अररिया में मिट्टी का टीला बना काल, 4 मासूम दबे…दो की मौत, खेलने के दौरान हादसा

अररिया में मिट्टी धंसी, 2 बच्चों की मौत

अररिया में मिट्टी का टीला धंसने से 2 बच्चों की मौत, NH-27 जाम

निष्कर्ष भारत, संवाददाता (अररिया)। अररिया में मिट्टी के टीले में दबे 4 बच्चों के हादसे से रविवार को नरपतगंज के मधुरा पश्चिम गांव में कोहराम मच गया। अररिया के फुलकाहा थाना क्षेत्र में पूर्वी कोसी नहर के बांध पर खेल रहे चार बच्चे अचानक मिट्टी के बड़े टीले के धंसने से उसके नीचे दब गए। ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद बच्चों को बाहर निकाला और नरपतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। डॉक्टरों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य का इलाज चल रहा है। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने शवों के साथ NH-27 जाम कर दिया।

अररिया हादसे में मृतकों की पहचान मधुरा पश्चिम वार्ड संख्या एक निवासी रविंद्र पासवान के आठ वर्षीय पुत्र आयन्स कुमार और संजीत कुमार पासवान के सात वर्षीय पुत्र साजन कुमार के रूप में हुई है। घायलों में छोटू कुमार पासवान का आठ वर्षीय पुत्र अंकुश कुमार भी शामिल है, जिसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। एक अन्य बच्चे का इलाज अस्पताल में जारी है।

खेलते समय अचानक धंस गया मिट्टी का टीला

बताया गया कि रविवार को चारों बच्चे पूर्वी कोसी नहर के बांध पर खेल रहे थे। इसी दौरान मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। देखते ही देखते बच्चे मिट्टी के नीचे दब गए।

अररिया में बच्चों के दबने की जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जेसीबी या किसी अन्य मशीन का इंतजार किए बिना लोगों ने खुद ही मिट्टी हटाने का काम शुरू कर दिया। काफी प्रयास के बाद चारों बच्चों को बाहर निकाला गया।

इसके बाद ग्रामीण सभी बच्चों को नरपतगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया। दो घायल बच्चों का इलाज शुरू किया गया, जिनमें एक की स्थिति गंभीर बताई गई है।

अररिया में हादसे के बाद गांव में मचा कोहराम

दो बच्चों की मौत की खबर जैसे ही मधुरा पश्चिम गांव पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। मृत बच्चों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया है।

परिजनों और ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों का आरोप है कि नहर के बांध पर लंबे समय से अवैध तरीके से मिट्टी की कटाई की जा रही थी। ग्रामीणों का कहना है कि इसी वजह से बांध के आसपास मिट्टी के बड़े हिस्से कमजोर हो गए थे। हालांकि, अवैध मिट्टी कटाई को लेकर लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

अवैध मिट्टी कटाई को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश

स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्वी कोसी नहर के बांध से कथित तौर पर जेसीबी और ट्रैक्टर के जरिए मिट्टी निकाली जाती रही है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार मिट्टी हटाए जाने से बांध की संरचना प्रभावित हो रही थी।

लोगों का आरोप है कि इस गतिविधि पर समय रहते रोक नहीं लगाई गई। रविवार को मिट्टी का हिस्सा धंसने से चार बच्चों के दबने की घटना ने पहले से मौजूद नाराजगी को और बढ़ा दिया।

ग्रामीणों का कहना है कि अगर नहर के बांध से मिट्टी कटाई पर पहले ही कार्रवाई होती तो शायद हादसा टाला जा सकता था। अब लोग इस मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

शवों का पोस्टमार्टम कराने से किया इनकार

घटना की सूचना मिलने के बाद अररिया के फुलकाहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजनों और ग्रामीणों ने इसका विरोध कर दिया।

ग्रामीणों ने अवैध मिट्टी कटाई की जांच और कार्रवाई की मांग उठाई। साथ ही मृत बच्चों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी सामने आई। इसके बाद मामला और गंभीर हो गया और बड़ी संख्या में लोग विरोध में सड़क पर उतर आए।

NH-27 पर शव रखकर चक्का जाम

दो बच्चों की मौत से आक्रोशित सैकड़ों ग्रामीण शवों के साथ नरपतगंज बाजार पहुंचे। यहां लोगों ने NH-27 को जाम कर दिया। सड़क पर विरोध प्रदर्शन के कारण दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।

चक्का जाम के चलते हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे रहे।

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लोगों की प्रमुख मांग थी कि बांध से कथित अवैध मिट्टी कटाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और हादसे में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।

अररिया प्रशासन ने ग्रामीणों को समझाने का किया प्रयास

NH-27 जाम की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।

अररिया प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और नहर के बांध पर मिट्टी कटाई से जुड़े आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।

जांच में यह पता लगाया जाएगा कि मिट्टी का टीला किन परिस्थितियों में धंसा और क्या वहां किसी तरह की अवैध मिट्टी कटाई की जा रही थी। इसके साथ ही संबंधित गतिविधियों में किसी की भूमिका सामने आने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

हादसे ने खड़े किए सुरक्षा पर सवाल

अररिया के इस घटना ने नहर के बांध और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि ग्रामीणों के आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो अवैध तरीके से मिट्टी हटाने की गतिविधि न केवल बांध के लिए खतरा हो सकती है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों के लिए भी गंभीर जोखिम पैदा कर सकती है।

बच्चों के खेलते समय मिट्टी का हिस्सा अचानक धंसने से हुई दो मौतों ने गांव में मातम पसरा दिया है। एक ओर परिवार अपने बच्चों को खोने के गम में है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण घटना के लिए जिम्मेदारी तय करने की मांग कर रहे हैं।

फिलहाल प्रशासन की जांच और कार्रवाई का इंतजार है। अररिया में हुए हादसे के जांच पूरी होने के बाद ही हादसे की वास्तविक वजह और अवैध मिट्टी कटाई से इसके संबंध की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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