लकड़ी के गुटकों में छिपाकर ले जा रहे थे 297 लीटर शराब, पिकअप चालक गिरफ्तार; खगड़िया में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई
पिकअप वाहन से 297.75 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद
निष्कर्ष भारत-संवाददाता-खगड़िया। बिहार में शराबबंदी के बावजूद तस्कर शराब की खेप एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने के लिए लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं। खगड़िया में उत्पाद विभाग की टीम ने शराब तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन से करीब 297.75 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्करों ने पुलिस और उत्पाद विभाग की टीम को चकमा देने के लिए शराब की बोतलों को लकड़ी के गुटकों के अंदर छिपाकर रखा था। वाहन जांच के दौरान टीम ने संदिग्ध पिकअप को रोककर तलाशी ली, जिसके बाद शराब की बड़ी खेप का खुलासा हुआ।
कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग की टीम ने पिकअप चालक को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चालक की पहचान बांका जिले के खेसर थाना क्षेत्र के मैदान गांव निवासी छोटू कुमार के रूप में हुई है। प्रारंभिक पूछताछ में चालक ने शराब की खेप से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। विभाग अब उसके बयान के आधार पर शराब तस्करी के नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटा है।
झारखंड से लोड हुई थी शराब की खेप
उत्पाद विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में गिरफ्तार चालक ने बताया कि उसने शराब की खेप झारखंड से लोड की थी। इसके बाद उसे खगड़िया की ओर लाया जा रहा था। चालक के मुताबिक, शराब की यह खेप महेशखूंट स्थित एक ईंट-भट्ठे के समीप पहुंचानी थी।
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बताया गया कि वहां पहुंचने के बाद पिकअप वाहन से शराब दूसरे तस्कर को सौंपे जाने की योजना थी। हालांकि, इससे पहले ही उत्पाद विभाग की टीम को इसकी भनक लग गई और वाहन को रास्ते में ही रोक लिया गया। इस कार्रवाई के बाद शराब तस्करी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए पूछताछ की जा रही है।
लकड़ी के गुटकों के अंदर छिपाई गई थी शराब
शराब तस्करी में इस्तेमाल किए गए पिकअप वाहन की तलाशी के दौरान उत्पाद विभाग की टीम को पहली नजर में ऐसा कुछ नहीं मिला, जिससे बड़ी मात्रा में शराब होने का अंदाजा लगाया जा सके। तस्करों ने शराब को छिपाने के लिए लकड़ी के गुटकों का इस्तेमाल किया था।

जांच के दौरान जब लकड़ी के गुटकों को खोलकर देखा गया तो उनके अंदर शराब की बोतलें छिपाकर रखी गई थीं। इसके बाद टीम ने पूरे वाहन की गहन तलाशी ली। तलाशी में कुल 297.75 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद की गई। शराब बरामद होने के बाद चालक को मौके से हिरासत में लेकर गिरफ्तार कर लिया गया।
तस्करी के इस तरीके से यह भी स्पष्ट होता है कि शराब माफिया पुलिस और उत्पाद विभाग की नजरों से बचने के लिए अलग-अलग तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। लकड़ी के गुटकों के अंदर शराब छिपाकर ले जाना इसी तरह की एक कोशिश बताई जा रही है।
आईटीसी दूध फैक्ट्री के पास शुरू हुई थी वाहन जांच
मद्यनिषेध के सहायक आयुक्त विकेश कुमार ने बताया कि उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि शराब की एक बड़ी खेप एप्रोच पथ के रास्ते खगड़िया की ओर ले जाई जा रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए विभाग की टीम ने संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू की।
अधिकारियों के निर्देश पर टीम ने आईटीसी दूध फैक्ट्री के समीप वाहन जांच अभियान चलाया। इसी दौरान एक पिकअप वाहन टीम को संदिग्ध लगा। अधिकारियों ने वाहन को रोककर उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान लकड़ी के गुटकों के भीतर शराब छिपाकर रखे जाने का पता चला।

इसके बाद शराब की पूरी खेप को जब्त कर लिया गया और वाहन चालक छोटू कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। विभाग की ओर से अब बरामद शराब और वाहन से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।
शराब तस्करी के नेटवर्क की तलाश तेज
अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार चालक से पूछताछ में शराब की खेप के स्रोत और संभावित डिलीवरी प्वाइंट से जुड़ी जानकारी मिली है। चालक के बयान के आधार पर अब उन लोगों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है, जो इस तस्करी नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं।

उत्पाद विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि शराब झारखंड में कहां से लोड की गई थी और इसे खगड़िया में किस व्यक्ति को सौंपा जाना था। इसके साथ ही वाहन के कागजात, चालक के दस्तावेज और शराब की खेप से संबंधित अन्य जानकारियों को भी खंगाला जा रहा है।
विभाग की कार्रवाई के बाद शराब तस्करी में इस्तेमाल किए जा रहे नए तरीकों पर भी नजर बढ़ा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि शराब की अवैध ढुलाई करने वालों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
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छापेमारी टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
शराब की बड़ी खेप बरामद करने वाली उत्पाद विभाग की टीम में मद्यनिषेध निरीक्षक धर्मवीर कुमार, एएसआई सुजीत कुमार, स्मृति प्रिया, महेंद्र सिंह, विशाल कुमार और रविंद्र कुमार शामिल थे। टीम ने सूचना के आधार पर वाहन जांच करते हुए इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद दूसरे राज्यों से शराब लाकर उसकी तस्करी की कोशिशें लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे में उत्पाद विभाग की यह कार्रवाई तस्करों के लिए बड़ी चुनौती मानी जा रही है। फिलहाल गिरफ्तार चालक से पूछताछ जारी है और उसके जरिए शराब तस्करी के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।
Nishkarsh Bharat
भूमि आर्या की रिपोर्ट
