Optional Practical Training (OPT) से जुड़ी फीस में बदलाव का प्रस्ताव आगे बढ़ाया है। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें विदेशी छात्रों से 1 लाख डॉलर यानी करीब 95-96 लाख रुपये तक की फीस लेने का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। हालांकि, यह रकम अभी अंतिम नियम नहीं बनी है और फिलहाल छात्रों को ऐसी कोई $1 लाख फीस नहीं देनी पड़ रही है।

DHS ने 20 अगस्त 2026 को “Optional Practical Training Fees” नाम से प्रस्तावित नियम को अमेरिकी Office of Information and Regulatory Affairs (OIRA) के पास समीक्षा के लिए भेजा था। OIRA ने 11 सितंबर को इसकी समीक्षा पूरी की। अब प्रस्ताव को औपचारिक रूप से प्रकाशित किया जाना और उसके बाद सार्वजनिक सुझाव एवं आपत्तियों की प्रक्रिया पूरी होना बाकी है। इसलिए अभी यह कहना सही नहीं होगा कि $1 लाख की फीस लागू हो चुकी है।

क्या है OPT और विदेशी छात्रों के लिए क्यों जरूरी?

OPT अमेरिका में F-1 छात्र वीजा पर पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को अपनी पढ़ाई से संबंधित क्षेत्र में अस्थायी रूप से काम करने का मौका देता है। सामान्य तौर पर ग्रेजुएशन के बाद 12 महीने तक काम की अनुमति मिल सकती है। वहीं STEM यानी Science, Technology, Engineering और Mathematics से जुड़े छात्रों को अतिरिक्त 24 महीने की अनुमति मिल सकती है। इस तरह पात्र STEM छात्रों के लिए कुल अवधि 36 महीने तक हो सकती है।

अमेरिका में पढ़ने वाले कई विदेशी छात्रों के लिए OPT सिर्फ नौकरी का अवसर नहीं, बल्कि अमेरिकी कंपनियों में अनुभव हासिल करने और आगे H-1B जैसे वर्क वीजा के लिए करियर बनाने का महत्वपूर्ण रास्ता है।

अभी कितनी है OPT फीस?

प्रस्तावित $1 लाख फीस की खबरों के बीच यह समझना जरूरी है कि मौजूदा OPT आवेदन फीस $100,000 नहीं है। University of Illinois Chicago के Office of International Services के मुताबिक फिलहाल F-1 OPT के लिए ऑनलाइन आवेदन की फीस $470 और मेल के जरिए आवेदन करने पर $520 है। यानी प्रस्तावित $1 लाख की रकम मौजूदा फीस से कई गुना अधिक होगी, लेकिन अभी यह लागू नियम नहीं है।

अगर भविष्य में इतनी बड़ी फीस लागू होती है, तो अमेरिका में पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी करने की योजना बना रहे विदेशी छात्रों के लिए आर्थिक बोझ काफी बढ़ सकता है।

भारतीय छात्रों पर क्यों पड़ सकता है बड़ा असर?

अमेरिका में विदेशी छात्रों के बीच भारतीय छात्रों की संख्या काफी बड़ी है। 2024-25 शैक्षणिक वर्ष में अमेरिका के संस्थानों में 3.63 लाख से अधिक भारतीय छात्र पढ़ रहे थे। भारत अमेरिका में अंतरराष्ट्रीय छात्रों का सबसे बड़ा स्रोत बना हुआ है।

हालांकि 3.63 लाख का आंकड़ा अमेरिका में पढ़ रहे भारतीय छात्रों का है, इसे सीधे OPT पर काम कर रहे छात्रों की संख्या नहीं माना जा सकता। OPT से जुड़े आंकड़े अलग हैं। 2024 में करीब 4.19 लाख विदेशी ग्रेजुएट्स OPT के तहत काम कर रहे थे।

भारतीय छात्रों की बड़ी संख्या STEM विषयों में पढ़ाई करती है, इसलिए OPT से जुड़े किसी बड़े बदलाव का असर भारतीय छात्रों और अमेरिकी कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया पर पड़ सकता है।

अमेरिका जाने वाले भारतीय छात्रों के आवेदन में 15% गिरावट

अमेरिका में पढ़ाई को लेकर भारतीय छात्रों की दिलचस्पी पर भी हाल के महीनों में असर दिखा है। Common App के आंकड़ों के मुताबिक 2025-26 में अमेरिकी कॉलेजों के लिए भारत से undergraduate applications में 15% की गिरावट दर्ज की गई। रिपोर्टों में इसके पीछे वीजा नियमों में बदलाव, इमिग्रेशन को लेकर अनिश्चितता और पढ़ाई के बाद अमेरिका में रहने तथा काम करने की स्थिति को लेकर चिंता जैसे कारण बताए गए हैं।

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ऐसे में अगर OPT की लागत भी बहुत ज्यादा बढ़ती है, तो अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने की योजना बना रहे छात्रों के लिए खर्च और जोखिम दोनों बढ़ सकते हैं।

छात्र वीजा की अवधि को लेकर भी बदलाव

अमेरिकी प्रशासन ने विदेशी छात्रों और एक्सचेंज विजिटर्स के वीजा नियमों में बदलाव की कोशिश भी की है। प्रस्तावित व्यवस्था में F और J वीजा के लिए तय अवधि लागू करने की योजना थी। हालांकि 14 सितंबर 2026 को अमेरिकी संघीय अदालत ने इस नियम को लागू होने से रोक दिया, इसलिए फिलहाल इस बदलाव को लागू नियम के रूप में नहीं बताया जा सकता।

इस घटनाक्रम से साफ है कि विदेशी छात्रों से जुड़े अमेरिकी इमिग्रेशन नियमों में इस समय लगातार बदलाव और कानूनी चुनौतियां चल रही हैं।

H-1B पर भी बढ़ी फीस का दबाव

OPT के अलावा H-1B वीजा भी अमेरिकी इमिग्रेशन नीति में बड़े बदलावों के केंद्र में है। अगस्त 2026 में DHS ने नए H-1B वीजा के लिए $103,265 की फीस प्रस्तावित की थी। इससे पहले 2025 में ट्रंप प्रशासन ने नए H-1B आवेदन के साथ $100,000 भुगतान की व्यवस्था की थी। बाद में इस व्यवस्था को लेकर अदालत में कानूनी चुनौती हुई।

H-1B मुख्य रूप से अमेरिकी कंपनियों को विदेशी विशेषज्ञ कर्मचारियों को नियुक्त करने की अनुमति देता है। टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और दूसरे हाई-स्किल क्षेत्रों में भारतीय प्रोफेशनल्स इसका बड़ा हिस्सा रहे हैं।

अभी छात्रों को क्या समझना चाहिए?

फिलहाल भारतीय और दूसरे विदेशी छात्रों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि $1 लाख की OPT फीस अभी लागू नहीं हुई है। प्रस्ताव की समीक्षा पूरी हो चुकी है, लेकिन अंतिम नियम और उसकी वास्तविक फीस स्पष्ट होने के बाद ही इसका असर तय होगा। प्रस्ताव प्रकाशित होने के बाद सार्वजनिक टिप्पणी की प्रक्रिया भी होगी।

यदि भविष्य में $1 लाख जैसी फीस लागू होती है, तो अमेरिका में पढ़ाई की कुल लागत और पढ़ाई के बाद नौकरी के विकल्पों का हिसाब छात्रों के लिए काफी बदल सकता है। ऐसे में अमेरिका जाने वाले छात्रों के लिए केवल ट्यूशन फीस ही नहीं, बल्कि वीजा, OPT, रहने और करियर से जुड़े संभावित खर्चों को भी ध्यान में रखना जरूरी होगा।

फिलहाल अमेरिका में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए OPT की मौजूदा फीस में $1 लाख का बदलाव लागू नहीं हुआ है। आने वाले समय में प्रस्तावित नियम के अंतिम स्वरूप और सार्वजनिक टिप्पणी के बाद ही स्पष्ट होगा कि विदेशी छात्रों पर वास्तविक आर्थिक बोझ कितना पड़ेगा।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट