भोजपुर में गंगा के तेज बहाव में बही पुलिया, 4 हजार की आबादी का संपर्क बाधित

भोजपुर

भोजपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ा, पुलिया टूटने से रास्ता बंद।

  • खवासपुर-जानकी बाजार मुख्य मार्ग पर पुलिया टूटने से आवागमन ठप, रोजमर्रा की जरूरत का सामान लाने में परेशा

निष्कर्ष भारत संवाददाता आरा। भोजपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर के साथ बाढ़ का असर लगातार गंभीर होता जा रहा है। बड़हरा प्रखंड में गंगा के तेज बहाव ने महुली घाट से खवासपुर जानकी बाजार जाने वाली मुख्य सड़क की पुलिया को बुधवार को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। सरयू राय के डेरा स्थित सुखदेव ठाकुर के घर के पास बनी इस पुलिया के टूटने से सड़क पर आवागमन पूरी तरह ठप हो गया है। इससे आसपास के कई गांवों की करीब चार हजार की आबादी के सामने आवाजाही के साथ जरूरी सामान की खरीदारी को लेकर परेशानी खड़ी हो गई है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह सड़क आसपास के गांवों के लोगों के लिए बाजार आने-जाने का प्रमुख मार्ग है। पुलिया टूटने के बाद लोगों को दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ रहा है। वहीं, बाढ़ के तेज बहाव के बीच टूटे हिस्से से होकर निकलना बेहद जोखिम भरा हो गया है।

भोजपुर में गंगा डेंजर लेवल से 62 सेंटीमीटर ऊपर

भोजपुर में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बुधवार को नदी का पानी डेंजर लेवल से करीब 62 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। गंगा का जलस्तर 53.70 मीटर दर्ज किया गया, जिसके बाद जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चिंता और बढ़ गई है।

जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण बड़हरा, शाहपुर, कोईलवर, आरा और बिहिया अंचल के कई हिस्सों में बाढ़ का पानी फैल चुका है। नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य जनजीवन प्रभावित होने लगा है।

भोजपुर प्रशासन की ओर से जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। नदी का पानी बढ़ने के साथ संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।

पुलिया टूटने से चार हजार लोगों की परेशानी बढ़ी

बड़हरा प्रखंड में पुलिया टूटने की घटना ने स्थानीय लोगों की मुश्किल बढ़ा दी है। महुली घाट से खवासपुर जानकी बाजार तक जाने वाला मार्ग ग्रामीणों के लिए दैनिक जरूरतों से जुड़ा महत्वपूर्ण रास्ता है।

भोजपुर में पुलिया के टूटने के बाद लोगों को बाजार, जरूरी सामान और अन्य कामों के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। इससे दूरी और समय दोनों बढ़ गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बहाव के कारण पुलिया का क्षतिग्रस्त हिस्सा लगातार खतरनाक बना हुआ है। पानी के बहाव के बीच वहां से गुजरना दुर्घटना को न्योता देने जैसा हो सकता है। ऐसे में इस रास्ते से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।

भोजपुर की तीन दर्जन से अधिक सड़कों पर पानी

गंगा के जलस्तर में वृद्धि का असर केवल एक सड़क तक सीमित नहीं है। भोजपुर जिले के बड़हरा, शाहपुर, कोईलवर, आरा और बिहिया अंचलों में तीन दर्जन से अधिक सड़कों पर बाढ़ का पानी पहुंच चुका है।

इसे भी पढ़िए…बिहार में भारी बारिश, 3 दिन का अलर्ट; पटना भी प्रभावित, पूर्वानुमान जारी

कई जगहों पर सड़कें पानी में डूबने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीण इलाकों में लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ गांवों में पानी मुख्य मार्गों के आसपास तक पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों के लिए बाजार, स्कूल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है।

पांच दर्जन गांवों के आसपास पहुंचा बाढ़ का पानी

जलस्तर बढ़ने के साथ भोजपुर में करीब पांच दर्जन गांवों के आसपास बाढ़ का पानी पहुंचने की जानकारी सामने आई है। कई गांवों में पानी फैलने के कारण ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गई है।

निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंता बनी हुई है। जिन गांवों के चारों ओर पानी पहुंच गया है, वहां आवागमन के साधनों को लेकर भी चुनौती बढ़ रही है।

बाढ़ के कारण खेतों और ग्रामीण रास्तों पर भी पानी का असर दिखाई देने लगा है। आने वाले समय में यदि गंगा का जलस्तर और बढ़ता है तो प्रभावित इलाकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

भोजपुर में 50 से अधिक स्कूल बंद

बाढ़ के पानी के फैलाव को देखते हुए जिले में 50 से अधिक स्कूलों को बंद कर दिया गया है। कई विद्यालयों के आसपास भी पानी पहुंच चुका है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

देखिये ख़बर हमारे यूट्यूब चैनल पर भी: Sanjay Singh पर इल्ज़ाम लगाने वाले अपने गिरेबान में झाँक ले,मंत्री ने कर दिया मानहानि का मुकदमा…

विद्यालयों के आसपास पानी जमा होने से छात्रों और शिक्षकों के लिए वहां पहुंचना मुश्किल हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से बाढ़ की स्थिति सामान्य होने तक हालात पर नजर रखी जा रही है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की दैनिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन के सामने अब जलस्तर पर नजर रखने के साथ प्रभावित आबादी को सुरक्षित रखने की चुनौती है।

गंगा के तेवर से बढ़ी प्रशासन की चिंता

भोजपुर में गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल से ऊपर पहुंचने के बाद प्रशासन की निगरानी और बढ़ गई है। बाढ़ प्रभावित अंचलों में सड़क, गांव और सार्वजनिक संस्थानों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

पुलिया टूटने की घटना ने यह भी दिखाया है कि तेज जल प्रवाह का असर ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर कितना गंभीर हो सकता है। आने-जाने के प्रमुख रास्तों के बाधित होने से स्थानीय आबादी की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं।

फिलहाल गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी बनी हुई है। ऐसे में बड़हरा सहित जिले के अन्य बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोगों की नजर नदी के जलस्तर और प्रशासन की तैयारियों पर टिकी है। यदि पानी और बढ़ता है तो सड़कों, गांवों और सार्वजनिक संस्थानों पर दबाव और बढ़ सकता है।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

You may have missed