कामाख्या मंदिर में की पूजा सम्राट चौधरी, मधुबनी के ऐतिहासिक राजपरिसर पहुंचे मुख्यमंत्री; डीएम ने सुनाई विरासत की कहानी

सम्राट चौधरी

मधुबनी के ऐतिहासिक राजपरिसर पहुंचे CM सम्राट चौधरी, कामाख्या मां के मंदिर में की पूजा-अर्चना

निष्कर्ष भारत संवाददाता बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को मधुबनी जिले के राजनगर स्थित ऐतिहासिक राजपरिसर पहुंचे। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर पूरे इलाके में प्रशासन की ओर से सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। हेलीकॉप्टर से राजनगर पहुंचे मुख्यमंत्री ने यहां प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की, ऐतिहासिक राजपरिसर की विरासत के बारे में जानकारी ली और विभिन्न धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजनगर स्थित प्रसिद्ध कामाख्या मां मंदिर में पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना भी की। उन्होंने मां कामाख्या से प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर लोगों में खास उत्साह देखने को मिला।

दोपहर 3:14 बजे हेलीकॉप्टर से राजनगर पहुंचे मुख्यमंत्

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार दोपहर करीब 3:14 बजे हेलीकॉप्टर से मधुबनी के राजनगर पहुंचे। उनके आगमन पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए राजनगर और राजपरिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी, ताकि मुख्यमंत्री का कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

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राजनगर पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सबसे पहले अधिकारियों के साथ बातचीत की और राजपरिसर के ऐतिहासिक महत्व को लेकर जानकारी हासिल की।

डीएम ने मुख्यमंत्री को बताई राजपरिसर की विरासत

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के दौरे के दौरान जिलाधिकारी ने उन्हें राजनगर के ऐतिहासिक राजपरिसर के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। बैठक के दौरान डीएम ने यहां मौजूद प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों, धार्मिक धरोहरों और क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

राजपरिसर की ऐतिहासिक पहचान और इसके संरक्षण एवं विकास से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री को बताया गया कि राजनगर का यह इलाका मिथिला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है और यहां कई महत्वपूर्ण स्थल मौजूद हैं।

डीएम ने मुख्यमंत्री को राजपरिसर के इतिहास के साथ-साथ यहां के प्रमुख धार्मिक स्थलों की जानकारी भी दी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्र के विकास और विरासत के संरक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं को समझा।

ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का किया भ्रमण

बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजपरिसर का भ्रमण किया। उन्होंने परिसर में स्थित विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों का जायजा लिया।

मुख्यमंत्री के इस दौरे को राजनगर की ऐतिहासिक विरासत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से स्थल की स्थिति और यहां मौजूद धरोहरों के संबंध में जानकारी ली।

राजपरिसर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की ऐतिहासिक पहचान और धार्मिक महत्व को करीब से समझने की कोशिश की। उनके साथ जिला प्रशासन के अधिकारी और अन्य संबंधित लोग मौजूद रहे।

एसएसबी कैंप पहुंचे मुख्यमंत्री

राजपरिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री करीब 3:24 बजे एसएसबी कैंप पहुंचे। यहां भी प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही।

मुख्यमंत्री के पूरे दौरे के दौरान सुरक्षा एजेंसियां सतर्क रहीं। स्थानीय प्रशासन ने कार्यक्रम के प्रत्येक चरण को लेकर पहले से तैयारियां की थीं।

एसएसबी कैंप पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़े और इसके बाद कामाख्या मां मंदिर पहुंचे।

कामाख्या मां मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राजनगर दौरे का प्रमुख आकर्षण कामाख्या मां मंदिर में उनकी पूजा-अर्चना रही। मुख्यमंत्री मंदिर पहुंचे और मां कामाख्या के दर्शन किए।

उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर मां का आशीर्वाद लिया। करीब 3:35 बजे तक मुख्यमंत्री मंदिर में पूजा-अर्चना करते रहे।

मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर विशेष व्यवस्था की गई थी। पूजा के दौरान धार्मिक माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने मां कामाख्या के चरणों में श्रद्धा भाव से पूजा कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित महेंद्र राम ने किया सम्मानित

कामाख्या मंदिर के बाहर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित महेंद्र राम ने बुके देकर स्वागत और सम्मान किया।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने महेंद्र राम से बातचीत भी की। दोनों के बीच संक्षिप्त मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री ने उनका अभिवादन स्वीकार किया और उनसे बातचीत कर उनका हालचाल जाना।

मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान स्थानीय लोगों और मौजूद लोगों में भी खासा उत्साह देखने को मिला।

पूजा के बाद पिलखवार के लिए रवाना हुए मुख्यमंत्री

राजपरिसर का भ्रमण और कामाख्या मां मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अपने अगले कार्यक्रम के लिए पिलखवार रवाना हो गए।

पिलखवार में मुख्यमंत्री शिवकुमार मिश्र के यहां आयोजित श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक, धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों से जुड़ा रहा।

रविवार को मधुबनी के राजनगर में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में रहा। हेलीकॉप्टर की लैंडिंग से लेकर राजपरिसर भ्रमण, एसएसबी कैंप और कामाख्या मंदिर तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे।

मिथिला की ऐतिहासिक विरासत पर रहा फोकस

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के राजनगर दौरे में मिथिला की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत प्रमुख रूप से चर्चा में रही। जिलाधिकारी द्वारा राजपरिसर के इतिहास और यहां मौजूद महत्वपूर्ण स्थलों की जानकारी दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री ने स्वयं भी परिसर का भ्रमण किया।

राजनगर का ऐतिहासिक राजपरिसर मिथिला क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा हुआ है। ऐसे में मुख्यमंत्री का यहां पहुंचना और विरासत से संबंधित जानकारी लेना क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के दौरे ने एक बार फिर मधुबनी के राजनगर और उसकी ऐतिहासिक पहचान को चर्चा में ला दिया है। कामाख्या मां मंदिर में पूजा-अर्चना और राजपरिसर के भ्रमण के बाद मुख्यमंत्री अपने अगले कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।

अब स्थानीय लोगों की नजर इस बात पर रहेगी कि मुख्यमंत्री के इस दौरे के बाद राजनगर की ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण और क्षेत्र के विकास को लेकर आगे क्या पहल की जाती है।

Nishkarsh bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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