बिहार में शराबबंदी फेल : पुलिस की तलाशी में 1.28 करोड़ की विदेशी शराब जब्त, चालक गिरफ्तार

बांका शराब तस्करी में 1.28 करोड़ की विदेशी शराब जब्त

बांका में 16 चक्का ट्रक से 10,694 लीटर विदेशी शराब बरामद

निष्कर्ष भारत संवाददाता बांका। बांका जिले में शराबबंदी के बावजूद शराब तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है। उत्पाद विभाग की टीम ने भलजोर चेकपोस्ट पर मंगलवार सुबह कार्रवाई करते हुए एक 16 चक्का ट्रक से भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की। बांका में बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये बताई जा रही है। शराब को धान की भूसी के बोरों के नीचे छिपाकर झारखंड से बिहार लाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया गया है।

भलजोर चेकपोस्ट पर रोका गया 16 चक्का ट्रक

उत्पाद विभाग को पहले से सूचना मिली थी कि झारखंड की ओर से बांका में एक बड़े ट्रक में शराब की खेप छिपाकर भागलपुर की तरफ ले जाई जा रही है। सूचना मिलने के बाद भलजोर चेकपोस्ट पर वाहनों की सघन जांच शुरू कर दी गई थी। इसी दौरान हंसडीहा की तरफ से आ रहे अशोक लीलैंड के 16 चक्का ट्रक को संदेह के आधार पर रोका गया।

पहली नजर में ट्रक में धान की भूसी के बोरे लदे हुए दिखाई दे रहे थे। सामान्य जांच के दौरान ट्रक एक कृषि सामग्री ले जाने वाला वाहन नजर आ रहा था। हालांकि, उत्पाद विभाग की टीम को मिली सूचना के आधार पर जब ट्रक की गहराई से तलाशी ली गई तो पूरा मामला सामने आ गया।

भूसी के नीचे छिपे थे शराब के कार्टून

तलाशी के दौरान टीम ने ट्रक में ऊपर रखे धान की भूसी के बोरों को हटाना शुरू किया। भूसी हटते ही उसके नीचे शराब के कार्टून दिखाई देने लगे। इसके बाद ट्रक की पूरी तलाशी ली गई। अधिकारियों के मुताबिक शराब को इस तरह छिपाया गया था कि सामान्य वाहन जांच में आसानी से इसका पता नहीं चल सके।

जांच में अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब के कार्टून बरामद हुए। उत्पाद विभाग ने शराब की पूरी खेप को जब्त करते हुए ट्रक को भी अपने कब्जे में ले लिया।

1,214 कार्टून में मिली 10,694.80 लीटर शराब

उत्पाद विभाग के अनुसार ट्रक से कुल 1,214 कार्टून विदेशी शराब बरामद हुई है। वही बांका में जब्त ट्रक में शराब की कुल मात्रा 10,694.80 लीटर बताई गई है। विभाग ने बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 1.28 करोड़ रुपये आंकी है।

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इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी ने एक बार फिर बिहार में शराबबंदी के बावजूद सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर सवाल खड़े किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि शराब की यह खेप किसी बड़े नेटवर्क के माध्यम से बिहार पहुंचाई जा रही थी।

शराबबंदी के बीच पंजाब का लेबल बना अहम सुराग

बरामद शराब के कार्टून की जांच के दौरान एक महत्वपूर्ण बात सामने आई। कार्टूनों पर ‘फॉर सेल इन पंजाब ओनली’ लिखा हुआ था। इससे यह आशंका मजबूत हुई है कि शराब दूसरे राज्य से बिहार में अवैध रूप से लाई जा रही थी।

उत्पाद विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि शराब की खेप वास्तव में कहां से भेजी गई थी और इसे बिहार में किस व्यक्ति या गिरोह तक पहुंचाया जाना था। पंजाब के लिए निर्धारित शराब बिहार तक कैसे पहुंची, इसकी भी जांच की जा रही है।

चालक मोहन लाल गिरफ्तार

कार्रवाई के दौरान उत्पाद विभाग ने ट्रक चालक को भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार चालक की पहचान मोहन लाल के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 23 वर्ष बताई गई है। वह राजस्थान के बाड़मेर जिले के बायतू थाना क्षेत्र के नरसाली नडी का रहने वाला है।

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अधिकारियों द्वारा चालक से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के जरिए शराब की खेप के स्रोत, रास्ते, संभावित गंतव्य और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।

ट्रक और मोबाइल फोन भी जब्त

बांका में शराब के साथ उत्पाद विभाग की टीम ने 16 चक्का ट्रक को भी जब्त कर लिया है। इसके अलावा चालक के पास से एक सैमसंग 5जी स्मार्टफोन बरामद किया गया है। जांच एजेंसियां मोबाइल फोन में मौजूद जानकारी और संपर्कों के आधार पर तस्करी के नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने का प्रयास कर सकती हैं।

अधिकारियों की नजर इस बात पर भी है कि चालक अकेले इस पूरी खेप को लेकर बिहार आया था या उसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा था।

शराबबंदी के बावजूद अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका

बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद शराब की अवैध तस्करी रोकने के लिए सीमावर्ती इलाकों में लगातार वाहन जांच की जाती है। झारखंड की सीमा से लगे बांका जिले में भलजोर चेकपोस्ट को इस लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों की जांच के दौरान कई बार शराब की खेप पकड़ी जाती रही है।

इस मामले में भी जिस तरह धान की भूसी के नीचे शराब छिपाई गई थी, उससे तस्करों द्वारा जांच से बचने के लिए अपनाए जा रहे तरीकों का पता चलता है। बड़ी मात्रा में शराब मिलने के कारण जांच एजेंसियां इसे केवल चालक तक सीमित मामला नहीं मान रही हैं।

मद्यनिषेध थाना बांका में केस दर्ज

मामले को लेकर मद्यनिषेध थाना बांका में कांड संख्या 415/26 दर्ज किया गया है। उत्पाद विभाग और पुलिस ने बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अब जांच का मुख्य फोकस शराब की सप्लाई चेन तक पहुंचने पर है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि शराब कहां से लोड की गई, किसके निर्देश पर ट्रक बिहार पहुंचा और इसे किस स्थान पर उतारा जाना था।

तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश

करीब 1.28 करोड़ रुपये मूल्य की शराब की यह खेप बरामद होने के बाद मामले में अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है। अधिकारियों के अनुसार अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल चालक से पूछताछ और जब्त सामग्री की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। यदि जांच में तस्करी से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

भलजोर चेकपोस्ट पर हुई इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट किया है कि शराब तस्कर बिहार में शराबबंदी के बावजूद अवैध शराब पहुंचाने के लिए नए-नए तरीके अपना रहे हैं। धान की भूसी के नीचे छिपाकर लाई जा रही इतनी बड़ी खेप का पकड़ा जाना उत्पाद विभाग के लिए अहम कार्रवाई मानी जा रही है। अब निगाह इस बात पर है कि जांच एजेंसियां इस खेप के पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क तक कब पहुंचती हैं।

Nishkarsh Bharat

अमन कुमार की रिपोर्ट

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