पटना के कारोबारी से 50 लाख की साइबर ठगी, शेयर में दोगुना मुनाफे का दिया झांसा, शिकायत दर्ज
शेयर और गोल्ड में दोगुने मुनाफे का झांसा देकर कारोबारी से 50 लाख ठगे
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। पटना में कारोबारी से 50 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अनीसाबाद के आनंद विहार कॉलोनी में रहने वाले कारोबारी संजीव कुमार को साइबर ठगों ने शेयर बाजार और गोल्ड में निवेश के जरिए दोगुना मुनाफा कमाने का लालच दिया। ठगों ने पहले भरोसा कायम किया और इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराते रहे। कारोबारी ने करीब एक सप्ताह में नौ बार RTGS के जरिए कुल 50 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए।
निवेश के नाम पर शुरू हुआ भरोसे का खेल
जानकारी के अनुसार, साइबर ठगों ने संजीव कुमार से संपर्क कर उन्हें शेयर बाजार में निवेश की सलाह दी। बातचीत के दौरान उन्हें दिल्ली के प्रीत विहार स्थित जेवर महल के शेयर में निवेश करने के लिए कहा गया। ठगों ने कारोबारी को बताया कि शेयर और सोने में निवेश से उन्हें बेहतर रिटर्न मिल सकता है।
शुरुआत में ठगों ने निवेश से जुड़ी कई जानकारियां और दस्तावेज कारोबारी को उपलब्ध कराए। भरोसा बढ़ाने के लिए उन्हें GST नंबर भी दिया गया। कारोबारी ने जब इन जानकारियों की जांच की तो शुरुआती स्तर पर उन्हें सब कुछ सही नजर आया। इसी वजह से उन्हें ठगों पर विश्वास हो गया।
कारोबारी को गोल्ड निवेश का भी दिया लालच
भरोसा कायम होने के बाद साइबर ठगों ने कारोबारी को गोल्ड में निवेश के फायदे समझाने शुरू किए। उन्होंने दावा किया कि सोने की कीमत लगातार बढ़ रही है और इसमें पैसा लगाने पर अच्छा मुनाफा मिलेगा। ठगों ने निवेश की रकम को दोगुना करने का भरोसा देकर कारोबारी को लगातार पैसे लगाने के लिए प्रेरित किया।
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ठगों की बातों में आकर कारोबारी ने उनके बताए बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करना शुरू कर दिया। शुरुआत में अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई गई। इसके बाद निवेश की राशि लगातार बढ़ती गई और कारोबारी को उम्मीद रही कि जल्द ही उनकी रकम मुनाफे के साथ वापस मिल जाएगी।
नौ बार में ट्रांसफर किए 50 लाख रुपये
शिकायत के मुताबिक, कारोबारी ने 11 अगस्त से 17 अगस्त 2026 के बीच कुल नौ बार RTGS के जरिए पैसे ट्रांसफर किए। अलग-अलग खातों में भेजी गई रकम धीरे-धीरे 50 लाख रुपये तक पहुंच गई। कारोबारी का कहना है कि यह उनकी जिंदगी भर की कमाई थी, जिसे उन्होंने निवेश के नाम पर साइबर ठगों के बताए खातों में जमा करा दिया।
इस दौरान ठग कारोबारी को निवेश से जुड़े मुनाफे और रकम बढ़ने की जानकारी देते रहे। इससे उन्हें यह भरोसा बना रहा कि उनका पैसा सुरक्षित है और जल्द ही वह उसे निकाल सकेंगे।
पैसा निकालने पर सामने आया साइबर फ्रॉड
कुछ समय बाद जब कारोबारी ने निवेश की गई रकम निकालने की कोशिश की तो समस्या शुरू हो गई। उन्हें पैसा वापस नहीं मिला। इसके बाद साइबर ठगों ने रकम निकालने के लिए कई तरह की शर्तें बताईं और अतिरिक्त पैसे जमा करने की मांग की।
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बार-बार नई शर्तें सामने आने और पैसे की मांग किए जाने पर कारोबारी को संदेह हुआ। उन्होंने पूरे मामले को समझने की कोशिश की तो उन्हें एहसास हुआ कि निवेश और मुनाफे का भरोसा देकर उनके साथ धोखाधड़ी की गई है।
कारोबारी ने साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत
ठगी का पता चलने के बाद संजीव कुमार ने साइबर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि किस तरह साइबर ठगों ने निवेश के नाम पर उनसे संपर्क किया और अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कराई।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें कारोबारी ने पैसे भेजे थे। साथ ही RTGS के जरिए हुए लेनदेन की भी जांच की जा रही है।
मोबाइल नंबर और डिजिटल संपर्क की जांच
जांच के दौरान पुलिस साइबर ठगों के मोबाइल नंबर, कारोबारी से हुई बातचीत और अन्य डिजिटल संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। ठगों की ओर से दिए गए दस्तावेज, GST नंबर और निवेश से संबंधित अन्य जानकारियों की भी जांच की जा रही है।
पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कारोबारी को संपर्क करने वाले लोग कौन हैं और उनके पीछे कोई संगठित साइबर गिरोह काम कर रहा है या नहीं। इसके अलावा 50 लाख रुपये की रकम किन-किन बैंक खातों में पहुंची और उसके बाद कहां ट्रांसफर हुई, इसकी भी पड़ताल की जा रही है।
निवेश के नाम पर ठगी से रहें सावधान
इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन निवेश के नाम पर होने वाली साइबर ठगी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। ठग अक्सर शेयर बाजार, गोल्ड, क्रिप्टोकरेंसी और दूसरे निवेश विकल्पों में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कई मामलों में फर्जी दस्तावेज, GST नंबर और निवेश से जुड़ी जानकारियां देकर पहले भरोसा कायम किया जाता है।

पुलिस का कहना है कि किसी भी निवेश से पहले संबंधित कंपनी और उसके दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच करना जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के बताए बैंक खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर करने से बचना चाहिए। खास तौर पर दोगुना या असामान्य रूप से ज्यादा मुनाफे का दावा करने वाले निवेश प्रस्तावों की पूरी तरह जांच करना जरूरी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
