भोजपुर में गोलीकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए आरा-सासाराम हाईवे जाम, आगजनी

गोलीकांड

भोजपुर गोलीकांड में गिरफ्तारी की मांग पर ग्रामीणों ने हाईवे जाम किया

निष्कर्ष भारत, संवाददाता भोजपुर।  जिलें में भोजपुर गोलीकांड को लेकर बुधवार को गड़हनी में ग्रामीणों का आक्रोश सड़क पर दिखाई दिया। चरपोखरी थाना क्षेत्र के ध्यान टोला के ग्रामीणों ने गोलीकांड के आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होने के विरोध में आरा-सासाराम मुख्य मार्ग को बागर मोड़ के समीप जाम कर दिया। प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने सड़क पर टायर जलाए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।

करीब एक घंटे तक मुख्य सड़क पर आवागमन बाधित रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना था कि जब तक गोलीकांड के नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

मंगलवार को युवक को मारी गई थी गोली

बताया गया कि चरपोखरी थाना क्षेत्र के ध्यान टोला निवासी सोनू कुमार को मंगलवार को गड़हनी ब्लॉक मोड़ के पास गोली मारकर जख्मी कर दिया गया था। घटना के बाद सोनू के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई। परिजनों की ओर से मामले में नामजद आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है।

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ग्रामीणों का आरोप है कि घटना के बाद भी आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई। इसी को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने और नामजद आरोपितों को गिरफ्तार करने की मांग की।

गोलीकांड के बाद पुलिस पर लापरवाही का आरोप

सोनू कुमार के भाई बिट्टू कुमार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि अगर पुलिस ने पहले ही समय रहते कार्रवाई की होती तो उनके भाई के साथ गोलीकांड की घटना नहीं होती। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कथित सुस्ती के कारण नामजद आरोपितों का मनोबल बढ़ा और उन्होंने सोनू को गोली मार दी।

हालांकि पुलिस की ओर से मामले में लापरवाही के आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है। घटना की वास्तविक वजह और इसमें शामिल लोगों की भूमिका पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हाईवे पर आगजनी से बढ़ी परेशानी

बुधवार को प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने बागर मोड़ के पास सड़क पर टायर जलाकर विरोध जताया। आगजनी के कारण सड़क पर यातायात पूरी तरह रुक गया। देखते ही देखते आरा-सासाराम मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई।

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मुख्य मार्ग होने के कारण जाम का असर आसपास के इलाके में भी दिखाई दिया। निजी वाहनों के साथ-साथ अन्य वाहनों के यात्रियों को भी काफी देर तक सड़क खुलने का इंतजार करना पड़ा। करीब एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत शुरू की।

48 घंटे में गिरफ्तारी का मिला आश्वासन

सड़क जाम की जानकारी मिलने के बाद चरपोखरी थानाध्यक्ष रविशंकर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। ग्रामीणों की मुख्य मांग नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी थी।

पुलिस की ओर से ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया कि गोलीकांड के नामजद आरोपितों को 48 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के इस आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और सड़क से हट गए।

आश्वासन के बाद बहाल हुआ यातायात

ग्रामीणों के सड़क से हटने के बाद आरा-सासाराम मुख्य मार्ग पर वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू हो गया। करीब एक घंटे तक चले जाम के कारण परेशान वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

घटना के बाद अब पुलिस के सामने नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी की चुनौती है। ग्रामीणों ने भी साफ कर दिया है कि वे मामले में जल्द कार्रवाई चाहते हैं।

जांच से सामने आएगी गोलीकांड की पूरी तस्वीर

मंगलवार को हुई गोलीबारी की घटना के बाद बुधवार को सड़क जाम और आगजनी ने मामले को और गंभीर बना दिया। ग्रामीणों का आक्रोश मुख्य रूप से आरोपितों की गिरफ्तारी में देरी को लेकर है। पुलिस के 48 घंटे के आश्वासन के बाद फिलहाल जाम समाप्त हो गया है।

अब सबकी नजर पुलिस की कार्रवाई पर है। गोलीकांड की वजह क्या थी, घटना में कितने लोग शामिल थे और नामजद आरोपितों की भूमिका क्या है, इसका खुलासा पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने ग्रामीणों को गिरफ्तारी का भरोसा दिया है और इलाके में स्थिति सामान्य बताई जा रही है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट