सासाराम: शिवसागर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, हथियार बनाते एक तस्कर गिरफ्तार; छह हथियार बरामद

फैक्ट्री

शिवसागर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, हथियार बनाते तस्कर गिरफ्तार; 6 हथियार बरामद।

निष्कर्ष भारत संवाददाता रोहतास/सासाराम। बिहार के रोहतास जिले के शिवसागर थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। डिहरा गांव में की गई छापेमारी के दौरान पुलिस ने हथियार निर्माण में जुटे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मौके से छह निर्मित और अर्द्धनिर्मित देसी हथियारों के साथ हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य सामान बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार, कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। छापेमारी के दौरान आरोपी का एक सहयोगी मौके से फरार होने में सफल रहा। पुलिस उसकी पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

गुप्त सूचना पर पुलिस ने की कार्रवाई

प्रभारी सदर डीएसपी गौरव कुमार और शिवसागर थानाध्यक्ष रितेश कुमार सिंह ने थाना परिसर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में कार्रवाई की जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, डिहरा गांव में अवैध तरीके से हथियार निर्माण किए जाने की सूचना मिली थी।

सूचना के सत्यापन के बाद प्रभारी सदर डीएसपी के नेतृत्व में शिवसागर थाना पुलिस, जिला एसटीएफ और तकनीकी शाखा की टीम गठित की गई। टीम ने योजनाबद्ध तरीके से डिहरा गांव में छापेमारी की।

पुलिस टीम के पहुंचते ही वहां मौजूद एक व्यक्ति भाग निकला, जबकि नागेंद्र शर्मा उर्फ नन्हक शर्मा को मौके से पकड़ लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के घर की तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में हथियार और उनके निर्माण से संबंधित सामान बरामद हुआ।

छह निर्मित और अर्द्धनिर्मित हथियार बरामद

पुलिस ने आरोपी के घर से कुल छह निर्मित और अर्द्धनिर्मित देसी हथियार बरामद किए हैं। इसके अलावा हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न लोहे के पुर्जे, मशीन और अन्य उपकरण भी मिले हैं।

बरामद सामान में हथियारों के कुछ हिस्से और निर्माण से संबंधित सामग्री शामिल है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस अवैध कारोबार का नेटवर्क कितना बड़ा है और यहां तैयार किए जा रहे हथियार किन-किन लोगों तक पहुंचाए जाते थे

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पुलिस के मुताबिक, आरोपी से पूछताछ में अवैध हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिले है

कई वर्षों से हथियार बनाने का दावा

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह कई वर्षों से अवैध हथियार बनाने का काम कर रहा था। आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि पहले वह तैयार हथियारों की आपूर्ति प्रतिबंधित नक्सली संगठन MCC को करने का दावा करता है

पुलिस ने इस दावे को जांच के दायरे में रखा है। अब जांच एजेंसियां यह सत्यापित करने में जुटी हैं कि आरोपी के पुराने संपर्क किन लोगों से रहे हैं और क्या वास्तव में उसके हथियार किसी प्रतिबंधित संगठन तक पहुंचते थे।

आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस को बताया कि वर्तमान में वह एक सहयोगी के माध्यम से अपराधियों को मांग के अनुसार हथियार उपलब्ध कराता था। पुलिस ने हथियार खरीदने वाले कुछ संदिग्ध लोगों के नाम भी मिलने की बात कही है।

हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस इनकी जांच कर रही है।

हथियार सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

इस कार्रवाई के बाद पुलिस का अगला फोकस कथित हथियार सप्लाई नेटवर्क पर है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि डिहरा गांव में चल रही अवैध गतिविधि से कितने लोग जुड़े हुए थे।

जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि हथियारों की सप्लाई किन इलाकों में की जाती थी और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, पूछताछ के दौरान सामने आए नामों और तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस टीम लगातार छापेमारी कर रही है।

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पुलिस कार्रवाई से अवैध हथियार कारोबार पर शिकंजा

रोहतास जिले में अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ग्रामीण इलाकों में चोरी-छिपे चलने वाली ऐसी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकती हैं।

पुलिस की कार्रवाई से यह भी सामने आया है कि अवैध हथियारों की सप्लाई रोकने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एसटीएफ और तकनीकी शाखा की टीमों को भी सक्रिय किया जा रहा है।

अधिकारियों का कहना है कि बरामद हथियारों और उपकरणों की जांच के साथ-साथ आरोपी से आगे की पूछताछ की जा रही है। इससे हथियार निर्माण और सप्लाई से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

फिलहाल पुलिस फरार सहयोगी की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में हुआ है या नहीं।

शिवसागर के डिहरा गांव में हुई इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब पूरे मामले के नेटवर्क और हथियारों की सप्लाई चेन की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और सत्यापन के आधार पर इस मामले में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं

Nishkarsh Bharat

पटना से किट्टू सिंह का रिपोर्ट

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