पटना में बाढ़ का खतरा मंडराया, पुनपुन नदी में बढ़ा जलस्तर, लक्ष्मण झूला बंद
पटना में नदी का जलस्तर बढ़ा, लक्ष्मण झूला पर परिचालन बंद
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। राजधानी पटना में बाढ़ का खतरा अब राजधानी से सटे इलाकों में भी लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है। बिहार की कई नदियों के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के बीच पुनपुन नदी का पानी भी तेजी से बढ़ रहा है। स्थिति को देखते हुए पटना जिला प्रशासन ने पुनपुन नदी पर बने लक्ष्मण झूला पर परिचालन तत्काल रोक दिया है। साथ ही लोगों से नदी और उसके आसपास जाने से बचने की सख्त अपील की गई है।
प्रशासन के इस फैसले को नदी के बढ़ते जलस्तर और तेज बहाव के बीच सुरक्षा की दृष्टि से अहम माना जा रहा है। लोगों को नदी में स्नान करने, पानी में उतरने या बाढ़ के पानी के आसपास घूमने से पूरी तरह बचने को कहा गया है। खास तौर पर बच्चों को नदी और जलभराव वाले इलाकों से दूर रखने की अपील की गई है।
पटना में बाढ़ के बीच लक्ष्मण झूला पर आवाजाही बंद
पुनपुन नदी के ऊपर बना लक्ष्मण झूला स्थानीय लोगों के आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम है। लेकिन नदी के जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण फिलहाल इस पुल पर परिचालन रोक दिया गया है। पुल के नीचे पानी का स्तर काफी ऊपर तक पहुंच गया है। ऐसे में प्रशासन ने किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के लिए लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने का फैसला किया है।
प्रशासन का मानना है कि नदी का जलस्तर यदि इसी तरह बढ़ता रहा तो पानी पुल के और करीब पहुंच सकता है। तेज बहाव की स्थिति में नदी के आसपास मौजूद लोगों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे केवल स्थिति देखने या तस्वीर और वीडियो बनाने के लिए भी नदी किनारे नहीं जाएं।
पटना के जट डुमरी स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक तक पहुंचा पानी
पुनपुन में बढ़ते पानी का असर अब केवल नदी के आसपास तक सीमित नहीं दिखाई दे रहा है। जट डुमरी रेलवे स्टेशन के पास रेलवे ट्रैक तक पानी पहुंचने की बात सामने आई है। रेलवे लाइन के आसपास बाढ़ का पानी पहुंचने से स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ गई है।

रेलवे ट्रैक महत्वपूर्ण परिवहन मार्ग होने के कारण यहां पानी पहुंचना स्थिति की गंभीरता का संकेत माना जा रहा है। संबंधित विभागों की ओर से हालात पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर और पानी के फैलाव को देखते हुए आगे की स्थिति पर लगातार निगरानी की जरूरत बनी हुई है।
पटना में गंगा नदी किनारे जाने से बचने की प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने लोगों को स्पष्ट संदेश दिया है कि मौजूदा हालात में नदी और उसके आसपास किसी तरह का जोखिम न लें। बाढ़ के दौरान अक्सर लोग पानी का स्तर देखने, फोटो लेने या वीडियो बनाने के लिए खतरनाक स्थानों तक पहुंच जाते हैं। यही लापरवाही कई बार हादसे का कारण बन सकती है।
पुनपुन नदी में पानी बढ़ने के साथ किनारे के कई हिस्सों में स्थिति बदल सकती है। तेज बहाव के कारण जमीन के कटाव या पानी के अचानक फैलने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे में लोगों के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में बच्चों पर विशेष नजर
पटना प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष अपील की है। बाढ़ के पानी में खुले गड्ढे, नाले और गहरी जगहें आसानी से दिखाई नहीं देतीं। पानी की सतह सामान्य नजर आने के बावजूद नीचे की स्थिति खतरनाक हो सकती है।
इसी वजह से अभिभावकों से कहा गया है कि वे बच्चों को नदी, जलभराव और तेज बहाव वाले स्थानों के पास न जाने दें। थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटना में बदल सकती है। प्रशासन का जोर लोगों को समय रहते सतर्क करने पर है, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति पैदा न हो।
अफवाहों से बचें, प्रशासन को दें सूचना
पटना प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा नहीं करने की अपील की है। यदि किसी इलाके में पानी तेजी से बढ़ता है या कोई आपात स्थिति सामने आती है तो इसकी जानकारी तत्काल संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को देने की सलाह दी गई है।
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बाढ़ जैसी स्थिति में अफवाहों के कारण लोगों में अनावश्यक भय पैदा हो सकता है। इसलिए प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों और स्थानीय स्तर पर दी जा रही आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।
आने वाले घंटों में जलस्तर पर नजर
पुनपुन नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर आने वाले समय में आसपास के इलाकों के लिए चुनौती बढ़ा सकता है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों को नदी और बाढ़ के पानी से सुरक्षित रखना है। लक्ष्मण झूला पर परिचालन बंद किया जाना भी इसी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा है।

राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों में पहले से बढ़े जलस्तर के बीच पुनपुन की स्थिति पर लोगों की नजर बनी हुई है। आने वाले घंटों में नदी का पानी किस स्तर तक पहुंचता है, यह महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से किसी भी तरह का जोखिम नहीं लेने और नदी से पर्याप्त दूरी बनाए रखने की अपील की है।
संदेश साफ है बाढ़ के पानी को देखने या उसके बीच जाने की कोशिश न करें। सतर्क रहें, बच्चों को सुरक्षित रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
अमन कुमार की रिपोर्ट
