पढ़ाई की आड़ में शराब तस्करी! मोतिहारी में सरपंच का बेटा-भतीजा 20 बोतल के साथ गिरफ्तार, मचा बबाल
मोतिहारी के दो युवक अलीगढ़ में 20 बोतल शराब के साथ गिरफ्तार
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (मोतिहारी)। जिले में शराब तस्करी के मामले में दो युवकों की गिरफ्तारी के बाद पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर थाना क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है। दोनों युवकों को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जंक्शन पर 20 बोतल शराब के साथ गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों हरियाणा से शराब लेकर बिहार की ओर आ रहे थे। अलीगढ़ में तलाशी के दौरान उनके बैग से शराब बरामद होने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि शराब की यह खेप कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
अलीगढ़ जंक्शन पर संदिग्ध हालत में बैठे थे दोनों
मिली जानकारी के अनुसार, छह सितंबर को अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पार्सल यार्ड के पास दो युवक संदिग्ध हालत में बैठे थे। दोनों के पास एक काले और एक नीले रंग का पिट्ठू बैग था। वहां मौजूद आरपीएफ और जीआरपी की टीम को दोनों की गतिविधियों पर संदेह हुआ। इसके बाद उनसे पूछताछ की गई और बैग की तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान दोनों बैग से सिग्नेचर प्रीमियम व्हिस्की की 10-10 बोतलें बरामद हुईं। कुल 20 बोतल शराब मिलने के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों हरियाणा से शराब लेकर बिहार जाने की तैयारी में थे।
मोतिहारी के रहने वाले हैं दोनों आरोपी
पुलिस जांच में गिरफ्तार युवकों की पहचान संग्रामपुर थाना क्षेत्र की उत्तरी भवानीपुर पंचायत के वार्ड संख्या छह निवासी अंकित कुमार उर्फ पिंटू और रौशन कुमार उर्फ मुन्ना के रूप में हुई है। अंकित की उम्र करीब 29 वर्ष, जबकि रौशन की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है।
बताया गया है कि दोनों आपस में चचेरे भाई हैं। पुलिस के मुताबिक, एक युवक मोतिहारी में रहकर पढ़ाई करता है, जबकि दूसरा पटना में रहकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करता है। पढ़ाई की तैयारी के बीच दोनों का शराब के साथ पकड़ा जाना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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शराब मामले में पुलिस खंगाल रही पूरी कुंडली
गिरफ्तारी की सूचना मोतिहारी पुलिस को मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर भी दोनों युवकों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इससे पहले भी उनका किसी आपराधिक गतिविधि या शराब तस्करी से संबंध रहा है या नहीं।
जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि हरियाणा से शराब बिहार तक पहुंचाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस अब संभावित संपर्कों और तस्करी के नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है। जांच में यदि किसी बड़े गिरोह से कनेक्शन सामने आता है तो मामले का दायरा और बढ़ सकता है।
परिवार का पंचायत से भी जुड़ा है संबंध
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार युवकों में से एक की मां वर्तमान में उत्तरी भवानीपुर पंचायत की सरपंच हैं। इसके अलावा बताया गया है कि दोनों के दादा भी पंचायत में कई बार सरपंच रह चुके हैं। इसी वजह से मामला सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर इसकी चर्चा और तेज हो गई है।

हालांकि, किसी रिश्तेदार के पंचायत पद पर होने का मतलब यह नहीं है कि परिवार के सभी सदस्य किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल हैं। फिलहाल पुलिस की जांच दोनों गिरफ्तार युवकों की भूमिका और उनके कथित नेटवर्क तक ही केंद्रित है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर होगी।
पुराने गांजा मामले से भी जुड़ा है इलाका
मोतिहारी शराब तस्करी की इस घटना के बीच उत्तरी भवानीपुर के इसी वार्ड में करीब दो वर्ष पहले हुई कार्रवाई का भी जिक्र सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने उस समय भारी मात्रा में गांजा बरामद करने का दावा किया था। इस मामले में कई लोगों को नामजद किया गया था और कुछ आरोपियों को जेल भेजा गया था।
अब शराब बरामदगी के बाद पुलिस पुराने मामलों और वर्तमान घटना के बीच किसी संभावित कनेक्शन की भी पड़ताल कर रही है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों घटनाओं का आपस में कोई सीधा संबंध है या नहीं।
नशे के कारोबार को लेकर भी जांच
स्थानीय स्तर पर पुलिस को क्षेत्र में सूखे नशे के कथित कारोबार की भी जानकारी मिली है। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इलाके में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करने वाला कोई संगठित नेटवर्क सक्रिय है या नहीं।
पुलिस की जांच में यह भी देखा जा रहा है कि गिरफ्तार दोनों युवकों के संपर्क किन लोगों से थे। उनके मोबाइल फोन, यात्रा से जुड़े विवरण और अन्य उपलब्ध जानकारियां जांच का हिस्सा बन सकती हैं। यदि किसी बड़े नेटवर्क के संकेत मिलते हैं तो दूसरे संदिग्धों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी।
हरियाणा से बिहार तक शराब पहुंचाने का सवाल
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद दूसरे राज्यों से शराब लाकर यहां खपाने के मामले सामने आते रहे हैं। ऐसे मामलों में तस्कर अक्सर दूसरे राज्यों से शराब की खेप लेकर अलग-अलग माध्यमों से बिहार पहुंचाने की कोशिश करते हैं। अलीगढ़ में दोनों युवकों की गिरफ्तारी इसी तरह के एक संभावित प्रयास की ओर इशारा करती है।
हालांकि, इस मामले में शराब की खेप किस व्यक्ति या स्थान तक पहुंचाई जानी थी, इसका अभी आधिकारिक रूप से खुलासा नहीं हुआ है। पुलिस पूछताछ और आगे की जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों युवक खुद इस नेटवर्क का हिस्सा थे या किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर शराब लेकर जा रहे थे।
जांच के बाद साफ होगी तस्वीर
फिलहाल अलीगढ़ में हुई गिरफ्तारी के बाद स्थानीय और संबंधित पुलिस एजेंसियां मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं। बरामद 20 बोतल शराब, हरियाणा से बिहार की यात्रा और दोनों युवकों के स्थानीय संपर्कों की जांच की जा रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि शराब की खेप की सप्लाई के पीछे कोई बड़ा अंतरराज्यीय नेटवर्क है या मामला सीमित स्तर तक ही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ होगी।

इस घटना ने एक बार फिर बिहार में शराब की अवैध सप्लाई को लेकर पुलिस के सामने मौजूद चुनौती को सामने ला दिया है। फिलहाल दोनों युवकों के खिलाफ संबंधित कार्रवाई की जा रही है और उनके कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश तथा पहचान की प्रक्रिया जारी है।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
