संजय झा का तेजस्वी पर हमला, बोले- वे NRI नेता, उनको बिहार से कोई मतलब नहीं
संजय झा बोले- तेजस्वी NRI नेता, बिहार से उनका कोई मतलब नहीं
निष्कर्ष भारत संवाददाता पटना। संजय झा ने बिहार में बाढ़ के हालात को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष ने तेजस्वी यादव को NRI नेता बताते हुए आरोप लगाया कि जब बिहार में आपदा आती है तो वह राज्य में मौजूद नहीं रहते। संजय झा ने कहा कि तेजस्वी यादव को बिहार की जनता और राज्य की समस्याओं से कोई मतलब नहीं है। उनके इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में बाढ़ को लेकर सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।
बाढ़ के बीच तेज हुई राजनीतिक बयानबाजी
बिहार में कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। नेपाल से बड़ी मात्रा में पानी बिहार की नदियों में आने के कारण कई क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ा है। इसी बीच विपक्ष की ओर से सरकार की तैयारियों और बाढ़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।
तेजस्वी यादव ने भी बाढ़ की स्थिति को लेकर सरकार पर निशाना साधा है। उनके आरोपों के जवाब में संजय झा ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष को सिर्फ बयानबाजी करने के बजाय जमीनी स्थिति को समझना चाहिए।
संजय झा के मुताबिक, वह खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर भी हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल संसाधन विभाग को पूरी तरह अलर्ट किया गया है।
संजय झा बोले- बिहार में स्थिति पर सरकार की नजर
बाढ़ की स्थिति पर बात करते हुए संजय झा ने कहा कि नेपाल से जिस तरह भारी मात्रा में पानी बिहार की ओर आया है, उससे कई इलाकों में चुनौती बढ़ी है। सरकार और प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
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उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का जायजा ले चुके हैं और हवाई सर्वेक्षण के जरिए भी हालात की समीक्षा की जा रही है। सरकार का दावा है कि प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।
संजय झा ने वर्ष 2016 में पटना में आई भीषण बाढ़ का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उस समय दर्ज किए गए जलस्तर की तुलना में इस बार पानी का स्तर उससे भी ऊपर जाने की आशंका है। ऐसे में प्रशासन के सामने चुनौती काफी बड़ी है।
तेजस्वी पर NRI नेता वाला तंज
संजय झा के बयान का सबसे ज्यादा चर्चा वाला हिस्सा तेजस्वी यादव को NRI नेता बताना रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि जब बिहार में बाढ़ या कोई दूसरी आपदा आती है, तब तेजस्वी यादव राज्य में नजर नहीं आते। जदयू नेता ने सवाल उठाया कि जो नेता बिहार की राजनीति में सरकार पर सवाल उठाते हैं, उन्हें संकट के समय जनता के बीच भी दिखाई देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया या राजनीतिक बयान के जरिए बाढ़ की स्थिति का आकलन नहीं किया जा सकता।
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संजय झा का यह बयान ऐसे समय आया है जब बाढ़ को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप लगातार बढ़ रहे हैं। सत्ता पक्ष जहां प्रशासन की तैयारियों को पर्याप्त बता रहा है, वहीं विपक्ष सरकार की व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है।
पुराने कार्यकाल को लेकर भी साधा निशाना
तेजस्वी यादव के मौजूदा आरोपों का जवाब देते हुए संजय झा ने उनके पुराने कार्यकाल को भी निशाने पर लिया। उन्होंने आपदा प्रबंधन को लेकर उस दौर में उठे सवालों का जिक्र किया और पटना के तत्कालीन जिलाधिकारी के जेल जाने की बात भी कही।
संजय झा का कहना था कि तेजस्वी यादव को सरकार की मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाने से पहले अपने कार्यकाल और उस समय की व्यवस्थाओं पर भी नजर डालनी चाहिए। हालांकि, संजय झा के इन आरोपों को लेकर राजनीतिक बहस आगे बढ़ सकती है। विपक्ष की ओर से इस पर अलग प्रतिक्रिया आने की संभावना भी बनी हुई है।
राजद पर भी संजय झा का हमला
सिर्फ तेजस्वी यादव ही नहीं, संजय झा ने राष्ट्रीय जनता दल की राजनीतिक स्थिति पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो वर्षों में राजद की स्थिति लगातार कमजोर हुई है। संजय झा ने कहा कि तेजस्वी यादव को पहले अपनी पार्टी की स्थिति और अपने राजनीतिक प्रदर्शन पर विचार करना चाहिए और उसके बाद सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने चाहिए।

जदयू नेता के इस बयान को बिहार में सत्ता पक्ष की ओर से विपक्ष के खिलाफ एक बड़े राजनीतिक हमले के तौर पर देखा जा रहा है। बाढ़ जैसे संवेदनशील मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बयानबाजी आने वाले दिनों में और तेज हो सकती है।
बाढ़ के मुद्दे पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
बिहार में बाढ़ का मुद्दा इस समय सिर्फ प्रशासनिक चुनौती नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का भी केंद्र बन गया है। एक तरफ सरकार प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और राहत व्यवस्था मजबूत करने की बात कह रही है, वहीं विपक्ष लगातार सरकारी तैयारियों पर सवाल उठा रहा है।
संजय झा ने सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों का बचाव करते हुए कहा कि प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह सतर्क है। उनका जोर इस बात पर रहा कि मौजूदा परिस्थिति में सरकार की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना और स्थिति को नियंत्रण में रखना है।

दूसरी ओर, तेजस्वी यादव और विपक्ष सरकार से बाढ़ प्रबंधन को लेकर जवाब मांग रहे हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बाढ़ की स्थिति के साथ-साथ इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी भी बिहार की सियासत में बड़ा मुद्दा बनी रह सकती है।
