राज्यपाल के काफिले के सामने युवक का हाई वोल्टेज ड्रामा, दर्जनों पुलिसकर्मियों ने संभाली स्थिति

राज्यपाल

मुजफ्फरपुर में राज्यपाल सर सैयद अता हसनैन के विश्वविद्यालय पहुंचने के पर अफरा-तफरी की स्थिति, युवक अपनी समस्या को लेकर राज्यपाल से मिलने की जिद पर अड़ गया।

निष्कर्ष भारत संवाददाता मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में राज्यपाल सर सैयद अता हसनैन के विश्वविद्यालय पहुंचने के दौरान अचानक अफरा-तफरी की स्थिति बन गई। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय के गेट पर एक युवक अपनी समस्या को लेकर राज्यपाल से मिलने की जिद पर अड़ गया। युवक लगातार राज्यपाल से मुलाकात कराने की मांग करता रहा। पुलिसकर्मियों ने उसे समझाने और शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी बात पर कायम रहा।

मामला बढ़ने के बाद विश्वविद्यालय गेट के बाहर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को लगाया गया। काफी देर तक युवक और पुलिस के बीच स्थिति को संभालने की कोशिश चलती रही। आखिरकार दर्जनों जवानों की मदद से युवक को काबू में लेकर पुलिस वाहन में बैठाया गया और उसे थाने ले जाया गया। इस दौरान मौके पर काफी देर तक हाई वोल्टेज ड्रामा चलता रहा।

राज्यपाल के पहुंचते ही युवक ने शुरू किया हंगामा

बताया जा रहा है कि राज्यपाल सर सैयद अता हसनैन के विश्वविद्यालय परिसर में पहुंचने के दौरान युवक अपनी शिकायत लेकर उनसे मिलना चाहता था। युवक का कहना था कि वह अपनी समस्या सीधे राज्यपाल के सामने रखना चाहता है।

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राज्यपाल के काफिले के विश्वविद्यालय पहुंचने के दौरान युवक लगातार उनसे मिलने की मांग करता रहा। सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने युवक को समझाने की कोशिश की। उसे शांत रहने और मौके से हटने के लिए कहा गया, लेकिन युवक अपनी मांग पर अड़ा रहा।

धीरे-धीरे मामला बढ़ता गया और विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के बाहर लोगों की भीड़ तथा पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ने लगी। राज्यपाल के कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी थी।

दर्जनों जवानों ने युवक को पकड़कर पुलिस वाहन में बैठाया

युवक के लगातार विरोध और हंगामे को देखते हुए पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जवानों को मौके पर बुलाया। पुलिसकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद युवक को पकड़ लिया।

इसके बाद कई पुलिसकर्मियों ने मिलकर युवक को पुलिस वाहन में बैठाया। युवक को हिरासत में लेकर थाने ले जाया गया। इस पूरी कार्रवाई के दौरान विश्वविद्यालय के गेट के बाहर काफी देर तक लोगों की नजरें इस घटनाक्रम पर टिकी रहीं।

घटना के कारण कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति बनी रही। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया और राज्यपाल के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया।

अपनी समस्या लेकर राज्यपाल से मिलना चाहता था युवक

मामले का सबसे अहम पहलू यह है कि युवक आखिर किस समस्या को लेकर राज्यपाल से मिलना चाहता था। सामने आई जानकारी के अनुसार युवक अपनी किसी शिकायत को लेकर राज्यपाल से सीधे मुलाकात करना चाहता था।

वह लगातार अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के सामने अपनी बात रखने की कोशिश करता रहा। हालांकि, उसकी शिकायत की पूरी जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।

युवक को हिरासत में लिए जाने के बाद यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुलिस ने उसके खिलाफ किस आधार पर कार्रवाई की और उसे थाने क्यों ले जाया गया। आधिकारिक तौर पर इस संबंध में विस्तृत जानकारी सामने आने का इंतजार है।

विश्वविद्यालय में सुरक्षा के थे कड़े इंतजाम

राज्यपाल के विश्वविद्यालय दौरे को लेकर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। राज्यपाल के काफिले की सुरक्षा के लिए पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहले से ही मौके पर मौजूद थे।

राज्यपाल के कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश और आवाजाही को लेकर भी सुरक्षा व्यवस्था सख्त रखी गई थी। ऐसे में युवक का अचानक अपनी शिकायत लेकर राज्यपाल से मिलने की कोशिश करना पुलिस के लिए चुनौती बन गया।

सुरक्षा व्यवस्था के बीच युवक को नियंत्रित करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार पुलिस ने उसे वहां से हटाकर थाने पहुंचाया।

मीडिया को भी कार्यक्रम से दूर रखने की बात

राज्यपाल के विश्वविद्यालय कार्यक्रम को लेकर मीडिया की मौजूदगी और कवरेज को लेकर भी चर्चा सामने आई है। बताया जा रहा है कि पूरे कार्यक्रम से मीडिया को दूर रखा गया।

ऐसे में विश्वविद्यालय गेट के बाहर युवक के हंगामे की घटना और पुलिस की कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आना अभी बाकी है।

घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा शुरू हो गई है कि यदि कोई आम नागरिक अपनी समस्या लेकर राज्यपाल से मिलना चाहता है, तो उसके लिए मुलाकात की प्रक्रिया क्या है और ऐसे मामलों में प्रशासन की भूमिका क्या होनी चाहिए।

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युवक की शिकायत और हिरासत का कारण अभी स्पष्ट नहीं

फिलहाल युवक की ओर से की गई शिकायत की वास्तविक प्रकृति स्पष्ट नहीं है। इसी तरह उसे हिरासत में लिए जाने का आधिकारिक कारण भी सामने नहीं आया है।

ऐसे में घटना के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस और प्रशासन की ओर से आधिकारिक जानकारी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि युवक किस मामले को लेकर राज्यपाल से मिलना चाहता था और उसके खिलाफ किस आधार पर कार्रवाई की गई।

फिलहाल इतना जरूर है कि राज्यपाल के विश्वविद्यालय पहुंचने के दौरान मुख्य गेट पर युवक के हंगामे से कुछ समय के लिए सुरक्षा व्यवस्था में हलचल मच गई। दर्जनों पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में युवक को नियंत्रित कर थाने ले जाया गया।

मुजफ्फरपुर की इस घटना ने जहां राज्यपाल की सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान खींचा है, वहीं आम नागरिकों की शिकायत सुनने और जनप्रतिनिधियों अथवा संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों से मुलाकात की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। अब प्रशासन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।

Nishkarsh Bharat

पटना से कीमती कुमारी का रिपोर्ट

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