नालंदा में अवैध अतिक्रमण के खिलाफ चला बुलडोजर, भारी पुलिस बल तैनात

नालंदा में अतिक्रमण पर कार्रवाई

नालंदा में अतिक्रमण पर प्रशासन ने चलाया बुलडोजर

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (नालंदा)। नालंदा अतिक्रमण के खिलाफ जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। नूरसराय बाजार में सड़क किनारे किए गए अवैध निर्माण और पक्की सीढ़ियों को जेसीबी की मदद से तोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि बाजार में लगातार बढ़ रहे अतिक्रमण के कारण सड़क पर जाम की समस्या के साथ जलजमाव भी गंभीर होता जा रहा था। इसी को देखते हुए अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया गया।

नालंदा अंचलाधिकारी दीपक कुमार के नेतृत्व में भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई। प्रशासन के मुताबिक, अतिक्रमणकारियों को पहले ही लाउडस्पीकर और नोटिस के माध्यम से कब्जा हटाने की चेतावनी दी जा रही थी। तय समय सीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाए जाने के बाद प्रशासन ने जेसीबी चलाकर सड़क और नालों के आसपास किए गए अवैध निर्माण को हटाया।

नालंदा में अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई

नालंदा के नूरसराय बाजार में कार्रवाई के दौरान सड़क किनारे बने पक्के निर्माण, सीढ़ियां और अन्य अवैध ढांचे हटाए गए। जेसीबी के पहुंचते ही बाजार में लोगों की भीड़ जुट गई। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।

नालंदा के अंचलाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण लगातार बढ़ रहा था। कई जगह सड़क की जमीन पर निर्माण कर रास्ते को संकरा कर दिया गया था। इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही थी और जाम की स्थिति बन रही थी।

नालंदा प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे से अवैध निर्माण हटने के बाद यातायात व्यवस्था में सुधार होगा। इसके साथ ही नालों को अतिक्रमण मुक्त कराने से पानी की निकासी की समस्या दूर करने में भी मदद मिलेगी।

नूरसराय में जलजमाव बना बड़ी समस्या

प्रशासन के अनुसार, नूरसराय बाजार में सबसे बड़ी समस्या जल निकासी की है। कई स्थानों पर नालों को भरकर या उन्हें ढककर उनके ऊपर दुकान, चबूतरे और दूसरे निर्माण कर दिए गए हैं। इसके कारण बारिश का पानी निकलने में परेशानी होती है और बाजार क्षेत्र में जलजमाव की स्थिति बन जाती है।

बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से स्थानीय दुकानदारों, राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। लंबे समय तक पानी जमा रहने से बाजार की आवाजाही भी प्रभावित होती है।

अंचलाधिकारी ने बताया कि प्रशासन की प्राथमिकता ऐसे नालों को अतिक्रमण से मुक्त कराना है। इसके बाद सरकारी योजना के तहत इन जगहों पर नए सिरे से नाली निर्माण कराने की तैयारी है। प्रशासन का कहना है कि जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होने से बाजार में जलजमाव की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है।

नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया कब्जा

नालंदा प्रशासन ने कार्रवाई से पहले अतिक्रमणकारियों को कई दिनों तक चेतावनी दी थी। इसके लिए लाउडस्पीकर के माध्यम से घोषणा कराई गई और संबंधित लोगों को नोटिस भी दिया गया। उनसे तय समय सीमा के भीतर सड़क और सार्वजनिक जमीन से कब्जा हटाने को कहा गया था।

प्रशासन के मुताबिक, चेतावनी के बावजूद कुछ लोगों ने अतिक्रमण नहीं हटाया। इसके बाद अभियान चलाकर जेसीबी की मदद से अवैध निर्माण हटाया गया।

कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में सड़क को खाली कराया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अभियान का उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को परेशान करना नहीं, बल्कि सार्वजनिक रास्ते और जल निकासी की व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

नालंदा में चरणबद्ध तरीके से चलेगा अभियान

अधिकारियों के मुताबिक, नूरसराय बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। प्रशासन इसे चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की तैयारी में है। आंतरिक बाजार क्षेत्र के बाद अब मुख्य सड़क और हिलसा-नूरसराय मार्ग पर भी अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जाएगा।

प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के दायरे में आने वाले कई पक्के मकानों को चिह्नित किए जाने की जानकारी दी है। संबंधित लोगों को नोटिस दिए जाने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

मुख्य सड़क के किनारे ठेला लगाने और अस्थायी शेड बनाकर रास्ता घेरने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि सड़क पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा यातायात व्यवस्था में बाधा पैदा करता है, इसलिए ऐसे अतिक्रमण को हटाना जरूरी है।

हिलसा-नूरसराय मार्ग पर भी हटेगा अतिक्रमण

नूरसराय बाजार के बाद हिलसा-नूरसराय मुख्य मार्ग प्रशासन के अभियान के दायरे में रहेगा। इस सड़क पर कई स्थानों पर अतिक्रमण के कारण सड़क की उपयोगी चौड़ाई प्रभावित होने की बात सामने आई है।

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प्रशासन की ओर से ऐसे निर्माण और अस्थायी कब्जों को चिह्नित किया जा रहा है, जो सड़क के विस्तार या यातायात में बाधा बन रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पहले संबंधित लोगों को नोटिस दिया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

इस अभियान में सड़क किनारे बने अस्थायी शेड, ठेले और रास्ता बाधित करने वाले अन्य कब्जों को भी हटाया जा सकता है। प्रशासन का जोर सड़क को सुगम बनाने और बाजार में यातायात व्यवस्था सुधारने पर है।

नालंदा में सड़क और जल निकासी सुधारने पर जोर

नूरसराय में चलाए गए अभियान को प्रशासन सड़क और जल निकासी व्यवस्था सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मान रहा है। अतिक्रमण के कारण जहां सड़कें संकरी हो रही थीं, वहीं नालों पर निर्माण होने से पानी की निकासी भी प्रभावित हो रही थी।

अब प्रशासन की योजना अतिक्रमण हटाने के बाद नालियों को व्यवस्थित करने और जरूरत के अनुसार नए सिरे से निर्माण कराने की है। इससे बारिश के दौरान होने वाले जलजमाव को कम करने की उम्मीद है।

स्थानीय स्तर पर भी लोगों की नजर अब अगले चरण की कार्रवाई पर है। खासकर मुख्य सड़क और हिलसा-नूरसराय मार्ग पर होने वाले अभियान से यातायात व्यवस्था में बदलाव की संभावना है।

फिलहाल नूरसराय बाजार में जेसीबी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद प्रशासन ने अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में मुख्य सड़क और अन्य चिह्नित स्थानों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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