पालीगंज थाने में कैदी की मौत, मचा हड़कंप, जांच में जुटी पुलिस
पालीगंज हाजत में कैदी की मौत
निष्कर्ष भारत, संवाददाता (पटना)। जिले के पालीगंज में कैदी की मौत के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पटना के पालीगंज अनुमंडल के सिगोरी थाना परिसर में पुलिस हिरासत में रखे गए 30 वर्षीय अजय मांझी की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, अजय ने हाजत के बाथरूम में गमछे के सहारे फांसी लगाकर आत्महत्या की। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।
मृतक पालीगंज के अजय मांझी गया जिले के चाकन गांव का रहने वाला था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए पटना एम्स भेज दिया है। वहीं, मृतक के परिवार ने पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठाते हुए ईंट भट्ठा मालिक पर मारपीट के बाद हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों और घटनाक्रम की जांच कर रही है।
सिगोरी थाना हाजत में सुबह मिली मौत की सूचना
जानकारी के मुताबिक, पालीगंज घटना की जानकारी सोमवार की सुबह करीब चार बजे पुलिस को मिली। बताया जा रहा है कि अजय मांझी समेत तीन लोगों को एक मामले में पूछताछ के लिए सिगोरी थाना लाया गया था। तीनों को अन्य कैदियों के साथ हाजत में रखा गया था।
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पुलिस के मुताबिक, रात के दौरान सभी कैदी पालीगंज के हाजत में सो रहे थे। इसी बीच अजय बाथरूम की तरफ गया। कुछ देर बाद चौकीदार ने पुलिसकर्मियों को बाथरूम में उसके फंदे से लटके होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे तत्काल बाहर निकाला और इलाज के लिए पटना एम्स ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पालीगंज घटना की जानकारी सामने आने के बाद पुलिस अधिकारियों के बीच भी अफरा-तफरी मच गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पटना एसएसपी कार्तिकेय कुमार शर्मा, पटना पश्चिम सिटी एसपी संकेत कुमार और पालीगंज अनुमंडल के कई पुलिस अधिकारी सिगोरी थाना पहुंचे।
पालीगंज में पैसों के विवाद से शुरू हुआ मामला
पुलिस के अनुसार, पालीगंज मामले की शुरुआत पैसों के विवाद से हुई थी। बीती रात सिगोरी थाना पुलिस को ईंट भट्ठा मालिक शरद यादव की ओर से एक आवेदन दिया गया था। आवेदन में अजय मांझी और उसके साथियों के साथ पैसे के लेनदेन को लेकर विवाद और मारपीट की बात कही गई थी।
आवेदन मिलने के बाद पुलिस ने पालीगंज के अजय मांझी और उसके दो अन्य साथियों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। पूछताछ के बाद तीनों को हाजत में रखा गया था। इसके कुछ घंटे बाद ही अजय की मौत की सूचना सामने आई।
पटना पश्चिम सिटी एसपी संकेत कुमार ने बताया कि ईंट भट्ठा मालिक शरद यादव और अजय मांझी के बीच पैसे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर थाने में आवेदन दिया गया था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और थाने लाए जाने से पहले अजय के साथ क्या हुआ था।
परिवार ने हत्या का लगाया आरोप
अजय मांझी की मौत के बाद उसके परिवार ने पुलिस के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक की मां नागिया देवी का कहना है कि ईंट भट्ठा मालिक ने पैसे के विवाद को लेकर उनके बेटे को बुलाया था। उनके मुताबिक, इसी दौरान अजय के साथ मारपीट की गई और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
नागिया देवी ने बेटे की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार किया है। उनका आरोप है कि अजय के साथ मारपीट के बाद उसकी हत्या की गई और मामले को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
परिवार के आरोपों को देखते हुए पुलिस ने उनके बयान भी दर्ज किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस हिरासत में मौत से उठे कई सवाल
पालीगंज के सिगोरी थाना परिसर में हुई इस मौत ने पुलिस हिरासत में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाजत में रखे गए व्यक्ति को बाथरूम तक जाने की अनुमति किस तरह दी गई और उस दौरान उसकी निगरानी की व्यवस्था कैसी थी।
पुलिस का कहना है कि घटना उस समय हुई, जब हाजत में मौजूद अन्य लोग सो रहे थे। अब जांच टीम यह भी देख रही है कि अजय किस समय बाथरूम गया, वहां कितनी देर रहा और घटना की जानकारी पुलिस को किस परिस्थिति में मिली।
इसके अलावा, थाने में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग भी जांच का अहम हिस्सा हो सकती है। पुलिस घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं को जोड़कर मामले की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पालीगंज में अधिकारियों ने संभाली जांच की कमान
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने सिगोरी थाने पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने हाजत, बाथरूम और थाना परिसर में मौजूद परिस्थितियों की जानकारी ली। साथ ही, घटना के समय ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और चौकीदार से भी पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के सामने फिलहाल दो अहम पहलू हैं। पहला, अजय मांझी की मौत को लेकर सामने आया आत्महत्या का दावा और दूसरा, परिवार की ओर से लगाया गया हत्या का आरोप। जांच में दोनों पहलुओं को ध्यान में रखा जा रहा है। सिटी एसपी संकेत कुमार के मुताबिक, मृतक के परिवार से भी बयान लिया गया है। वहीं, ईंट भट्ठा मालिक की ओर से दिए गए आवेदन और विवाद से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सामने आएगा मौत का कारण
अजय मांझी के शव को पोस्टमार्टम के लिए पटना एम्स भेजा गया है। पुलिस के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट इस मामले में अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि अजय को थाने लाने से पहले उसके साथ किसी तरह की मारपीट हुई थी या नहीं। परिवार के आरोपों और पुलिस के अनुसार सामने आए घटनाक्रम के बीच की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच जारी रखी है।
विवाद से हिरासत और फिर मौत तक का घटनाक्रम
अब तक सामने आई जानकारी के अनुसार, पैसे के विवाद को लेकर ईंट भट्ठा मालिक की ओर से थाने में आवेदन दिया गया। इसके बाद अजय मांझी और उसके दो साथियों को पूछताछ के लिए थाना लाया गया। तीनों को हाजत में रखा गया। कुछ घंटे बाद सुबह अजय की मौत की सूचना मिली।
एक तरफ पुलिस इसे हाजत के बाथरूम में आत्महत्या का मामला बता रही है, तो दूसरी तरफ परिवार इसे हत्या करार दे रहा है। ऐसे में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिस जांच और घटना से जुड़े अन्य साक्ष्य इस मामले में महत्वपूर्ण होंगे।
पालीगंज में कैदी की मौत का यह मामला पुलिस के लिए जांच का विषय बना हुआ है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम की जांच कर रहे हैं और परिवार के आरोपों को भी जांच के दायरे में रखा गया है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजकुमार सिंह की रिपोर्ट
