दानापुर दियारा में बाढ़ का कहर, 7 पंचायतें डूबीं, 3 लाख लोग प्रभावित, घरों में घुसा पानी

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दानापुर दियारा में बाढ़ का कहर, 7 पंचायतों में फैला पानी

निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। दानापुर दियारा में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद सात पंचायतों में सड़क, खेत और घर पानी में डूब गए हैं। शुक्रवार शाम देवनाला पुल पर गंगा का जलस्तर 170.50 फुट रिकॉर्ड किया गया। फिलहाल जलस्तर स्थिर बताया जा रहा है, लेकिन यह खतरे के निशान से करीब साढ़े तीन से चार फुट ऊपर बह रहा है। बाढ़ के पानी से करीब तीन लाख लोगों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।

गंगहरा, हेतनपुर, कासिमचक, पुरानी पानापुर, पतलापुर, मानस और अकिलपुर पंचायतों में बाढ़ का पानी फैल गया है। कई स्थानों पर तीन से चार फुट तक पानी बह रहा है, जबकि निचले इलाकों में घरों के अंदर डेढ़ से दो फुट तक पानी पहुंच गया है। लगातार बढ़ते पानी ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

दियारा की सात पंचायतों में पानी का फैलाव

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बाद दानापुर के दियारा क्षेत्र में बाढ़ का दायरा लगातार बढ़ता गया है। कई गांवों की सड़कें पानी में डूब चुकी हैं और खेतों में भी पानी भर गया है। लोगों को आने-जाने के लिए नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। गंगहरा से लेकर अकिलपुर तक कई पंचायतों में निचले हिस्से जलमग्न हैं।

जिन रास्तों से कुछ दिन पहले तक ग्रामीण पैदल या वाहनों से आवागमन कर रहे थे, वहां अब पानी बह रहा है। कई घरों में पानी घुसने के बाद लोगों को सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की चिंता सता रही है। जिन परिवारों के घर निचले इलाकों में हैं, वे धीरे-धीरे सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।

दियारा में तीन से चार फुट तक पानी

बाढ़ प्रभावित इलाकों में कई स्थानों पर पानी तीन से चार फुट तक पहुंच गया है। निचले इलाकों में स्थिति और गंभीर है, जहां घरों के अंदर भी डेढ़ से दो फुट पानी जमा होने की बात कही जा रही है। पानी घरों के अंदर पहुंचने के बाद ग्रामीणों के सामने रहने और घरेलू सामान को सुरक्षित रखने की समस्या पैदा हो गई है। कई परिवार बाढ़ राहत शिविरों की ओर जाने लगे हैं।

बाढ़ के पानी से ग्रामीण क्षेत्रों में खेती भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। सैकड़ों एकड़ में लगी मकई और हरी सब्जियों की फसल डूब गई है। किसानों को फसल बर्बाद होने से आर्थिक नुकसान की चिंता है।

नालों के जरिए शहरी और सेना क्षेत्र तक पहुंचा पानी

गंगा के बढ़े जलस्तर के कारण पानी का रिसाव दानापुर के शहरी और सेना क्षेत्र की तरफ भी होने लगा है। नालों के माध्यम से बाढ़ का पानी इन इलाकों में पहुंचने की जानकारी सामने आई है। यदि जलस्तर में फिर वृद्धि होती है तो इसका असर और अधिक क्षेत्रों पर पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन नदी के जलस्तर और पानी के फैलाव की लगातार निगरानी कर रहा है।

सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे ग्रामीण

कासिमचक पंचायत समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब सुरक्षित जगहों की ओर जाने लगे हैं। कई परिवार बलदेव स्कूल में बनाए गए बाढ़ राहत शिविर में पहुंच चुके हैं।

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पशुपालक भी अपने मवेशियों को लेकर राहत शिविरों और ऊंचे स्थानों की ओर जा रहे हैं। ग्रामीणों के लिए पशुओं को सुरक्षित रखना बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि चारा और सूखी जगह की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है।

दियारा राहत शिविर में भोजन का इंतजार

बाढ़ राहत शिविर में पहुंचने के बाद भी प्रभावित लोगों की परेशानी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, राहत शिविर में सामुदायिक किचन से अभी तक बाढ़ पीड़ितों के लिए भोजन शुरू नहीं हो सका है।

बाढ़ के कारण घरों में खाना बनाने की स्थिति प्रभावित होने वाले परिवार राहत शिविरों में भोजन की व्यवस्था शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही सामुदायिक किचन शुरू कर राहत उपलब्ध कराएगा।

छह पंचायतों में बिजली आपूर्ति बंद

बाढ़ के खतरे को देखते हुए बिजली विभाग ने बुधवार सुबह से दियारा क्षेत्र की छह पंचायतों में बिजली आपूर्ति बंद कर दी है। सुरक्षा के लिहाज से उठाए गए इस कदम का असर ग्रामीणों की दैनिक जिंदगी पर भी पड़ा है। बिजली आपूर्ति बंद होने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई है। साथ ही शाम होते ही सातों पंचायतों में अंधेरा छा जा रहा है। बाढ़ के बीच बिजली नहीं रहने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।

दियारा में सरकारी स्तर पर 12 नावें तैनात

प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की आवाजाही और जरूरत के समय मदद पहुंचाने के लिए नावों की व्यवस्था की है। एसडीओ वीरूपाक्ष विक्रम सिंह के अनुसार, छह पंचायतों में सरकारी स्तर पर 12 नावें चलाई जा रही हैं। इसके अलावा मेडिकल टीम की आवाजाही के लिए भी एक नाव चलाने का निर्देश दिया गया है। स्वास्थ्य संबंधी आपात स्थिति में प्रभावित लोगों तक चिकित्सा सहायता पहुंचाने के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। स्थिति ज्यादा गंभीर होने पर एसडीआरएफ की टीम को भी बुलाया जा सकता है।

दानापुर में गंगा के जलस्तर पर लगातार नजर

एसडीओ ने बताया कि प्रशासन संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर पूरी तरह तैयार है। गंगा के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को अलर्ट किया गया है।

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प्रशासन की ओर से लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। खासकर उन परिवारों को सतर्क किया गया है, जिनके घर निचले क्षेत्रों में हैं और जहां पानी तेजी से बढ़ रहा है।

दियारा में किसानों और पशुपालकों की बढ़ी चिंता

बाढ़ का असर केवल घरों और सड़कों तक सीमित नहीं है। खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलें डूब रही हैं। मकई और हरी सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचने से किसानों के सामने आर्थिक संकट की आशंका बढ़ गई है।

वहीं, पशुपालकों के लिए मवेशियों के चारे और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था करना चुनौती बन गया है। कई लोग अपने पशुओं को लेकर पहले ही ऊंचे स्थानों की ओर चले गए हैं।

आगे जलस्तर बढ़ा तो बढ़ सकती है मुश्किल

फिलहाल देवनाला पुल के पास गंगा का जलस्तर 170.50 फुट दर्ज किया गया है और इसे स्थिर बताया गया है। हालांकि नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। ऐसे में जलस्तर में दोबारा वृद्धि होने पर बाढ़ का प्रभाव और अधिक क्षेत्रों में फैल सकता है।

दानापुर दियारा में फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को सुरक्षित रखना, नावों के जरिए संपर्क बनाए रखना और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सहायता पहुंचाना है। जलस्तर पर लगातार निगरानी के साथ राहत एवं बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है।

बाढ़ प्रभावित लोगों की नजर अब गंगा के जलस्तर में आने वाले बदलाव और प्रशासन की राहत व्यवस्था पर है। यदि पानी कम होता है तो लोगों को राहत मिल सकती है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की स्थिति में दियारा क्षेत्र में संकट और गहरा सकता है।

Nishkarsh Bharat

राज कुमार की रिपोर्ट