बिहार में बदला मौसम, 31 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, पटना में झमाझम बारिश, दिन में छाया अंधेरा
पटना में झमाझम बारिश, बिहार के 31 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। बिहार मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। राज्य के कई हिस्सों में मंगलवार रात से बारिश का दौर जारी है। पटना में बुधवार सुबह से ही काले बादल छाए रहे और तेज बारिश के कारण दिन में अंधेरा जैसा माहौल बन गया। राजधानी के कई इलाकों में बारिश के बाद जलजमाव की स्थिति पैदा हो गई। खगड़िया में रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जबकि सुपौल, बक्सर और भोजपुर में भी बारिश दर्ज की गई है।
मौसम विभाग ने पटना समेत बिहार के 31 जिलों में आज भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। वहीं, राज्य के बाकी सात जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि इन इलाकों में भी आसमान में बादल छाए रह सकते हैं और उमस बढ़ सकती है।
मौसम का सिस्टम 5 सितंबर तक रहेगा सक्रिय
भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और उससे सटे गंगीय क्षेत्र में निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इस मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा, झारखंड और बिहार में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। अगले 48 घंटे तक इसके सक्रिय रहने की संभावना है।
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मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक 3 और 4 सितंबर को भी बिहार के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 5 सितंबर तक बारिश और वज्रपात की गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश की तीव्रता में धीरे-धीरे कमी आ सकती है, हालांकि स्थानीय स्तर पर कुछ इलाकों में बारिश जारी रह सकती है।
पटना में मौसम ने बढ़ाई परेशानी
राजधानी पटना में सुबह से ही काले बादलों का डेरा रहा। कई इलाकों में मूसलाधार बारिश होने से सड़कों पर पानी जमा हो गया। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने पटना में तेज बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।
पटना के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ा दी है। इंद्रपुरी बराज से सोन नदी में 4.25 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद पटना के दियारा क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है।
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दीघा घाट पर गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। वहीं पुनपुन नदी भी लाल निशान से करीब 160 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गई है। सदर प्रखंड के नकटा दियारा और दानापुर के पन्नापुर दियारा समेत मोकामा और बख्तियारपुर के दियारा इलाकों में पानी का असर बढ़ा है। कई जगह स्कूल बंद किए गए हैं। अस्पतालों में पानी भरने से इलाज और स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
बिहार में गंगा उफान पर, कई इलाकों में बाढ़ का असर
बिहार में लगातार बारिश के बीच गंगा और उसकी सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। बक्सर में गंगा का पानी बढ़ने से आसपास की नदियां भी उफान पर हैं। कर्मनाशा नदी का पानी सिकरौल गांव के रास्ते पर करीब तीन फीट तक चढ़ गया है। इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। बक्सर-मोहनिया NH-319A पर भी गंगा का पानी चढ़ गया है।

सड़क पर पानी आने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीण इलाकों में लोग जोखिम उठाकर जरूरी काम के लिए बाहर निकल रहे हैं। जहानाबाद में दरधा नदी में अचानक पानी बढ़ने से जाफरगंज पुल के ऊपर से पानी बहने लगा। बताया जा रहा है कि पुल पर करीब दो फीट पानी बह रहा है, जिससे आवागमन को लेकर लोगों की मुश्किल बढ़ गई है।
मौसम अपडेट: कैमूर से भागलपुर तक बढ़ी मुश्किल
कैमूर की पहाड़ियों पर पिछले 24 घंटे में भारी बारिश हुई है। इसके कारण दुर्गावती, सुगवा, नौहट्टा के अवसानी, तिलौथू की तुतलाही और सासाराम की काव नदी समेत कई नदियों में पानी बढ़ गया है। सुगवा नदी का पानी गुप्ता धाम के मुख्य द्वार तक पहुंच गया है। बाढ़ के पानी में धाम के सामने लगी करीब दर्जनभर दुकानें बह गईं। इससे स्थानीय कारोबारियों को भी नुकसान हुआ है। सहरसा में तेज हवा के कारण 15 लोगों को लेकर जा रही नाव पलट गई।
हादसे में एक महिला की मौत हो गई, जबकि एक बच्ची के लापता होने की सूचना है। घटना के बाद प्रशासन और स्थानीय स्तर पर बचाव अभियान चलाया गया। भागलपुर के नवगछिया में कटाव के कारण करीब 100 साल पुराना दुर्गा मंदिर गंगा में समा गया। जिले में मंगलवार को तेज धार की चपेट में एक नाव भी आ गई। नाव पर 11 मजदूर सवार थे, हालांकि सभी के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई है।
खगड़िया और समस्तीपुर में भी बारिश का दौर
खगड़िया में मंगलवार रात से रुक-रुककर बारिश हो रही है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। मौसम विभाग ने जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। समस्तीपुर में मंगलवार रात हल्की बूंदाबांदी हुई। बुधवार सुबह से आसमान में काले बादल छाए रहे। स्थानीय मौसम विभाग के अनुसार जिले में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है।

]गोपालगंज में भी आसमान में काले बादल छाए हैं और बारिश की संभावना जताई गई है। राज्य के कई अन्य जिलों में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है।
बिहार में सामान्य से 40 फीसदी कम बारिश
लगातार बारिश के बावजूद बिहार में इस मानसून सीजन में अब तक बारिश सामान्य से काफी कम रही है। राज्य में अब तक 782.6 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए थी, लेकिन 487.6 मिलीमीटर ही बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी बारिश सामान्य से करीब 40 फीसदी कम है। हालांकि पिछले 24 घंटे में दक्षिण बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। औरंगाबाद में 110 मिलीमीटर, रोहतास में 103 मिलीमीटर, नवादा में 94.3 मिलीमीटर और गया में 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।
5 सितंबर तक बारिश से राहत के आसार कम
मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बिहार में पूरी तरह मौसम साफ होने की संभावना कम है। 3 और 4 सितंबर को भी कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। 5 सितंबर तक बारिश और वज्रपात की गतिविधियां बनी रहने का अनुमान है। ऐसे में भारी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। प्रशासन की ओर से जारी स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखना भी जरूरी है।
राज कुमार की रिपोर्ट
